उत्तराखंड शिक्षा विभाग में कार्ययोजित आदेश पर विवाद, तबादलों की पारदर्शिता को लेकर शिक्षकों ने उठाए सवाल

उत्तराखंड शिक्षा विभाग में कार्ययोजित आदेश से हो रही तैनातियों पर शिक्षक सवाल उठा रहे हैं। पारदर्शिता और चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद बढ़ा।

उत्तराखंड शिक्षा विभाग में कार्ययोजित आदेश के जरिए चुनिंदा शिक्षकों की तैनाती को लेकर विवाद बढ़ गया है। सामान्य तबादले बंद होने के बीच शिक्षक प्रक्रिया की पारदर्शिता और चयन के आधार पर सवाल उठा रहे हैं।

 Dehradun: उत्तराखंड शिक्षा विभाग में कार्ययोजित आदेश के माध्यम से हो रहे शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से नियमित तबादला प्रक्रिया बंद होने के बावजूद कुछ शिक्षकों की मनचाही तैनाती किए जाने पर कई शिक्षक सवाल उठा रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि बीमारी और पारिवारिक समस्याओं से जुड़े मामलों की अनदेखी करते हुए केवल चुनिंदा लोगों को राहत दी जा रही है।

कार्ययोजित आदेश को लेकर बढ़ी नाराजगी

उत्तराखंड शिक्षा विभाग में इन दिनों कार्ययोजित आदेश के जरिए शिक्षकों की तैनाती चर्चा का विषय बनी हुई है। सामान्य, वार्षिक और अनुरोध आधारित तबादले पिछले करीब दो वर्षों से बंद हैं। ऐसे में विभाग द्वारा विशेष परिस्थितियों में कार्ययोजित आदेश जारी किए जा रहे हैं।

उत्तराखंड शिक्षा विभाग में कार्ययोजित आदेश पर विवाद, तबादलों की पारदर्शिता को लेकर शिक्षकों ने उठाए सवाल

हालांकि, कई शिक्षक इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब नियमित तबादले रुके हुए हैं तो केवल कुछ शिक्षकों को ही कार्ययोजित के माध्यम से दूसरी जगह तैनाती क्यों दी जा रही है।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आदेश

शिक्षकों के बीच कार्ययोजित आदेश से जुड़े पत्र सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों के जरिए प्रक्रिया की पारदर्शिता और चयन के मानकों पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

शिक्षकों का कहना है कि परिवार में बीमारी, दूरी और अन्य गंभीर कारणों से कई शिक्षक वर्षों से तबादले का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही। इससे विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।

कई शिक्षकों की बदली गई तैनाती

हाल ही में जारी आदेशों के तहत टिहरी, अल्मोड़ा, चंपावत और देहरादून समेत कई जिलों में शिक्षकों की कार्ययोजित तैनाती की गई है। इनमें जीव विज्ञान, अंग्रेजी, कला और भौतिक विज्ञान विषयों के शिक्षक शामिल हैं।

माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने कहा कि यह कार्रवाई शिक्षा महानिदेशालय के निर्देशों के तहत की गई है। वहीं दूसरी ओर, तबादलों से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण सामान्य प्रक्रिया फिलहाल पूरी तरह बाधित बताई जा रही है।

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