गाड़ी संख्या 01661 रानी कमलापति-गया पितृपक्ष स्पेशल 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर 2026 को रानी कमलापति स्टेशन से रवाना होगी। यह ट्रेन दोपहर 3:20 बजे रानी कमलापति से खुलेगी और अगले दिन दोपहर 2:30 बजे गया पहुंचेगी। यानी यात्रियों को गयाजी पहुंचने में एक अतिरिक्त सीधी रेल सुविधा मिलेगी, जिससे पितृपक्ष के महत्वपूर्ण दिनों में यात्रा की योजना बनाना आसान होगा।
इसी ट्रेन की वापसी सेवा गाड़ी संख्या 01662 गया-रानी कमलापति पितृपक्ष स्पेशल के रूप में होगी। यह ट्रेन 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर 2026 को गया से रवाना होगी। गया से इसका प्रस्थान समय शाम 3:30 बजे निर्धारित किया गया है और अगले दिन शाम 4:15 बजे यह रानी कमलापति पहुंचेगी। इस तरह श्रद्धालु पिंडदान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान पूरा करने के बाद वापसी की यात्रा भी विशेष ट्रेन से कर सकेंगे।
रानी कमलापति से चलने वाली ट्रेन के रास्ते में कई महत्वपूर्ण स्टेशनों पर ठहराव दिया गया है। इनमें नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड शामिल हैं। इस रूट की वजह से मध्य प्रदेश के साथ-साथ रास्ते में पड़ने वाले कई शहरों और कस्बों के श्रद्धालुओं को भी गयाजी जाने का विकल्प मिलेगा।
दूसरी ओर, जबलपुर से भी गयाजी के लिए विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। गाड़ी संख्या 01701 जबलपुर-गया पितृपक्ष स्पेशल 29 सितंबर, 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर 2026 को जबलपुर से रवाना होगी। इसका प्रस्थान समय रात 9:25 बजे रखा गया है। ट्रेन अगले दिन दोपहर 2:30 बजे गया पहुंचेगी। इस समय-सारणी से रात में यात्रा शुरू करने वाले यात्रियों को अगले दिन दोपहर तक गयाजी पहुंचने का विकल्प मिलेगा।
वापसी में गाड़ी संख्या 01702 गया-जबलपुर पितृपक्ष स्पेशल 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर 2026 को गया से रवाना होगी। इसका प्रस्थान समय दोपहर 3:30 बजे निर्धारित है और ट्रेन अगले दिन सुबह 8:10 बजे जबलपुर पहुंचेगी। इससे पिंडदान के लिए गयाजी पहुंचे श्रद्धालुओं को वापसी के लिए भी अतिरिक्त ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी।
जबलपुर-गया स्पेशल ट्रेन के प्रमुख ठहराव में सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, भभुआ रोड, सासाराम, डेहरी-ऑन-सोन और अनुग्रह नारायण रोड शामिल हैं। इन स्टेशनों पर ठहराव होने से सिर्फ जबलपुर के यात्रियों को ही नहीं, बल्कि रास्ते में आने वाले कई क्षेत्रों के श्रद्धालुओं को भी इस विशेष सेवा का लाभ मिल सकेगा।
रेलवे ने दोनों स्पेशल ट्रेनों में अलग-अलग श्रेणी के कोच उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है। रिपोर्ट के मुताबिक इनमें वातानुकूलित, शयनयान और सामान्य श्रेणी के कोच शामिल होंगे। इसका मतलब है कि अलग-अलग बजट और यात्रा की जरूरत के हिसाब से श्रद्धालुओं को विकल्प मिल सकेंगे। पितृपक्ष के दौरान नियमित ट्रेनों में सीटों की मांग बढ़ने के कारण इन अतिरिक्त सेवाओं को यात्रियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है।
गयाजी में पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। फल्गु नदी के तट और गया क्षेत्र के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पिंडदान और तर्पण की परंपरा निभाई जाती है। कई परिवार अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कर्मकांड के लिए गयाजी पहुंचते हैं। यही वजह है कि पितृपक्ष के दौरान गया की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है।
पितृपक्ष के दौरान गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती अक्सर यात्रा और आवागमन की होती है। अलग-अलग राज्यों से आने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग ट्रेन, लंबी वेटिंग लिस्ट और भीड़ जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सीधे या अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन उपलब्ध होने से यात्रियों को कुछ राहत मिल सकती है। रानी कमलापति और जबलपुर से शुरू होने वाली इन सेवाओं का उद्देश्य भी इसी अतिरिक्त यात्री दबाव को संभालना है।
