Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने प्राइवेट ट्रस्ट्स से जुड़े नियमों में अहम बदलाव करते हुए नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी की है।
बिजनेस न्यूज़: कर्मचारी भविष्य निधि व्यवस्था (EPF) को और मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए Employees' Provident Fund Organisation (EPFO) ने प्राइवेट या छूट प्राप्त ट्रस्ट्स (Private PF Trusts) के लिए नए और सख्त नियम लागू किए हैं। इन नियमों का उद्देश्य कर्मचारियों की बचत को सुरक्षित रखना और सभी संस्थानों में समान या बेहतर लाभ सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के तहत अब प्राइवेट ट्रस्ट्स को अपने कर्मचारियों को EPFO द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं से कम नहीं, बल्कि बराबर या बेहतर लाभ देना अनिवार्य होगा।
प्राइवेट PF ट्रस्ट क्या होते हैं?
प्राइवेट PF ट्रस्ट वे संस्थाएं होती हैं जो अपने कर्मचारियों के भविष्य निधि योगदान को सीधे Employees' Provident Fund Organisation के केंद्रीय फंड में जमा करने के बजाय अपने स्वयं के ट्रस्ट के माध्यम से प्रबंधित करती हैं। इनमें सार्वजनिक और निजी दोनों प्रकार की बड़ी कंपनियां शामिल होती हैं। ऐसे ट्रस्टों का उद्देश्य आमतौर पर बेहतर रिटर्न और तेज़ सेवाएं देना होता है, लेकिन अब इन पर सख्त नियंत्रण लागू कर दिया गया है।
नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को Central Board of Trustees EPFO ने मंजूरी दी है, जिसकी अध्यक्षता श्रम एवं रोजगार मंत्री Mansukh Mandaviya करते हैं। इस नई SOP के तहत पुरानी चार अलग-अलग प्रक्रियाओं को एकीकृत कर दिया गया है, ताकि नियमों को सरल बनाया जा सके और अनुपालन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
प्रमुख बदलाव: अब नियम हुए और सख्त
![]()
- EPFO से बेहतर या बराबर लाभ अनिवार्य: नई नीति के अनुसार, सभी छूट प्राप्त संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके द्वारा दिए जाने वाले लाभ कम से कम EPFO के बराबर या उससे बेहतर हों।
- ब्याज दर पर सख्त नियंत्रण: अब प्राइवेट ट्रस्ट मनमाने तरीके से ब्याज दर तय नहीं कर सकेंगे। अधिकतम ब्याज सीमा EPFO की दर से केवल 200 बेसिस पॉइंट (2%) अधिक तक सीमित कर दी गई है। पहले कुछ मामलों में यह देखा गया था कि संस्थान अत्यधिक उच्च ब्याज (30–34% तक) देने का दावा कर रहे थे, जिसे अब नियंत्रित किया गया है।
- निष्क्रिय खातों का ट्रांसफर अनिवार्य: नई व्यवस्था के तहत निष्क्रिय खातों और बिना KYC वाले खातों में जमा राशि को ब्याज सहित EPFO के केंद्रीय फंड में ट्रांसफर करना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों के फंड की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- छूट रद्द होने का खतरा: यदि कोई प्राइवेट ट्रस्ट नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसकी छूट (Exemption Status) रद्द की जा सकती है और उसे EPFO के नियमों के तहत आना होगा।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश में 1250 से अधिक प्राइवेट PF ट्रस्ट हैं जो लगभग 32 लाख कर्मचारियों की ₹3.5 लाख करोड़ से अधिक की बचत का प्रबंधन करते हैं। यह नया नियम इन सभी संस्थानों पर लागू होगा।









