राजस्थान के सीकर जिले की गोकुलपुरा थाना पुलिस ने 100 ग्राम अफीम के साथ आरोपी धर्मवीर शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी हॉस्टल में रहने वाले युवकों को अफीम सप्लाई करने की तैयारी में था। पुलिस ने कार जब्त कर नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
सीकर: राजस्थान के Sikar जिले में पुलिस ने मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को 100 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कथित तौर पर अफीम को छोटे पैकेटों में बांटकर हॉस्टल में रहने वाले छात्रों को सप्लाई करने की तैयारी कर रहा था।
घटना गोकुलपुरा थाना क्षेत्र की है, जहां नियमित गश्त के दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधि दिखाई दी। अधिकारियों का कहना है कि मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस को देखकर भागने की कोशिश
Rajasthan Police के अनुसार गोकुलपुरा थाना प्रभारी प्रीति बेनीवाल अपनी टीम के साथ नियमित गश्त पर थीं। इसी दौरान पुलिस टीम जयपुर रोड स्थित तुर्किये जोहड़े के पास पहुंची, जहां एक अल्टो कार संदिग्ध अवस्था में खड़ी दिखाई दी।
पुलिस के मुताबिक जैसे ही कार में मौजूद व्यक्ति ने पुलिस वाहन को देखा, उसने वहां से भागने की कोशिश की। संदिग्ध हरकत को देखते हुए पुलिस ने तुरंत वाहन को रुकवाया और तलाशी ली।
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तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक प्लास्टिक की थैली में लगभग 100 ग्राम अफीम बरामद हुई।
आरोपी की पहचान और वाहन जब्त
पुलिस ने आरोपी की पहचान धर्मवीर शर्मा (47) के रूप में की है, जो सीकर जिले के बस स्टैंड क्षेत्र के पास महामाया मंदिर इलाके का निवासी बताया जा रहा है।
गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने आरोपी की अल्टो कार भी जब्त कर ली है। अधिकारियों के अनुसार बरामद अफीम की बाजार कीमत और इसके स्रोत की जांच की जा रही है।
हॉस्टल छात्रों को सप्लाई का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी को किसी सप्लायर द्वारा अफीम की खेप दी गई थी। इसके बाद वह कथित तौर पर इसे छोटे-छोटे पैकेटों में बांटकर सीकर शहर के दासा की ढाणी क्षेत्र के पास स्थित हॉस्टलों में रहने वाले युवाओं को बेचने वाला था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा मादक पदार्थ कहां से लाया गया था।
जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला स्थानीय स्तर पर सक्रिय एक बड़े ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है।
युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति चिंता का विषय
विशेषज्ञों का कहना है कि भारत के कई शहरों में छात्रों और युवाओं के बीच नशे की बढ़ती प्रवृत्ति गंभीर सामाजिक चिंता बनती जा रही है।
शैक्षणिक संस्थानों और हॉस्टलों के आसपास ड्रग्स की सप्लाई को लेकर लगातार पुलिस निगरानी बढ़ाई जा रही है। कानून प्रवर्तन एजेंसियों का मानना है कि छोटे स्तर के सप्लायर युवाओं को आसान निशाना बनाते हैं।
सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान और कड़ी कानूनी कार्रवाई दोनों ही जरूरी हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मामला दर्ज किया है। यह कानून भारत में मादक पदार्थों के उत्पादन, तस्करी और बिक्री को नियंत्रित करता है।
यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो आरोपी को सख्त सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
पुलिस नेटवर्क की जांच में जुटी
अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस सप्लायर से जुड़ा था और इस नेटवर्क का संचालन कैसे हो रहा था।
इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि क्या इससे पहले भी छात्रों तक मादक पदार्थ पहुंचाए गए थे।
पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए तकनीकी और स्थानीय दोनों स्तरों पर जांच जारी है।
स्थानीय पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में गोकुलपुरा थाना पुलिस की टीम ने अहम भूमिका निभाई। अधिकारियों के अनुसार कांस्टेबल ओमप्रकाश की सतर्कता और सूचना के आधार पर आरोपी को समय रहते गिरफ्तार किया जा सका।
राजस्थान पुलिस ने कहा है कि जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और युवाओं को नशे से बचाने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।