मध्य प्रदेश से गयाजी आने वाले यात्रियों के लिए रानी कमलापति और जबलपुर दोनों महत्वपूर्ण रेल कनेक्शन उपलब्ध कराते हैं। खासकर भोपाल, इटारसी, जबलपुर और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालु इन ट्रेनों के शेड्यूल के अनुसार अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं। वहीं रास्ते में पड़ने वाले सतना, मैहर, कटनी, मिर्जापुर, प्रयागराज और सासाराम जैसे क्षेत्रों के यात्रियों के लिए भी यह सेवा उपयोगी हो सकती है।
यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले ट्रेन की तारीख और नंबर जरूर जांच लेना चाहिए, क्योंकि दोनों दिशाओं में चलने वाली ट्रेनों की तारीखें अलग-अलग हैं। रानी कमलापति से गया जाने वाली ट्रेन 27 सितंबर, 2 अक्टूबर और 7 अक्टूबर को चलेगी, जबकि वापसी में गया से रानी कमलापति की ट्रेन 30 सितंबर, 5 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को निर्धारित है। इसी तरह जबलपुर से गया जाने वाली ट्रेन 29 सितंबर, 4 अक्टूबर और 9 अक्टूबर को तथा गया से जबलपुर लौटने वाली ट्रेन 28 सितंबर, 3 अक्टूबर और 8 अक्टूबर को चलेगी।
समय को लेकर भी यात्रियों को विशेष सावधानी रखनी होगी। रानी कमलापति से गया जाने वाली 01661 दोपहर 3:20 बजे रवाना होगी, जबकि जबलपुर से गया जाने वाली 01701 रात 9:25 बजे खुलेगी। वापसी में दोनों ट्रेनों का गया से प्रस्थान समय दोपहर 3:30 बजे रखा गया है। हालांकि यात्रा से पहले रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से अंतिम समय-सारणी और सीट उपलब्धता की पुष्टि करना बेहतर रहेगा, क्योंकि परिचालन संबंधी बदलाव होने पर समय में संशोधन संभव है।
पितृपक्ष के दौरान केवल ट्रेन की सुविधा ही महत्वपूर्ण नहीं होती, बल्कि गयाजी पहुंचने के बाद स्थानीय परिवहन और ठहरने की व्यवस्था भी यात्रियों के लिए अहम होती है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के कारण स्टेशन से धार्मिक स्थलों तक जाने के लिए भीड़ बढ़ सकती है। ऐसे में यात्रियों को अपनी ट्रेन के आगमन समय के साथ-साथ आगे के स्थानीय कार्यक्रम की भी पहले से योजना बना लेनी चाहिए।
रेलवे की ओर से चलाई जा रही इन विशेष ट्रेनों से गयाजी में पिंडदान करने आने वाले लोगों को नियमित ट्रेनों के अलावा अतिरिक्त विकल्प मिलेगा। विशेषकर वे यात्री जो लंबे समय से नियमित ट्रेनों में सीट मिलने का इंतजार कर रहे हैं, उनके लिए इन सेवाओं का शेड्यूल महत्वपूर्ण हो सकता है। पितृपक्ष के दौरान रेलवे की ओर से अतिरिक्त सेवाएं चलाए जाने का उद्देश्य भीड़ को अलग-अलग ट्रेनों में बांटना और यात्रा को सुगम बनाना है।
गयाजी में पितृपक्ष के दौरान धार्मिक गतिविधियां बढ़ने के साथ शहर में यात्रियों की संख्या भी काफी बढ़ती है। ऐसे में रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में भी प्रशासन तथा रेलवे की ओर से अतिरिक्त व्यवस्थाएं किए जाने की जरूरत रहती है। यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करना, प्लेटफॉर्म पर व्यवस्था बनाए रखना और ट्रेनों के परिचालन को सुचारु रखना इस दौरान महत्वपूर्ण हो जाता है।
रानी कमलापति और जबलपुर से चलने वाली ये दोनों जोड़ी पितृपक्ष स्पेशल ट्रेनें कुल मिलाकर 12 सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। रानी कमलापति-गया सेवा की तीन यात्राएं और उसकी वापसी की तीन यात्राएं होंगी, जबकि जबलपुर-गया सेवा की तीन यात्राएं और वापसी की तीन यात्राएं निर्धारित हैं। इस तरह दोनों दिशाओं को मिलाकर श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त रेल विकल्प तैयार किया गया है।
गयाजी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए जरूरी है कि वे ट्रेन नंबर, प्रस्थान की तारीख, समय और अपने स्टेशन का ठहराव पहले से जांच लें। विशेष ट्रेनों का संचालन निर्धारित तारीखों पर ही होगा और हर स्टेशन पर ट्रेन का ठहराव जरूरी नहीं है। इसलिए टिकट बुक करने से पहले अपने नजदीकी बोर्डिंग स्टेशन और संबंधित ट्रेन के स्टॉपेज की जानकारी देखना यात्रियों के लिए बेहद जरूरी होगा।
पितृपक्ष में गयाजी आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए रेलवे का यह फैसला खास तौर पर मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों के लिए राहत लेकर आया है। रानी कमलापति और जबलपुर से सीधे गयाजी के लिए उपलब्ध होने वाली इन स्पेशल ट्रेनों से यात्रा के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे और पिंडदान के लिए आने वाले श्रद्धालु अपनी सुविधा के अनुसार यात्रा की योजना बना सकेंगे।










