EWS आरक्षण नियमों में बदलाव की मांग, पूर्व RTDC चेयरमैन ने उठाई EWS सरलीकरण की मांग

पूर्व RTDC चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने EWS आरक्षण नियम सरल बनाने की मांग उठाई है । कहा - जटिल शर्तों के कारण वास्तविक पात्र युवा लाभ से वंचित हैं।

जैसलमेर में आयोजित EWS विचार गोष्ठी में पूर्व RTDC चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि जटिल नियमों के कारण गरीब और पात्र युवाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिल पा रहा। उन्होंने नियम सरल बनाने और जनआंदोलन तेज करने की बात कही।

जैसलमेर: राजस्थान में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) आरक्षण को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। राजस्थान पर्यटन विकास निगम (RTDC) के पूर्व चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा है कि मौजूदा नियम और जटिल प्रक्रियाएं वास्तविक जरूरतमंद युवाओं को EWS आरक्षण का लाभ लेने से रोक रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि सरकार नियमों को सरल नहीं बनाती, तो लाखों योग्य युवा अवसरों से वंचित रह सकते हैं।

जैसलमेर में आयोजित एक विचार गोष्ठी के दौरान राठौड़ ने युवाओं, सामाजिक संगठनों और बुद्धिजीवियों से संवाद किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य EWS आरक्षण से जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं को समझना और सरकार तक आम लोगों की आवाज पहुंचाना था।

जैन उत्कर्ष भवन में हुई महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी

जैसलमेर के जैन उत्कर्ष भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। गोष्ठी में EWS प्रमाणपत्र, पात्रता शर्तों और आरक्षण प्रक्रिया में आने वाली दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा हुई।

राठौड़ ने कहा कि EWS आरक्षण का मूल उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को शिक्षा और रोजगार में अवसर देना था, लेकिन जमीनी स्तर पर कई ऐसे युवा हैं जो पात्र होने के बावजूद जटिल नियमों के कारण इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

“वास्तविक लाभार्थी वंचित रह रहे हैं”

धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आरक्षण तो लागू कर दिया, लेकिन इसकी शर्तें इतनी कठिन हैं कि असली लाभार्थियों तक इसका फायदा पहुंच ही नहीं पा रहा।

उन्होंने कहा कि—

“जब गरीब और योग्य युवाओं को आरक्षण का लाभ नहीं मिलता, तो उनके भीतर निराशा पैदा होती है। ऐसे में नियमों का सरलीकरण जरूरी है ताकि लाभ सीधे जरूरतमंदों तक पहुंचे।”

राठौड़ के मुताबिक EWS का लाभ पाने के लिए कई बार ऐसी प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता है जो ग्रामीण और निम्न आय वर्ग के युवाओं के लिए मुश्किल साबित होती हैं।

बेरोजगारी और आरक्षण का संबंध

गोष्ठी के दौरान राठौड़ ने युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नौकरी हासिल करना युवाओं के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है और ऐसे में EWS आरक्षण उनके लिए उम्मीद की किरण साबित हो सकता है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी गरीब परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिलती है, तो उसका सीधा असर पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है।

राठौड़ ने यह भी कहा कि पहले सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को लगता था कि उनके पास किसी प्रकार का आरक्षण नहीं है, जिससे उनमें निराशा बढ़ती थी। लेकिन EWS व्यवस्था लागू होने के बाद उनमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर आत्मविश्वास बढ़ा है।

“जन दबाव से ही होगा बदलाव”

धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि जब तक जनता इस मुद्दे पर संगठित होकर आवाज नहीं उठाएगी, तब तक सरकार बड़े बदलाव करने के लिए मजबूर नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि वे प्रदेशभर में जन-जागृति अभियान चला रहे हैं। इस अभियान के तहत हर जिले में प्रेस कॉन्फ्रेंस और विचार गोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है ताकि युवाओं और सामाजिक संगठनों की राय एकत्र की जा सके।

राठौड़ ने दावा किया कि विभिन्न एजेंसियों की रिपोर्ट भी सरकार तक पहुंच रही हैं और अब समय आ गया है कि EWS नियमों में व्यावहारिक और तार्किक बदलाव किए जाएं।

जयपुर और दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी

इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और मजबूत बनाने के संकेत देते हुए राठौड़ ने कहा कि आने वाले समय में जयपुर में बड़ा अहिंसात्मक प्रदर्शन आयोजित किया जा सकता है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो दिल्ली में भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा ताकि केंद्र सरकार तक यह मांग मजबूती से पहुंचाई जा सके।

उनका कहना है कि यह केवल आरक्षण का मुद्दा नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य और आत्मविश्वास से जुड़ा विषय है।

अन्य राज्यों का दिया उदाहरण

राठौड़ ने अपने बयान में कहा कि गुजरात, आंध्र प्रदेश और राजस्थान जैसे कुछ राज्यों में EWS नियमों के सरलीकरण की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से भी मांग की कि पूरे देश में EWS से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक व्यवहारिक और सरल बनाया जाए।

राठौड़ का मानना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकारें इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाती हैं तो लाखों युवाओं को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।

भाजपा जनप्रतिनिधियों से भी मांगा सहयोग

धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि वे इस मुद्दे पर विभिन्न राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी सहयोग की अपील की है।

उनका कहना है कि जब इस मुद्दे पर तार्किक चर्चा होती है तो कोई भी खुलकर इसका विरोध नहीं कर पाता, क्योंकि यह सीधे गरीब और जरूरतमंद युवाओं के हित से जुड़ा हुआ विषय है।

युवाओं से आंदोलन से जुड़ने की अपील

कार्यक्रम के अंत में युवाओं और सामाजिक संगठनों ने EWS नियमों को सरल बनाने की मांग का समर्थन किया। यह निर्णय लिया गया कि जैसलमेर से भी इस अभियान को मजबूत किया जाएगा और अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ा जाएगा।

राठौड़ ने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते सुधार नहीं किए गए, तो कई योग्य उम्मीदवार अवसरों से वंचित रह जाएंगे।

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