गाजियाबाद फ्लैट में लगी आग, फायर ब्रिगेड ने बचाए चार लोग, तीन पालतू डॉग्स की मौत

गाजियाबाद के कविनगर में फ्लैट में लगी आग में फायर ब्रिगेड ने चार लोगों को सुरक्षित बचाया, लेकिन तीन पालतू डॉग्स की दम घुटने से मौत हो गई।

गाजियाबाद के कविनगर स्थित एक फ्लैट में आग लगने से तीन पालतू डॉग्स की दम घुटने से मौत हो गई। फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर परिवार के चार सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

गाजियाबाद: कविनगर क्षेत्र के अवंतिका फेज-2 स्थित एक आवासीय इमारत में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग के दौरान फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से एक परिवार के चार सदस्यों की जान बच गई, लेकिन फ्लैट में मौजूद तीन पालतू डॉग्स को नहीं बचाया जा सका और उनकी मौत हो गई।

गाजियाबाद के आवासीय फ्लैट में लगी आग, मची अफरा-तफरी

गाजियाबाद के कविनगर क्षेत्र स्थित अवंतिका फेज-2 में बुधवार को एक दर्दनाक अग्निकांड सामने आया। एसके होम्स नामक चार मंजिला आवासीय इमारत की तीसरी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट में अचानक आग लग गई, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया। आग लगने के समय फ्लैट में परिवार के सदस्य मौजूद थे। देखते ही देखते धुआं पूरे घर में फैल गया और परिवार के लोग अंदर फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत फायर ब्रिगेड को जानकारी दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।

फ्लैट कूलर कारोबारी पवन शर्मा का बताया जा रहा है, जो अपने परिवार के साथ यहां रहते हैं। आग लगने के कारण शुरुआती कुछ मिनटों में स्थिति काफी गंभीर हो गई थी। धुएं की वजह से परिवार के सदस्यों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। आसपास के लोगों में भी दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।

फायर ब्रिगेड की तत्परता से बची चार लोगों की जान

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम तेजी से मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। आग और धुएं से घिरे परिवार को सुरक्षित निकालने के लिए फायर कर्मियों ने इमारत के बाहर सीढ़ी लगाई और परिवार के सदस्यों को बालकनी में आने के लिए कहा। इसके बाद एक-एक कर सभी चार लोगों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।

फायर विभाग की मुस्तैदी के चलते बड़ा हादसा टल गया। यदि समय पर रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं चलाया जाता तो जान-माल का नुकसान कहीं अधिक हो सकता था। राहत की बात यह रही कि परिवार का कोई भी सदस्य घायल नहीं हुआ। बचाव अभियान के दौरान फायर कर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास किए और कुछ ही समय में स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।

पालतू डॉग्स को बचाने की कोशिश नहीं आई काम

हालांकि इस हादसे में परिवार के तीन पालतू डॉग्स की जान नहीं बचाई जा सकी। जानकारी के अनुसार परिवार के पास दो जर्मन शेफर्ड और एक हस्की ब्रीड का डॉग था। आग लगने के दौरान पवन शर्मा ने उन्हें भी बचाने का प्रयास किया और गोद में लेकर बाहर निकालने की कोशिश की।

बताया जा रहा है कि अफरा-तफरी के बीच तीनों डॉग्स दोबारा फ्लैट के अंदर की ओर चले गए। घर के भीतर तेजी से फैल रहे धुएं और आग के कारण उनका दम घुट गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार काफी भावुक नजर आया, क्योंकि पालतू जानवर उनके परिवार का अहम हिस्सा थे।

आग के कारणों की जांच शुरू

मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) राहुल पाल ने बताया कि सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और प्राथमिकता के आधार पर लोगों की जान बचाने का काम किया गया। सभी चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि तीन पालतू डॉग्स को नहीं बचाया जा सका।

फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट सहित अन्य संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर घरों में अग्नि सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को उजागर किया है। साथ ही यह हादसा पालतू जानवरों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है। परिवार सुरक्षित है, लेकिन अपने तीन प्रिय पालतू साथियों को खोने का दुख उनके लिए किसी बड़े नुकसान से कम नहीं है।

Leave a comment