एक शेयर की कीमत करोड़ों में: दुनिया के पांच सबसे महंगे स्टॉक्स जिनकी कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान

बर्कशायर हैथवे से लेकर लिंड्ट एंड स्प्रुंगलि तक, जानिए उन टॉप कंपनियों के बारे में जिनके एक शेयर की कीमत करोड़ों में है। भारत का सबसे महंगा शेयर भी कौन सा है।

दुनिया के शेयर बाजारों में हजारों कंपनियां लिस्टेड हैं, जिनके स्टॉक्स अलग-अलग दामों पर ट्रेड होते हैं। कोई शेयर कुछ सौ रुपये में मिल जाता है, तो कोई हजारों में। लेकिन कुछ कंपनियां ऐसी भी हैं जिनके एक-एक शेयर की कीमत लाखों और करोड़ों रुपये तक पहुंच चुकी है। ये स्टॉक्स अपनी कीमत के साथ-साथ उन कंपनियों की मजबूती, पुरानी साख और विश्‍वास को भी दर्शाते हैं।

यहां हम आपको बताते हैं दुनिया के टॉप 5 सबसे महंगे स्टॉक्स के बारे में, जिनकी कीमत सुनकर आप सोचेंगे कि इतने में तो एक आलीशान बंगला या लग्जरी SUV खरीदी जा सकती है।

बर्कशायर हैथवे: एक शेयर की कीमत 6 करोड़ से ज्यादा

एक शेयर की कीमत करोड़ों में: दुनिया के पांच सबसे महंगे स्टॉक्स जिनकी कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान

इस लिस्ट में सबसे ऊपर नाम है वॉरेन बफेट की कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway Inc.) का। इस अमेरिकी होल्डिंग कंपनी के एक शेयर की कीमत करीब 740395.50 अमेरिकी डॉलर है। भारतीय रुपयों में देखें तो यह लगभग 6 करोड़ 34 लाख रुपये बैठती है।

बर्कशायर हैथवे की सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने कभी भी स्टॉक स्प्लिट नहीं किया, जिसके कारण उसके क्लास A शेयर की कीमत लगातार ऊपर जाती रही। यह कंपनी इंश्योरेंस, रिटेल, ऊर्जा और फाइनेंशियल सर्विस जैसे कई क्षेत्रों में कारोबार करती है। इसके मालिकाना हक के पीछे दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट का नाम है, जो खुद निवेश की दुनिया के सबसे बड़े प्रतीक माने जाते हैं।

लिंड्ट एंड स्प्रुंगलि: चॉकलेट कंपनी, शेयर कीमत 1 करोड़ के पार

स्विट्जरलैंड की प्रीमियम चॉकलेट निर्माता कंपनी लिंड्ट एंड स्प्रुंगलि (Lindt & Sprüngli AG) भी दुनिया की सबसे महंगी कंपनियों में शामिल है। इसके एक शेयर की कीमत करीब 129000 स्विस फ्रैंक है, जो भारतीय मुद्रा में करीब 1 करोड़ 8 लाख रुपये बैठती है।

कंपनी की स्थापना 1845 में हुई थी और यह अपने हाई-क्वालिटी चॉकलेट ब्रांड्स के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। इसकी सीमित संख्या में ट्रेडिंग शेयर और मजबूत ब्रांड पहचान इसके शेयर प्राइस को ऊंचा बनाए रखते हैं।

एनवीआर इंक: अमेरिका की होमबिल्डिंग की बड़ी ताकत

एनवीआर इंक (NVR Inc.) अमेरिका की सबसे बड़ी होमबिल्डर कंपनियों में से एक है। इसके एक शेयर की कीमत लगभग 7116.53 अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय रुपयों में करीब 5 लाख 91 हजार रुपये के बराबर है।

एनवीआर के शेयर इतने महंगे इसलिए हैं क्योंकि यह कंपनी बिना कर्ज के काम करती है और इसकी इक्विटी की मांग बहुत ज्यादा है। साथ ही कंपनी ने अपने शेयर को भी कभी स्प्लिट नहीं किया, जिससे कीमत लगातार बढ़ती रही।

बुकिंग होल्डिंग्स: ऑनलाइन ट्रैवल का दिग्गज खिलाड़ी

बुकिंग होल्डिंग्स इंक (Booking Holdings Inc.) एक ग्लोबल ट्रैवल टेक्नोलॉजी कंपनी है, जो बुकिंग डॉट कॉम, कायाक और प्राइसलाइन जैसे पोर्टल्स को ऑपरेट करती है। इसके शेयर की कीमत 5614.61 अमेरिकी डॉलर है। भारतीय रुपयों में बात करें तो इसकी कीमत करीब 4 लाख 66 हजार रुपये के आस-पास बैठती है।

कोविड के बाद जब ट्रैवल इंडस्ट्री में फिर से बूम आया, तब बुकिंग होल्डिंग्स के शेयर में काफी तेजी आई और इसने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिए।

ऑटोजोन: ऑटोमोटिव पार्ट्स का अमेरिकी बादशाह

ऑटोजोन इंक (AutoZone Inc.) अमेरिका की जानी-मानी आफ्टरमार्केट ऑटोमोटिव पार्ट्स कंपनी है। इसके एक शेयर की कीमत 3715.39 अमेरिकी डॉलर है, जो भारतीय करेंसी में करीब 3 लाख 8 हजार रुपये के बराबर है।

कंपनी के शेयर की इतनी ऊंची कीमत के पीछे इसका लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और विश्‍वासजनक बिजनेस मॉडल है। यह अमेरिका में हजारों आउटलेट्स के जरिये कार रिपेयर और ऑटो पार्ट्स की बिक्री करती है।

भारत में कौन है सबसे महंगा शेयर

एक शेयर की कीमत करोड़ों में: दुनिया के पांच सबसे महंगे स्टॉक्स जिनकी कीमत सुनकर रह जाएंगे हैरान

अब अगर भारत की बात करें, तो यहां सबसे महंगा स्टॉक MRF लिमिटेड का है। यह कंपनी टायर निर्माण के क्षेत्र में काम करती है और 14 जुलाई 2025 को इसका एक शेयर 1 लाख 48 हजार 570 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। भारत में यह अब तक का सबसे महंगा शेयर है, हालांकि इसकी कीमत ग्लोबल स्तर पर टॉप कंपनियों के मुकाबले अभी काफी पीछे है।

एमआरएफ की खास बात यह है कि इसने भी कभी अपने शेयर को स्प्लिट नहीं किया और न ही बोनस शेयर जारी किए। यही कारण है कि इसकी कीमत लगातार बढ़ती रही और यह भारत के सबसे कीमती शेयरों में गिना जाता है।

कीमत ऊंची, मगर सिर्फ कीमत नहीं है पैमाना

इन सभी कंपनियों के शेयर भले ही महंगे हैं, लेकिन यह बात जरूरी नहीं कि महंगे शेयर का मतलब हमेशा ज्यादा मार्केट वैल्यू ही हो। किसी कंपनी की असली ताकत उसकी मार्केट कैप, प्रॉफिटेबिलिटी, डिविडेंड रिकॉर्ड और बिजनेस स्थिरता से तय होती है।

इन स्टॉक्स की ऊंची कीमतें उनके स्प्लिट न होने, सीमित शेयरों और निवेशकों के बीच भारी मांग के चलते है। यही वजह है कि ये स्टॉक्स अपनी कीमत के साथ-साथ अपनी साख और पहचान के लिए भी दुनियाभर में पहचाने जाते हैं।

Leave a comment