हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कडपा जा रही IndiGo फ्लाइट में इमरजेंसी एग्जिट हैंडल छूने से सुरक्षा अलार्म सक्रिय हो गया। यात्री को विमान से उतारकर RGIA पुलिस को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, हैंडल अनजाने में छुआ गया था।
हैदराबाद: तेलंगाना के हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (RGIA) पर शुक्रवार तड़के एक IndiGo विमान में सुरक्षा अलार्म सक्रिय होने से कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। यह विमान हैदराबाद के शमशाबाद से आंध्र प्रदेश के कडपा के लिए रवाना होने वाला था। एक यात्री ने कथित तौर पर इमरजेंसी एग्जिट के हैंडल को छू दिया, जिसके बाद विमान का सुरक्षा सेंसर अलार्म सक्रिय हो गया। एयरलाइन कर्मचारियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया और यात्री को विमान से उतार दिया। बाद में उसे RGIA पुलिस को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है। हालांकि, पुलिस के अनुसार यात्री ने इमरजेंसी दरवाजा खोलने की जानबूझकर कोशिश नहीं की थी, बल्कि सीट बदलने के बाद बैठते समय उसका हाथ अनजाने में हैंडल से लग गया था। (timesofindia.indiatimes.com)
सीट बदलने के बाद सक्रिय हुआ सुरक्षा सेंसर
पुलिस के अनुसार, यात्री को पहले विमान की 9वीं पंक्ति में सीट दी गई थी। बाद में उसे दूसरी पंक्ति में स्थानांतरित किया गया, जो इमरजेंसी एग्जिट के पास स्थित सीट है।
नई सीट पर बैठते समय यात्री ने इमरजेंसी एग्जिट हैंडल को छू दिया। इसके बाद विमान में लगा सुरक्षा सेंसर सक्रिय हो गया और अलार्म बजने लगा।
एयरलाइन स्टाफ ने स्थिति को तुरंत संभाला। सुरक्षा प्रक्रिया के तहत यात्री को विमान से उतारा गया और मामले की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई। इसके बाद उसे RGIA पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक यात्री ने पूछताछ के दौरान कहा कि उसने इमरजेंसी एग्जिट हैंडल को जानबूझकर नहीं छुआ था। उसका कहना था कि सीट पर बैठने के दौरान गलती से उसका हाथ हैंडल पर लग गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना के बाद RGIA पुलिस ने मामले में केस दर्ज किया है। पुलिस अब घटना की परिस्थितियों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सुरक्षा अलार्म किस परिस्थिति में सक्रिय हुआ तथा यात्री की वास्तविक मंशा क्या थी।
उपलब्ध पुलिस जानकारी के अनुसार, इमरजेंसी दरवाजा वास्तव में खोला गया था या नहीं, इसकी तुलना में मुख्य घटना सेंसर अलार्म के सक्रिय होने की थी। शुरुआती मीडिया रिपोर्टों में यात्री द्वारा इमरजेंसी दरवाजा खोलने की कोशिश की बात कही गई थी, जबकि पुलिस के अनुसार हैंडल अनजाने में छूने से अलार्म सक्रिय हुआ था। (indialive.net)
इस अंतर को देखते हुए घटना की अंतिम स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
एयरलाइन ने तुरंत उठाया सुरक्षा कदम
विमान में किसी भी तरह की सुरक्षा आशंका को देखते हुए एयरलाइन कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई की। यात्री को विमान से उतारना और अधिकारियों को सौंपना सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुरूप उठाया गया कदम था।
विमान में इमरजेंसी एग्जिट से जुड़े उपकरण और सेंसर सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। किसी भी अनधिकृत या संदिग्ध गतिविधि पर सेंसर के सक्रिय होने से चालक दल को संभावित खतरे की जानकारी मिलती है।
इस मामले में भी सेंसर अलार्म सक्रिय होने के बाद चालक दल और एयरलाइन स्टाफ ने स्थिति को नियंत्रित किया। उपलब्ध रिपोर्टों में घटना के कारण उड़ान को किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं है। (moneycontrol.com)
अगस्त में कोच्चि में सामने आया था अलग मामला
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ सप्ताह पहले कोच्चि एयरपोर्ट पर भी विमान के इमरजेंसी एग्जिट से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई थी।
