GOBARdhan Scheme 2026: CBG उत्पादकों को 10 साल तक मिलेगा मूल्य समर्थन, जानें योजना के फायदे

GOBARdhan Scheme 2026: सरकार ने ₹23,731 करोड़ की योजना लागू की है। CBG उत्पादकों को 10 साल तक स्थिर मूल्य समर्थन खरीद की गारंटी और पूंजी सहायता जैसे लाभ मिलेंगे

सरकार ने 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को लागू कर दिया है। इस योजना के तहत कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) उत्पादकों को उनकी बिक्री योग्य गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद, कम से कम 10 वर्षों के लिए प्रशासित मूल्य और पूंजीगत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 

GOBARdhan Yojana: केंद्र सरकार ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 23,731 करोड़ रुपये की गोबरधन योजना को लागू कर दिया है। इस योजना का उद्देश्य जैविक कचरे से स्वच्छ ईंधन तैयार करने वाली परियोजनाओं को आर्थिक सहायता, स्थिर बाजार और बेहतर बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराना है। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से देश में CBG उत्पादन बढ़ेगा, निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और ऊर्जा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से 15 सितंबर 2026 को जारी परिचालन दिशानिर्देशों के मुताबिक, योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी। इसके तहत पात्र CBG उत्पादकों को बिक्री के लिए उपलब्ध गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद, कम से कम 10 वर्षों के लिए प्रशासित मूल्य और पूंजीगत सहायता जैसे प्रावधान मिलेंगे। 

क्या है गोबरधन योजना?

गोबरधन का पूरा नाम Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan है। इस पहल के तहत पशुओं के गोबर, कृषि अवशेष, खाद्य कचरे, प्रेसमड और अन्य जैविक संसाधनों का उपयोग करके बायोगैस, कंप्रेस्ड बायोगैस और जैविक खाद तैयार की जाती है। गोबरधन कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 2018 में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत हुई थी। 

अब CBG क्षेत्र को बड़े स्तर पर विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने इससे संबंधित विभिन्न सहायता उपायों को एकीकृत ढांचे के तहत लाया है। योजना का लक्ष्य घरेलू CBG उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाना और एक मजबूत सर्कुलर बायोइकोनॉमी तैयार करना है।

CBG की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद

नई व्यवस्था के तहत पात्र CBG उत्पादक अपनी बिक्री योग्य गैस की 100 प्रतिशत तक सुनिश्चित खरीद का विकल्प चुन सकते हैं। यह सुविधा तकनीकी और परिचालन व्यवहार्यता पर निर्भर होगी। गैस की खरीद मुख्य रूप से शहर गैस वितरण (CGD) कंपनियों के माध्यम से की जाएगी। इसके अलावा, CBG संयंत्रों को पाइपलाइन नेटवर्क और गैस वितरण क्षेत्रों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया है। 

क्लस्टर आधारित और स्वतंत्र पाइपलाइन ढांचे के माध्यम से उत्पादित गैस को मुख्य पाइपलाइन या CGD नेटवर्क तक पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे गैस की निकासी, परिवहन और बाजार तक पहुंच से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में मदद मिल सकती है। 

CNG और PNG के लिए CBG खरीद का दायित्व

योजना के तहत शहर गैस वितरण कंपनियों के लिए CBG खरीद से जुड़ा दायित्व निर्धारित किया गया है। CNG परिवहन और घरेलू PNG क्षेत्रों में यह अनुपात वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत रहेगा। इस प्रावधान का उद्देश्य CBG के लिए दीर्घकालिक मांग तैयार करना है। इससे उत्पादकों को बाजार की बेहतर स्पष्टता मिल सकती है और नई परियोजनाओं की वित्तीय व्यवहार्यता मजबूत हो सकती है। 

2,110 रुपये प्रति MMBTU का प्रशासित मूल्य

सरकार ने CBG के लिए शुरुआती प्रशासित मूल्य 2,110 रुपये प्रति MMBTU तय किया है। यह मूल्य कम से कम 10 वर्षों के लिए लागू रहने की व्यवस्था है और 31 मार्च 2036 तक जारी रह सकता है, जब तक इसमें बदलाव या विस्तार नहीं किया जाता। रिपोर्टों के अनुसार, 95 प्रतिशत मीथेन सामग्री के आधार पर यह कीमत लगभग 98 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई है। 

हालांकि, प्रति किलोग्राम समतुल्य राशि गैस की गुणवत्ता और गणना के आधार पर अलग-अलग प्रस्तुत की गई है। इसलिए उत्पादकों और निवेशकों को अंतिम मूल्य निर्धारण के लिए आधिकारिक दिशानिर्देशों को देखना चाहिए। कर और कंप्रेशन शुल्क इस मूल्य में शामिल नहीं हैं। 

पूंजीगत सहायता और ऋण सुविधा

गोबरधन योजना में CBG परियोजनाओं के लिए पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर, क्रेडिट गारंटी और इकोसिस्टम चैलेंज फंड जैसे प्रावधान शामिल हैं। नए CBG संयंत्रों को स्थापित क्षमता के आधार पर वित्तीय सहायता दी जाएगी, जबकि मौजूदा बायोगैस संयंत्रों को CBG उत्पादन के लिए अपग्रेड करने वाली परियोजनाओं के लिए भी सहायता का प्रावधान है।

क्रेडिट गारंटी व्यवस्था का उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को संस्थागत ऋण तक बेहतर पहुंच देना है। इसके अलावा, जैविक खाद के प्रसंस्करण, कच्चे माल के संग्रह और तकनीकी सुधार से जुड़ी गतिविधियों को भी समर्थन मिल सकता है।

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