Union Budget 2026: दिल्ली के व्यापारियों की 10 बड़ी मांगें, क्या 20 लाख लोगों की उम्मीदें पूरी करेगी सरकार?

Union Budget 2026 से पहले दिल्ली के व्यापारियों ने अपनी 10 बड़ी मांगें पेश की हैं। जानिए कौन-कौन सी उम्मीदें हैं और क्या सरकार इन मांगों को पूरा करके 20 लाख

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी टैरिफ के संभावित असर और घरेलू बाजार की चुनौतियों के बीच केंद्रीय बजट 2026-27 को बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य से जुड़े इस बजट से मिडिल क्लास और छोटे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

Union Budget 2026: केंद्र सरकार जल्द ही Union Budget 2026-27 पेश करने जा रही है और इसे वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी टैरिफ के संभावित प्रभाव और घरेलू बाजार की चुनौतियों के बीच बेहद अहम माना जा रहा है। बजट से मिडिल क्लास, छोटे व्यापारियों और राजधानी दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। 

इस बजट को लेकर दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर 10 प्रमुख मांगें रखी हैं।

CTI की प्रमुख मांगें और उनका महत्व

  1. वरिष्ठ टैक्सपेयर्स के लिए पेंशन और सुरक्षा: CTI की पहली मांग बुजुर्ग व्यापारियों और वर्षों से टैक्स देने वालों को पेंशन, सोशल सिक्योरिटी और रिटायरमेंट बेनिफिट देने की है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
  2. मिडिल क्लास और छोटे व्यापारियों के लिए सस्ती लोन सुविधा: दूसरी मांग में CTI ने छोटे व्यापारियों और मिडिल क्लास के लिए सस्ती ब्याज दर पर लोन उपलब्ध कराने का आग्रह किया है, ताकि उन्हें कॉरपोरेट्स के समान वित्तीय साधन मिल सकें।
  3. GST एमनेस्टी स्कीम में राहत: तीसरी मांग GST एमनेस्टी स्कीम से संबंधित है। CTI का कहना है कि उन व्यापारियों को भी राहत मिले, जिन्होंने पहले ही टैक्स, ब्याज और पेनल्टी का भुगतान कर दिया है।
  4. ट्रेड एंड इंडस्ट्री डेवलपमेंट बोर्ड: चौथी मांग में केंद्र स्तर पर व्यापारियों और उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए एक विशेष बोर्ड की स्थापना का सुझाव दिया गया है।
  5. इनकम टैक्स का नाम बदलकर ‘राष्ट्र निर्माण सहयोग निधि’ करना: CTI का मानना है कि टैक्स का नाम राष्ट्र निर्माण से जोड़ने से लोगों में टैक्स देने की सकारात्मक सोच विकसित होगी।
  6. दिल्ली के बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये: संगठन ने राष्ट्रीय राजधानी के बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए बजट में विशेष फंड की मांग की है।
  7. वन नेशन, वन लाइसेंस और वन रजिस्ट्रेशन सिस्टम: सभी व्यापारिक लाइसेंस एक डिजिटल प्लेटफॉर्म से जारी होने चाहिए और ऑटो रिन्यूअल की सुविधा भी प्रदान हो।
  8. राष्ट्रीय ट्रेडर्स स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम: व्यापारियों और उनके कर्मचारियों के लिए डिजिटल स्किल्स, अकाउंटिंग, साइबर सिक्योरिटी और कस्टमर मैनेजमेंट पर केंद्रित प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाए।
  9. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती: CTI ने पेट्रोलियम उत्पादों को GST के दायरे में लाने या तेल कंपनियों पर दबाव बनाकर कीमतों में कटौती करने की मांग की है।
  10. अधिक टैक्स देने वाले व्यापारियों को सम्मान: केंद्र और राज्य स्तर पर अधिक टैक्स देने वाले व्यापारियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित और पुरस्कृत किया जाए।

CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल के अनुसार दिल्ली में करीब 20 लाख व्यापारी और उद्यमी इस बजट पर निगाह लगाए हुए हैं। उनका कहना है कि यदि राष्ट्रीय राजधानी के लिए विशेष बजट आवंटन होता है, तो बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों के पुनर्विकास का काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

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