6 अगस्त को कुआलालंपुर से कोच्चि आ रही Batik Air की फ्लाइट OD231 में एक यात्री पर लैंडिंग की तैयारी के दौरान इमरजेंसी एग्जिट विंडो पैनल को नुकसान पहुंचाने और इमरजेंसी एग्जिट दरवाजे से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था।
उस मामले में पुलिस ने यात्री जमशीर अथानिक्कल को गिरफ्तार किया था। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351, Aircraft Act की धारा 11A और Kerala Police Act की धारा 118(e) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
इन दोनों घटनाओं में अंतर यह है कि हैदराबाद के मामले में पुलिस ने फिलहाल यात्री के इमरजेंसी एग्जिट हैंडल को अनजाने में छूने की बात कही है, जबकि कोच्चि मामले में यात्री पर जानबूझकर इमरजेंसी एग्जिट से छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया गया था।
Flydubai घटना के कुछ दिन बाद आया मामला
हैदराबाद की यह घटना एक अन्य अंतरराष्ट्रीय विमानन घटना के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है। 30 सितंबर 2026 को Dubai से Tel Aviv जा रही Flydubai Flight FZ1073 में कॉकपिट के भीतर एक गंभीर घटना हुई थी।
रिपोर्टों के अनुसार, विमान के भारतीय कप्तान Smit Machchhar पर उनके सह-पायलट ने कथित तौर पर हमला किया। घटना के दौरान विमान ने तेजी से ऊंचाई खोई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, विमान करीब 30,875 फीट से 16,750 फीट तक लगभग 29 सेकंड में नीचे आया। (indianexpress.com)
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन माच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने कथित हमलावर को काबू किया। विमान को Saudi Arabia के Tabuk एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी आपात लैंडिंग कराई गई।
दो अन्य पायलट उस समय यात्रियों के रूप में विमान में मौजूद थे और उन्होंने विमान को सुरक्षित रूप से उतारने में मदद की। घटना की जांच विभिन्न अधिकारियों द्वारा की जा रही है और हमले के मकसद को लेकर अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है। (reuters.com)
विमानन सुरक्षा पर फिर बढ़ा ध्यान
हैदराबाद की घटना में यात्री के अनजाने में इमरजेंसी एग्जिट हैंडल छूने की पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के बावजूद, इस तरह की घटनाएं विमान में सुरक्षा प्रक्रियाओं के महत्व को रेखांकित करती हैं।
इमरजेंसी एग्जिट वाली सीटों पर बैठने वाले यात्रियों से सामान्य तौर पर सुरक्षा निर्देशों को समझने और आपात स्थिति में आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने की अपेक्षा की जाती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में चालक दल को तत्काल कार्रवाई करनी होती है।
हैदराबाद मामले में एयरलाइन कर्मचारियों ने अलार्म सक्रिय होने के बाद यात्री को विमान से उतारकर पुलिस को सौंप दिया। फिलहाल पुलिस की जांच यह तय करेगी कि घटना पूरी तरह आकस्मिक थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
RGIA पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। यात्री ने पुलिस को बताया है कि उसने इमरजेंसी एग्जिट हैंडल को गलती से छुआ था। उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी में जानबूझकर दरवाजा खोलने की पुष्टि नहीं हुई है।
इसलिए घटना को फिलहाल इमरजेंसी एग्जिट सेंसर के अनजाने में सक्रिय होने के रूप में देखा जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस की ओर से घटना की परिस्थितियों और दर्ज मामले को लेकर आगे की जानकारी सामने आ सकती है।
हैदराबाद एयरपोर्ट पर हुई यह घटना बताती है कि विमान के उड़ान भरने से पहले सुरक्षा व्यवस्था कितनी सतर्क रहती है। एक सेंसर अलार्म के सक्रिय होने पर चालक दल की तत्काल प्रतिक्रिया ने संभावित जोखिम को बढ़ने से रोक दिया।











