एरिक्सन रिपोर्ट! भारत 2031 तक बनेगा 1 अरब+ 5G सब्सक्रिप्शन वाला देश

एरिक्सन रिपोर्ट 2025: भारत में 2031 तक 5G सब्सक्रिप्शन 1 अरब पार करेंगे, 5G कवरेज 79% तक पहुंचेगी और डेटा ट्रैफिक तेज़ी से बढ़ेगा।

एरिक्सन की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 2031 तक 5G सब्सक्रिप्शन 1 अरब पार कर सकते हैं। 5G कवरेज 79% तक पहुंचेगा और मोबाइल डेटा ट्रैफिक में तेज़ी आएगी, जिससे डिजिटलाइजेशन और इंटरनेट आधारित सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

Report: एरिक्सन की मोबिलिटी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत 2031 तक एक अरब से अधिक 5G सब्सक्रिप्शन पार कर लेगा। इस समय तक देश में 5G की पैठ लगभग 79% तक पहुंचने की उम्मीद है। 2025 के अंत तक भारत में 39.4 करोड़ 5G सब्सक्रिप्शन होने का अनुमान है, जो देश में कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का 32% होंगे। यह डेटा तेजी से बढ़ते मोबाइल इंटरनेट और 5G नेटवर्क विस्तार को दर्शाता है।

भारत दुनिया का सबसे तेज़ डेटा मार्केट

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते डेटा मार्केट्स में से एक है। हर एक्टिव स्मार्टफोन उपयोगकर्ता इस समय लगभग 36 GB मोबाइल डेटा प्रति माह इस्तेमाल करता है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा है। यह आंकड़ा 2031 तक बढ़कर 65 GB प्रति माह होने की संभावना है। इस वृद्धि के पीछे 5G नेटवर्क विस्तार, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) का बढ़ता इस्तेमाल और सस्ते 5G डिवाइस उपलब्ध होना मुख्य कारण हैं।

5G अपनाने की दर और वैश्विक रुझान

एरिक्सन की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 2025 के अंत तक 5G सब्सक्रिप्शन 2.9 अरब तक पहुंच जाएंगे, जो कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। 2031 तक यह संख्या 6.4 अरब तक बढ़ सकती है, जो कुल मोबाइल सब्सक्रिप्शन का करीब दो-तिहाई होगी। इनमें से लगभग 65% सब्सक्रिप्शन 5G स्टैंडअलोन (SA) होंगे। सिर्फ इस साल ही दुनिया भर के ऑपरेटरों ने 60 करोड़ नए 5G सब्सक्रिप्शन जोड़े हैं, और 40 करोड़ लोगों को पहली बार 5G कवरेज मिला है।

5G कवरेज और वैश्विक विस्तार

इस साल के अंत तक चीन के बाहर दुनिया की आधी आबादी 5G नेटवर्क की पहुंच में होगी। 2031 तक यह कवरेज बढ़कर 85% तक पहुंच सकती है। यह तेजी से 5G अपनाने और नेटवर्क विस्तार को दर्शाता है। 5G नेटवर्क डिजिटलाइजेशन और इंटरनेट आधारित सेवाओं के लिए आधार बन रहा है।

FWA की बढ़ती मांग

भारत में 5G फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA) की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है मोबाइल डेटा का भारी इस्तेमाल और किफायती ग्राहक प्रिमाइसेस इक्विपमेंट (CPE) का उपलब्ध होना। वैश्विक स्तर पर 2031 तक FWA ब्रॉडबैंड से लगभग 1.4 अरब लोग जुड़ने की उम्मीद है, जिनमें 90% कनेक्शन 5G नेटवर्क के जरिए होंगे।

डेटा ट्रैफिक में तेज़ी

एरिक्सन रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मोबाइल नेटवर्क डेटा ट्रैफिक Q3 2024 से Q3 2025 के बीच 20% बढ़ा, जो पहले अनुमान से ज्यादा है। इस वृद्धि में भारत और चीन का सबसे बड़ा योगदान रहा। 2025 के अंत तक अनुमान है कि सभी मोबाइल डेटा ट्रैफिक का 43% हिस्सा 5G नेटवर्क पर होगा। यह आंकड़ा 2031 तक बढ़कर 83% हो जाएगा।

डिजिटलाइजेशन में 5G का योगदान

एरिक्सन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन बंसल ने कहा कि 5G देश में डिजिटलाइजेशन को आगे बढ़ाने वाला अहम इंफ्रास्ट्रक्चर बन चुका है। 5G नेटवर्क सिर्फ तेजी से इंटरनेट सेवा नहीं देता बल्कि एंटरप्राइज, एजुकेशन, हेल्थ और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में नवाचार की दिशा भी तय करता है।

Leave a comment