दुनिया का सबसे बड़ा डेटा लीक उजागर, डार्क वेब पर मिली अरबों ईमेल-ID और पासवर्ड

डार्क वेब पर 2 अरब ईमेल और 1.3 अरब पासवर्ड लीक, ऑनलाइन खातों के लिए बड़ा खतरा। मजबूत पासवर्ड और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अपनाकर सुरक्षा बढ़ाएं।

डार्क वेब पर करीब 2 अरब ईमेल एड्रेस और 1.3 अरब पासवर्ड लीक होने से साइबर सुरक्षा के लिहाज से खतरे की घंटी बज गई है। Synthient और विशेषज्ञ ट्रॉय हंट के अनुसार यह अलग-अलग घटनाओं से इकट्ठा किया गया डेटा है। यूनीक पासवर्ड की कमी और पुराने क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल खातों को हैकिंग के लिए संवेदनशील बनाता है।

Data Breach Alert: हाल ही में साइबर सुरक्षा कंपनियों ने डार्क वेब पर अब तक का सबसे बड़ा डेटा लीक सामने लाया है। इसमें लगभग 2 अरब ईमेल एड्रेस और 1.3 अरब पासवर्ड शामिल हैं, जो अलग-अलग लीक से इकट्ठा किए गए हैं। विशेषज्ञ ट्रॉय हंट और Synthient की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना ऑनलाइन खातों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। हर उपयोगकर्ता को अपने पासवर्ड बदलने और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन लागू करने की सलाह दी जा रही है।

कैसे सामने आया इतना बड़ा डेटा

इस लीक को Synthient नाम की साइबर सिक्योरिटी कंपनी ने संकलित किया है। कंपनी ने पिछले कई वर्षों में अलग-अलग जगहों से चोरी हुए क्रेडेंशियल्स को इकट्ठा किया और उनमें से डुप्लीकेट हटा कर केवल यूनिक डेटा रखा। इसके बाद जो आंकड़े सामने आए, उसने साइबर एक्सपर्ट्स को भी चौंका दिया। उपलब्ध डेटा में 62 लाख से ज्यादा ऐसे पासवर्ड हैं, जिन्हें पहले कभी किसी लीक में नहीं देखा गया।

ट्रॉय हंट ने भी साफ कहा है कि यह किसी एक घटना का परिणाम नहीं है, बल्कि कई लीक को जोड़कर तैयार किया गया डेटा सेट है। उनका कहना है कि वह सनसनीखेज हेडलाइन से बचते हैं, लेकिन 2 अरब ईमेल एड्रेस जैसी संख्या खुद ही स्थिति की गंभीरता बताती है।

क्यों बढ़ रही है चिंता

इतना बड़ा डेटा लीक ऑनलाइन खातों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी ऐसे लीक का इस्तेमाल अकाउंट हैकिंग, क्रेडेंशियल स्टफिंग और फ्रॉड जैसी गतिविधियों में करते हैं। बड़ी संख्या में यूनिक पासवर्ड मिलने से साफ है कि कई लोग अब भी कमजोर या दोहराए गए पासवर्ड का इस्तेमाल करते हैं।

डार्क वेब पर मौजूद यह डेटा उन लोगों के लिए भी खतरा है, जिन्होंने सालों पहले लीक हुए क्रेडेंशियल्स को कभी अपडेट नहीं किया। ऐसे अकाउंट सबसे पहले हमलावरों के निशाने पर आते हैं।

खुद को सुरक्षित रखने के तरीके

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि मजबूत और यूनिक पासवर्ड इस्तेमाल करना सबसे जरूरी कदम है। हर अकाउंट के लिए अलग पासवर्ड बनाना और इसे समय-समय पर बदलते रहना चाहिए। यह भी सलाह दी जाती है कि जहां संभव हो, वहां टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को सक्रिय करें ताकि लॉग-इन प्रक्रिया में एक अतिरिक्त सुरक्षा लेयर जुड़ सके।

अगर किसी को शक है कि उनका डेटा पहले किसी लीक का हिस्सा रहा है, तो तुरंत पासवर्ड बदलना और अकाउंट की गतिविधि पर नजर रखना जरूरी है। यह छोटे कदम कई बड़े हमलों से बचा सकते हैं।

Leave a comment