घर में घुसकर युवक पर किया हमला, पुलिस कार्रवाई न होने पर पीड़ित पहुंचे एसपी के पास

नागौर के रोहिणी गांव में युवक पर लाठी-हाथों से हमला। पत्नी से बदसलूकी, पुलिस 4 दिन तक निष्क्रिय। पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय पहुंचा।

रोहिणी गांव में युवक से मारपीट और पत्नी से बदसलूकी के मामले में चार दिन बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। पीड़ित महिला घायल पति के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी और सुरक्षा की मांग कर रही है।

Rajasthan: नागौर जिले के श्री बालाजी थाना क्षेत्र के रोहिणी गांव में 17 जनवरी की शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई। गांव निवासी मुन्नी कंवर राजपूत अपने घर में खाना बना रही थीं, जबकि उनके पति स्नान कर रहे थे। इसी दौरान परिवार के ही कुछ लोग शराब के नशे में धुत होकर उनके घर में घुस आए।

आरोप है कि जेठ के बेटे विक्रम सिंह, गोविंद सिंह और लालसिंह ने बिना किसी कारण युवक पर हमला कर दिया। लाठियों और हाथों से की गई इस मारपीट में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावरों ने युवक को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा, जिससे उसके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

बीच-बचाव करने आई पत्नी से बदसलूकी

जब मुन्नी कंवर ने अपने पति को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके साथ भी मारपीट शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उसकी लज्जा भंग करने का प्रयास किया। इस दौरान घर में चीख-पुकार मच गई, लेकिन आरोपी किसी की परवाह किए बिना हिंसा करते रहे।

घटना के बाद जाते-जाते आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए। महिला का कहना है कि इस घटना ने न सिर्फ उसके परिवार की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया, बल्कि उसे मानसिक रूप से भी तोड़ दिया है।

घायल युवक अस्पताल में भर्ती

गंभीर रूप से घायल युवक को इलाज के लिए नागौर के राजकीय पंडित जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। पीड़िता ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उसने श्री बालाजी थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

हालांकि, चार दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। महिला का आरोप है कि थानाधिकारी उसे बार-बार थाने के चक्कर लगवा रहे हैं और आरोपियों को पकड़ने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे। इस वजह से आरोपियों के हौसले और बढ़ गए हैं और वे खुलेआम गांव में घूम रहे हैं।

रसूखदारों को संरक्षण का आरोप

पीड़िता का कहना है कि आरोपी प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के हैं, इसलिए स्थानीय पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करने से बच रही है। आरोपियों को संरक्षण मिलने के कारण पूरा परिवार दहशत में जी रहा है। महिला ने यह भी बताया कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं, लेकिन पुलिस सुरक्षा तक उपलब्ध नहीं करवा रही।

पुलिस स्तर पर सुनवाई न होने से मजबूर होकर मुन्नी कंवर अपने घायल पति के साथ जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसपी से आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। पीड़िता ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। अब सभी की नजरें जिला पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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