रायपुर में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद नगर निगम ने उसकी अवैध दुकान तोड़ दी। पुलिस जांच में पांच दिन तक अपराध करने की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई की है।
Chhattisgarh: रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि 65 वर्षीय आरोपी अब्दुल सज्जाद अंसारी ने अपने ही मोहल्ले की 9 साल की बच्ची को चॉकलेट और खाने-पीने की चीजों का लालच देकर अपने घर बुलाया।
आरोप है कि आरोपी ने 7 जनवरी से 11 जनवरी के बीच लगातार पांच दिनों तक बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। बच्ची को आरोपी ने डराया और किसी को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी, जिसके कारण वह डर के मारे चुप रही।
दर्द से रोती बच्ची ने बताया पूरा सच
12 जनवरी की सुबह बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वह दर्द से रोती हुई जमीन पर लेटी थी। जब उसकी चाची उसे नहलाने ले गईं और दर्द की वजह पूछी, तब बच्ची ने हिम्मत जुटाकर पूरी आपबीती बता दी। परिजन तुरंत बच्ची को लेकर थाने पहुंचे और सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आरोपी को हिरासत में ले लिया। बच्ची के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी की गिरफ्तारी कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
नगर निगम की सख्त कार्रवाई
रेप जैसे जघन्य अपराध के बाद नगर निगम प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया। आरोपी की एक दुकान नगर निगम नियमों के खिलाफ अवैध रूप से बनाई गई थी। रायपुर की मेयर मीनल चौबे के निर्देश पर नगर निगम ने इस पर कार्रवाई की। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि 16 जनवरी को आरोपी की दुकान पर नोटिस चस्पा किया गया था।
नोटिस में तय समय सीमा के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन आरोपी की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुलडोजर की मदद से अवैध दुकान को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन ने साफ किया कि गंभीर अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
रायपुर में बढ़ते अपराध
इस घटना ने रायपुर में बढ़ते अपराधों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रायपुर पुलिस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में कुल 15,896 अपराध दर्ज किए गए। आंकड़ों के मुताबिक एक साल में 280 रेप के मामले सामने आए, जबकि 92 हत्याएं हुईं। इसके अलावा 543 चाकूबाजी की घटनाएं दर्ज की गईं। सबसे अधिक अपराध खमतराई थाना क्षेत्र में सामने आए, जहां 1,013 एफआईआर दर्ज हुईं।
प्रशासन का कहना है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने के लिए पुलिस और नगर निगम मिलकर सख्त कदम उठा रहे हैं। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।









