Four More Shots Please Season 4 Review: फाइनल सीजन होने के बावजूद वही पुरानी कहानी, कुणाल रॉय कपूर बने सबसे मजबूत कड़ी

‘Four More Shots Please’ का फाइनल सीजन दर्शकों के सामने आया। वहीं पुरानी कहानी को दोहराया गया, लेकिन कुणाल रॉय कपूर की उपस्थिति ने इसे सबसे मजबूत हिस्सा बना

‘रिश्ते रहें ना रहें प्यार तो हमेशा रहता है।’ दोस्ती, रिलेशनशिप और प्यार की अहमियत को बयां करती चार लड़कियों की कहानी वाली शो ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ का चौथा सीजन आज रिलीज हो गया है। यह इस सीरीज का फाइनल सीजन है।

  • Movie Review: फोर मोर शॉट्स प्लीज फाइनल सीजन
  • कलाकार: कीर्ति कुल्हारी , सयानी गुप्ता , बानी जे , मानवी गगरू , कुणाल रॉय कपूर , डिनो मोरिया , राजीव सिद्धार्थ , अनसुइया सेन गुप्ता और प्रतीक बब्बर
  • लेखक: देविका भगत
  • निर्देशक: अरुणिमा शर्मा और नेहा पार्टि माटियानी
  • निर्माता: प्रीतीश नंदी कम्युनिकेशन , रंगीता प्रीतीश नंदी और इशिता प्रीतीश नंदी
  • रिलीज: 19 दिसंबर 2025
  • रेटिंग: 2/5

एंटरटेनमेंट न्यूज़: अमेज़न प्राइम वीडियो की लोकप्रिय वेब सीरीज ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ का चौथा और अंतिम सीजन रिलीज हो चुका है। दोस्ती, रिश्तों, प्यार और आत्मनिर्भर महिलाओं की कहानी कहने वाली इस सीरीज ने 2019 में अपने पहले सीजन के साथ खास पहचान बनाई थी। बोल्ड कंटेंट और शहरी महिलाओं की जिंदगी को खुलकर दिखाने के कारण इसे दर्शकों और समीक्षकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। 

हालांकि समय के साथ यह सीरीज अपने मूल प्रभाव को धीरे-धीरे खोती चली गई। अब जब इसका फाइनल सीजन सामने है, तो उम्मीद थी कि कहानी किसी ठोस और यादगार मोड़ पर खत्म होगी, लेकिन सीजन 4 वही पुराना फॉर्मूला दोहराता नजर आता है।

कहानी: नए सीजन में भी पुराना ढर्रा

सीजन 4 की कहानी एक बार फिर चार मुख्य किरदारों—दामिनी (सयानी गुप्ता), अंजना (कीर्ति कुल्हारी), सिद्धि (मानवी गगरू) और उमंग (बानी जे)—के इर्द-गिर्द घूमती है। कहानी की शुरुआत सिद्धि की शादी से होती है, जो अपने लॉन्ग-टर्म बॉयफ्रेंड मिहिर से विवाह कर चुकी है। अंजना तलाक के बाद एक सफल वकील के रूप में अपनी बेटी के साथ खुशहाल जीवन जी रही है। दामिनी एक चर्चित पत्रकार बन चुकी है और पॉडकास्ट की दुनिया में कदम रख चुकी है, जबकि उमंग एक सफल फिटनेस ट्रेनर है और अपने करियर में संतुष्ट है।

चारों किरदार बाहर से सेटल नजर आते हैं, लेकिन अंदरूनी उलझनें जस की तस बनी रहती हैं। रिश्तों में भ्रम, प्यार की तलाश और आत्म-संदेह—ये सभी पहलू पहले सीजन की तरह ही दिखाए गए हैं। कहानी वहीं से आगे बढ़ती है जहां पिछला सीजन खत्म हुआ था, लेकिन इसमें कोई बड़ा ट्विस्ट या भावनात्मक गहराई नहीं जुड़ती।

Four More Shots Please Season 4 Review: फाइनल सीजन होने के बावजूद वही पुरानी कहानी, कुणाल रॉय कपूर बने सबसे मजबूत कड़ी

अभिनय: कुणाल रॉय कपूर छाए

अभिनय की बात करें तो चारों लीड एक्ट्रेस अपने-अपने किरदारों में सहज नजर आती हैं, लेकिन कुछ नया करने की कोशिश नहीं दिखती। कीर्ति कुल्हारी इस सीजन में भी सबसे ज्यादा बोल्ड और प्रभावशाली दिखाई देती हैं। सीरीज की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरते हैं कुणाल रॉय कपूर, जिन्होंने दामिनी के भाई अशोक आदित्य का किरदार निभाया है। उनकी कॉमिक टाइमिंग, एक्सप्रेशन और संवाद अदायगी सीरीज को एक अलग ऊर्जा देती है। कई सीन में वह बाकी कलाकारों पर भारी पड़ते हैं। डिनो मोरिया और प्रतीक बब्बर अपने सीमित स्क्रीन टाइम में ठीक-ठाक प्रभाव छोड़ते हैं।

अरुनिमा शर्मा का निर्देशन औसत स्तर का है। कुछ दृश्य जरूरत से ज्यादा खिंचे हुए लगते हैं और मुंबई की नाइट लाइफ के रिपीट शॉट्स कहानी को आगे बढ़ाने के बजाय उसे धीमा करते हैं। हालांकि सिनेमैटोग्राफी अच्छी है और गोवा, बैंकॉक व मुंबई के ड्रोन शॉट्स विजुअली आकर्षक लगते हैं।

देखें या न देखें?

सीरीज की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी प्रेडिक्टेबल कहानी है। फाइनल सीजन होने के बावजूद इसमें कोई भावनात्मक क्लोजर या दमदार अंत नहीं मिलता। बोल्डनेस के नाम पर इंटीमेट सीन और गालियों का अत्यधिक इस्तेमाल कई जगह गैर-जरूरी लगता है। मेकर्स मौजूदा ट्रेंड्स—पॉडकास्ट, स्टैंडअप कॉमेडी, सोशल मीडिया—को दिखाने में इतने व्यस्त रहे कि मजबूत कहानी गढ़ना भूल गए।

अगर आप ‘फोर मोर शॉट्स प्लीज’ के पुराने फैन हैं, तो यह सीजन एक बार देख सकते हैं। कुणाल रॉय कपूर का अभिनय और चारों महिलाओं की दोस्ती कुछ हद तक बांधे रखती है। लेकिन अगर आप किसी नएपन या यादगार फाइनल की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह सीजन निराश कर सकता है।

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