गांधी जयंती पर लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खादी वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25% छूट का ऐलान किया। उन्होंने खादी को स्वदेशी, आत्मनिर्भरता और स्थानीय कारीगरों से जोड़ते हुए इसे अपनाने की अपील की।
लखनऊ: Gandhi Jayanti 2026 के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में खादी वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25% की छूट देने की घोषणा की। हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में उन्होंने महात्मा गांधी के स्वदेशी, स्वच्छता और ग्राम स्वराज से जुड़े विचारों को याद किया। मुख्यमंत्री ने खादी को जीवन का हिस्सा बनाने और स्थानीय कारीगरों, बुनकरों व हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करने की अपील की।
30 जनवरी 2027 तक खादी पर मिलेगी 25% छूट
उत्तर प्रदेश में गांधी जयंती के अवसर पर खादी वस्त्रों की खरीद पर विशेष छूट की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बताया कि प्रदेश में खादी वस्त्रों पर 30 जनवरी 2027 तक 25 प्रतिशत की छूट उपलब्ध रहेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से खादी को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ के हजरतगंज स्थित गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी के विचारों और उनके स्वदेशी आंदोलन में योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि खादी सिर्फ पहनने का कपड़ा नहीं, बल्कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता से जुड़ा विचार है। उनके मुताबिक स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने से कारीगरों, बुनकरों और हस्तशिल्पियों को अपने हुनर के लिए बाजार मिल सकता है।
स्वदेशी से स्वावलंबन तक गांधी के विचारों का जिक्र
योगी आदित्यनाथ ने महात्मा गांधी के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद करते हुए कहा कि दक्षिण अफ्रीका में गांधी ने अन्याय, शोषण और रंगभेद के खिलाफ आवाज उठाई थी। भारत लौटने के बाद उन्होंने शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया और इसे व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने का काम किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांधी के स्वदेशी, स्वच्छता और आत्मनिर्भरता से जुड़े विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने चरखे को आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए कहा कि स्वदेशी से स्वावलंबन का विचार विकसित भारत की दिशा में महत्वपूर्ण है।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘लोकल टू ग्लोबल’ आह्वान का भी उल्लेख किया और कहा कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार मिलने से कारीगरों और बुनकरों को प्रोत्साहन दिया जा सकता है।
ग्राम सचिवालय और स्वच्छता अभियान का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने गांधी के ग्राम स्वराज और स्वच्छता से जुड़े विचारों का भी उल्लेख किया। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान के तहत बनाए गए शौचालयों को स्वास्थ्य और नारी सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि स्वच्छता का प्रभाव समाज के विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ा है।
योगी आदित्यनाथ ने ग्राम सचिवालयों की स्थापना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ही लोगों को जरूरी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में ग्राम सचिवालय उपयोगी हैं। उनके मुताबिक इससे गांवों में सुविधाओं की पहुंच बढ़ने के साथ रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो समाज अपने पूर्वजों और उनके योगदान को याद रखता है, वह अपने अतीत से सीख लेकर आगे बढ़ सकता है। गांधी जयंती के अवसर पर उन्होंने महात्मा गांधी के विचारों को वर्तमान समय के संदर्भ में याद किया।
लाल बहादुर शास्त्री को भी दी श्रद्धांजलि
गांधी जयंती के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर भी मुख्यमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। योगी आदित्यनाथ ने शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन और उनके सार्वजनिक योगदान का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शास्त्री जी का व्यक्तित्व सरल होने के साथ दृढ़ भी था। उन्होंने ‘जय जवान, जय किसान’ नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें देश की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया गया था।
उन्होंने कहा कि एक ओर जवान सीमाओं की सुरक्षा में भूमिका निभाते हैं, वहीं किसान देश की खाद्य जरूरतों को पूरा करने में योगदान देते हैं। मुख्यमंत्री ने भारत की खाद्यान्न उत्पादन क्षमता का उल्लेख करते हुए कहा कि देश अब अपनी बड़ी आबादी की जरूरतें पूरी करने के साथ कई देशों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने की स्थिति में है।
गांधी आश्रम में मौजूद रहे कई लोग
गांधी आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, मंत्री राकेश सचान, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष मोहसिन रजा, क्षेत्रीय गांधी आश्रम के मंत्री देवी प्रसाद शर्मा, व्यवस्थापक अखिलेश उपाध्याय और साहित्यकार अखिलेश द्विवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।












