फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग: नई हीटवेव से पहले आग पर काबू पाने की जंग, लाखों लोग प्रभावित

फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। नई हीटवेव से पहले लाखों लोग प्रभावित हुए हैं और कई देशों ने राहत अभियान में मदद भेजी है।

फ्रांस और स्पेन में भीषण जंगल की आग के कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। नई हीटवेव से पहले दमकलकर्मी आग पर काबू पाने में जुटे हैं, जबकि कई यूरोपीय देशों ने राहत और बचाव कार्यों के लिए सहायता भेजी है।

पेरिस: पश्चिमी यूरोप इस समय भीषण जंगल की आग (Wildfires) और लगातार बढ़ते तापमान की दोहरी चुनौती का सामना कर रहा है। फ्रांस और स्पेन में कई दिनों से धधक रही आग ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाली नई हीटवेव हालात को और गंभीर बना सकती है, इसलिए अगले 48 घंटे दोनों देशों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में बोर्डो (Bordeaux) के नजदीक लगी आग अब भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ सकी है। दूसरी ओर, स्पेन की राजधानी मैड्रिड के पश्चिमी क्षेत्रों में भी जंगलों की आग बड़े पैमाने पर फैल चुकी है। दोनों देशों की सरकारें, हजारों दमकलकर्मी और अंतरराष्ट्रीय राहत दल मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।

फ्रांस में आग ने लिया विकराल रूप

फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में लगी आग को हाल के वर्षों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक माना जा रहा है। यह आग अब तक पेरिस के क्षेत्रफल से लगभग चार गुना बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले चुकी है। आग की तीव्रता इतनी अधिक रही कि लगभग 2.2 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े। कई गांवों और कस्बों को खाली कराया गया, जबकि जंगलों के साथ-साथ कृषि भूमि और प्राकृतिक संसाधनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने दमकल कर्मियों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद देश के सामने सबसे बड़ा अग्नि संकट है।

बोर्डो शहर के करीब पहुंची आग

बोर्डो के आसपास फैली आग अब शहर से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी तक पहुंच चुकी है। हालांकि दमकल विभाग ने सोमवार को आग की रफ्तार को काफी हद तक रोकने में सफलता हासिल की, लेकिन जंगलों में कई स्थानों पर अब भी धुआं और सुलगती आग बनी हुई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सप्ताह के मध्य तक तापमान फिर 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे आग दोबारा तेजी से फैल सकती है।

स्पेन में हजारों लोगों का सुरक्षित स्थानों पर पलायन

स्पेन भी इस समय अपने इतिहास की सबसे गंभीर जंगल की आग की घटनाओं में से एक का सामना कर रहा है। मैड्रिड के पश्चिमी इलाकों सहित कई प्रांतों में फैली आग के कारण लगभग एक लाख लोगों को अपने घर छोड़ने या सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से बर्गुइलो जलाशय (Burguillo Reservoir) के आसपास स्थित कैंपिंग क्षेत्रों में भारी तबाही हुई है। कई मोबाइल होम, कैंपिंग साइट, नौकाएं और पर्यटन सुविधाएं पूरी तरह जलकर राख हो गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कुछ ही घंटों में अपनी पूरी जिंदगी की कमाई खो दी।

ग्रामीण इलाकों में भारी नुकसान

स्पेन के कई ग्रामीण क्षेत्रों में खेती और बागवानी को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है। जैतून और पिस्ता के बाग जल गए हैं, जबकि हजारों हेक्टेयर जंगल राख में बदल चुके हैं। कुछ गांवों में हालात सामान्य होने के बाद लोग अपने घर लौटना शुरू हुए हैं, लेकिन उन्हें जली हुई फसलें, राख में बदले घर और नष्ट हो चुकी प्राकृतिक संपदा का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि आर्थिक नुकसान की भरपाई संभव है, लेकिन वर्षों में तैयार हुई प्राकृतिक हरियाली का नष्ट होना सबसे बड़ी पीड़ा है।

आग पर काबू पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग

यूरोप में बढ़ती जंगल की आग के कारण कई देशों ने एक-दूसरे की सहायता के लिए राहत संसाधन भेजे हैं। स्पेन की मदद के लिए तुर्किये, इटली, ग्रीस और पुर्तगाल ने विशेष अग्निशमन विमान और प्रशिक्षित दमकल दल भेजे हैं। वहीं फ्रांस की सहायता के लिए स्विट्जरलैंड ने सुपर प्यूमा हेलीकॉप्टर और उनकी विशेष टीम तैनात की है। हवाई जहाजों से लगातार फायर रिटार्डेंट (आग रोकने वाला रसायन) का छिड़काव किया जा रहा है ताकि आग की गति कम की जा सके।

नई हीटवेव से बढ़ी चिंता

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस सप्ताह पश्चिमी यूरोप में एक और हीटवेव आने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तापमान लगातार बढ़ता है और तेज हवाएं चलती हैं, तो वर्तमान में नियंत्रित किए गए कई इलाकों में आग फिर से भड़क सकती है। स्पेन के गृह मंत्रालय ने कहा है कि सोमवार और मंगलवार आग पर नियंत्रण के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिन हैं। इसके बाद मौसम की परिस्थितियां और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।

जलवायु परिवर्तन पर फिर छिड़ी बहस

विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी, लंबे सूखे और विशाल जंगल की आग की घटनाएं जलवायु परिवर्तन से जुड़ी व्यापक चुनौतियों की ओर संकेत करती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अत्यधिक तापमान, कम वर्षा और शुष्क वनस्पति मिलकर ऐसी परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं जिनमें आग तेजी से फैलती है और स्वयं अपना मौसम तंत्र विकसित कर सकती है। हालांकि, किसी एक घटना को सीधे जलवायु परिवर्तन का परिणाम कहना वैज्ञानिक रूप से जटिल है, लेकिन लंबे समय से देखे जा रहे रुझान इन जोखिमों में वृद्धि की ओर इशारा करते हैं।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था पर असर

फ्रांस और स्पेन दोनों ही पर्यटन पर निर्भर प्रमुख यूरोपीय देश हैं। जंगल की आग के कारण कई पर्यटन स्थल बंद कर दिए गए हैं और हजारों पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। फ्रांस के वित्त मंत्रालय ने माना है कि इस आपदा का स्थानीय पर्यटन उद्योग पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि बोर्डो के प्रमुख अंगूर उत्पादक क्षेत्रों को फिलहाल बड़े नुकसान से बचा लिया गया है। स्पेन में भी कैंपिंग, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है।

आगे की चुनौती

दमकल विभागों का कहना है कि आग को पूरी तरह बुझाने में अभी कई दिन लग सकते हैं। लगातार निगरानी, हवाई अभियान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के बावजूद मौसम सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। यदि आने वाली हीटवेव अपेक्षा से अधिक तीव्र रही, तो राहत कार्य और कठिन हो सकते हैं। ऐसे में दोनों देशों की सरकारें नागरिकों से सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील कर रही हैं।

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