इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने 25 वर्ष की उम्र में लिया संन्यास, चोटों से जूझते हुए खत्म हुआ करियर

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने महज 25 वर्ष की उम्र में पेशेवर क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी है। लगातार चोटों से जूझ रहे टर्नर पिछले एक साल से मैदान

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जॉन टर्नर ने महज 25 वर्ष की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को चौंका दिया है। टर्नर ने साल 2024 में इंग्लैंड के लिए चार अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले थे, लेकिन पीठ की गंभीर चोट के चलते उनका करियर समय से पहले थम गया।

स्पोर्ट्स न्यूज़: क्रिकेट जगत में कई खिलाड़ी लंबे करियर और बड़ी उपलब्धियों के लिए याद किए जाते हैं, लेकिन कुछ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की यात्रा चोटों के कारण समय से पहले ही समाप्त हो जाती है। इंग्लैंड के युवा तेज गेंदबाज John Turner के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ है। महज 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है, जिससे क्रिकेट प्रशंसकों और खेल विशेषज्ञों को आश्चर्य हुआ है।

टर्नर को इंग्लैंड के लिए केवल चार अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने का अवसर मिला, लेकिन लगातार चोटों और फिटनेस समस्याओं ने उनके करियर की रफ्तार को प्रभावित किया। लंबे समय तक मैदान से दूर रहने के बाद उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का कठिन निर्णय लिया।

चोटों ने रोका उभरते करियर का सफर

जॉन टर्नर पिछले एक वर्ष से अधिक समय से पीठ की गंभीर चोट से जूझ रहे थे। रिपोर्टों के अनुसार, स्ट्रेस फ्रैक्चर की समस्या के कारण वह जून 2025 के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट नहीं खेल सके। लगातार पुनर्वास और वापसी की कोशिशों के बावजूद उनकी फिटनेस पूरी तरह बहाल नहीं हो पाई। खेल चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गेंदबाजों पर पड़ने वाला शारीरिक दबाव अक्सर पीठ और कमर से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बनता है। कई बार ऐसी चोटें खिलाड़ियों के करियर को लंबी अवधि तक प्रभावित कर सकती हैं। टर्नर के मामले में भी यही स्थिति देखने को मिली।

इंग्लैंड के लिए सीमित लेकिन यादगार अंतरराष्ट्रीय करियर

दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में जन्मे जॉन टर्नर ने अपनी प्रतिभा के दम पर इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम तक पहुंच बनाई। उन्हें 2024 में इंग्लैंड के वेस्टइंडीज दौरे के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने का मौका मिला। अपने छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने दो एकदिवसीय (ODI) और दो टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले। 

इन चार मैचों में उन्होंने तीन विकेट हासिल किए। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय सफर लंबा नहीं रहा, लेकिन राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। कई युवा खिलाड़ियों की तरह टर्नर ने भी इंग्लैंड की जर्सी पहनने का सपना देखा था, जिसे उन्होंने अपने करियर के शुरुआती दौर में ही पूरा कर लिया।

घरेलू क्रिकेट में भी दिखाई प्रतिभा

जॉन टर्नर का अधिकांश करियर काउंटी क्रिकेट में बीता। वह इंग्लैंड की प्रतिष्ठित काउंटी टीम हैम्पशायर से जुड़े रहे और तेज गेंदबाजी विभाग का हिस्सा बने। हालांकि चोटों के कारण उन्हें लगातार खेलने का अवसर नहीं मिला। उन्होंने हैम्पशायर के लिए सीमित संख्या में प्रथम श्रेणी मुकाबले खेले, लेकिन जब भी मैदान पर उतरे, अपनी गति और गेंदबाजी कौशल से प्रभावित किया। 

करियर के दौरान उन्होंने लोन अवधि में लैंकाशायर के लिए भी खेला, जहां वापसी की उम्मीदें जगी थीं। लेकिन दुर्भाग्य से चोटों ने फिर उनका साथ नहीं छोड़ा।विश्लेषकों का मानना है कि यदि वह फिट रहते, तो इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी विकल्पों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते थे।

संन्यास पर क्या बोले जॉन टर्नर?

अपने संन्यास की घोषणा करते हुए टर्नर ने कहा कि पेशेवर और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना हमेशा उनका सपना रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि क्रिकेट छोड़ने का फैसला उनके जीवन के सबसे कठिन निर्णयों में से एक है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चोट से जूझने के बाद उन्हें अपने भविष्य के बारे में गंभीरता से विचार करना पड़ा। लगातार शारीरिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बीच उन्होंने महसूस किया कि जीवन में नई दिशा और नए अवसरों की तलाश करने का समय आ गया है।

टर्नर ने अपने बयान में हैम्पशायर क्रिकेट क्लब और वहां मिले समर्थन के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्लब के साथ बिताए गए वर्ष उनके जीवन के सबसे यादगार और महत्वपूर्ण अनुभवों में शामिल रहेंगे।

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