भारतीय पुरुष हॉकी टीम घरेलू मैदान पर मिली निराशाजनक हार के बाद अब विदेशी सरज़मीं पर नई शुरुआत करने के इरादे से उतरेगी। टीम शनिवार को स्पेन के खिलाफ मुकाबले के साथ FIH Pro League के विदेशी चरण की शुरुआत करेगी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारतीय पुरुष हॉकी टीम एफआईएच प्रो लीग 2026 के विदेशी चरण की शुरुआत स्पेन के खिलाफ मुकाबले से करने जा रही है। यह मैच तस्मानिया के होबार्ट स्थित तस्मानिया हॉकी सेंटर में खेला जाएगा। नए कप्तान हार्दिक सिंह के नेतृत्व में टीम इस दौरे को एक नई शुरुआत और वापसी के अवसर के रूप में देख रही है।
घरेलू चरण में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी लय हासिल करने और संयोजन को मजबूत करने के इरादे से उतरेगी। होबार्ट चरण 25 फरवरी तक चलेगा, जिसमें मेजबान ऑस्ट्रेलिया भी प्रतिस्पर्धा में शामिल है।
घरेलू चरण से मिली सीख
हाल ही में ओडिशा के राउरकेला में खेले गए प्रो लीग चरण में भारत को अर्जेंटीना और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। इन मुकाबलों ने टीम को अपनी कमजोरियों पर काम करने का अवसर दिया। कोचिंग स्टाफ और टीम प्रबंधन इसे आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण सीख मान रहे हैं।
नियमित कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने व्यक्तिगत कारणों से इस चरण में भाग नहीं लिया है, क्योंकि वह अपने दूसरे बच्चे के जन्म के लिए अवकाश पर हैं। ऐसे में नेतृत्व की जिम्मेदारी हार्दिक सिंह को सौंपी गई है, जो दो बार के ओलंपिक कांस्य पदक विजेता दल का हिस्सा रह चुके हैं।
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नई ऊर्जा के साथ मैदान में
हार्दिक सिंह के नेतृत्व में टीम में अनुभव और युवा जोश का संतुलन देखने को मिलेगा। अमनदीप लाकड़ा और मनमीत सिंह जैसे युवा खिलाड़ी इस दौरे में खुद को साबित करने के लिए उत्साहित हैं। फॉरवर्ड लाइन में अंगद बीर सिंह, अराजित सिंह हुंडाल और आदित्य अर्जुन लालागे जैसे उभरते सितारों पर भी नजरें रहेंगी।
टीम प्रबंधन इन मुकाबलों को आगामी एफआईएच विश्व कप और एशियाई खेलों से पहले संयोजन को परखने और टीम के तालमेल को बेहतर बनाने के अवसर के रूप में देख रहा है। विदेशी परिस्थितियों में प्रदर्शन करना भारतीय टीम के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है, लेकिन यही अनुभव बड़े टूर्नामेंटों में सफलता की नींव भी बनता है।
मुकाबलों का कार्यक्रम
भारतीय टीम का पहला मुकाबला स्पेन के खिलाफ होगा। इसके बाद रविवार को उनका सामना ऑस्ट्रेलिया से होगा। 24 फरवरी को भारत फिर स्पेन से भिड़ेगा और 25 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम मैच के साथ होबार्ट चरण समाप्त होगा। स्पेन के खिलाफ पिछले 10 मुकाबलों का रिकॉर्ड काफी संतुलित रहा है। दोनों टीमों ने नियमित समय में चार-चार जीत दर्ज की हैं, जो इस प्रतिद्वंद्विता को और रोचक बनाता है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबले हमेशा हाई-स्कोरिंग और रोमांचक रहे हैं। पिछले 10 मैचों में ऑस्ट्रेलिया ने छह जीत और दो ड्रॉ के साथ बढ़त बनाई हुई है। मेजबान होने का फायदा भी कंगारू टीम को मिल सकता है।









