गोंडा में सोशल मीडिया विवाद के बाद व्यापारी की हत्या, प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी देने की मांग की

गोंडा में सोशल मीडिया विवाद के बाद व्यापारी विनोद सहानी की हत्या पर प्रदर्शन हुआ। परिवार ने फांसी, 5 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी समेत कई मांगें रखीं।

गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट के विवाद के बाद 45 वर्षीय व्यापारी विनोद सहानी की हत्या के विरोध में प्रदर्शन हुआ। परिवार ने आरोपियों को फांसी, घर गिराने, 5 करोड़ रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

गोंडा: उत्तर प्रदेश के गोंडा में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुए विवाद के बाद 45 वर्षीय बर्तन व्यापारी विनोद कुमार सहानी की हत्या के मामले में शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों और मृतक के परिजनों ने आरोपियों को मृत्युदंड देने, उनके घर गिराने और परिवार को 5 करोड़ रुपये मुआवजा देने समेत कई मांगें उठाईं। परिवार ने जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन को नौ सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर और आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर जैसी मांगें भी रखीं।

गोंडा जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन का नेतृत्व किया। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने रेक्सड़िया गांव में शव के साथ अलग प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और विनोद कुमार सहानी की हत्या में शामिल आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

परिजनों ने मामले को संभालने में कथित लापरवाही के लिए पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि यदि पुलिस ने समय रहते उचित कदम उठाए होते तो घटना को रोका जा सकता था।

हालांकि, पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की विभागीय जांच का आदेश दिया जा चुका है और इस प्रक्रिया में तथ्यों की जांच की जानी है।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर हुआ था विवाद

पुलिस के अनुसार, विनोद कुमार सहानी को बुधवार शाम कुछ लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर रास्ते में रोक लिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चल रहे विवाद के बीच उन पर हमला किया गया।

हमले में सहानी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें लखनऊ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस मामले में हत्या के कारण, हमले की परिस्थितियों और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

शव के साथ सड़क पर पहुंचे ग्रामीण

शुक्रवार सुबह रेक्सड़िया गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। यह इलाका परसपुर थाना क्षेत्र में आता है। ग्रामीण बाद में सहानी के शव को लेकर चाचरी-परसपुर मार्ग की ओर बढ़ने लगे।

पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसके बाद प्रदर्शनकारी शव को शाहपुर बाजार ले गए और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।

इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मौके पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।

मृतक के परिवार ने भी अपनी मांगों को लेकर प्रशासन पर दबाव बनाया और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई।

तीन पुलिसकर्मी पहले ही निलंबित

विरोध प्रदर्शन से एक दिन पहले पुलिस विभाग ने मामले में कथित लापरवाही को लेकर तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया था।

निलंबित पुलिसकर्मियों में परसपुर थाने के एसएचओ उपनिरीक्षक कमला शंकर चतुर्वेदी, शाहपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अंकित सिंह और कांस्टेबल अभिमन्यु भारती शामिल हैं।

पुलिस विभाग ने इनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। इन पुलिसकर्मियों पर मामले को संभालने में कथित लापरवाही और कर्तव्य में चूक का आरोप है।

विभागीय जांच में यह देखा जाएगा कि घटना से पहले या उसके दौरान पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई थी और क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई।

गोंडा में सुरक्षा बढ़ाई गई

प्रदर्शन और तनाव को देखते हुए गोंडा जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। परसपुर, तरबगंज, नवाबगंज और करनैलगंज थानों की पुलिस को तैनात किया गया।

अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) राधेश्याम राय की निगरानी में सुरक्षा व्यवस्था संभाली गई। करनैलगंज गांव की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग की गई।

इसके अलावा जिला कलेक्ट्रेट, जिलाधिकारी आवास, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और सर्किट हाउस के आसपास भी सुरक्षा बढ़ाई गई।

प्रशासन ने प्रदर्शन के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।

संजय निषाद ने परिवार से की मुलाकात

निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन और पुलिस अधीक्षक अभिषेक से मुलाकात की।

इसके बाद वह कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मांगें सुनीं और मृतक परिवार के लिए न्याय की मांग का समर्थन किया।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और सहानी की हत्या में शामिल आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।

परिवार ने रखी नौ सूत्रीय मांग

मृतक के परिवार की ओर से जिला मजिस्ट्रेट को दिए गए नौ सूत्रीय ज्ञापन में कई मांगें शामिल हैं।

परिवार ने आरोपियों को मृत्युदंड देने और उनके घरों को गिराने की मांग की। इसके अलावा पुलिस एनकाउंटर की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।

परिवार ने 5 करोड़ रुपये के मुआवजे, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घर देने की मांग की है।

इसके साथ ही परिवार ने आवासीय या कृषि भूमि, सुरक्षा उपलब्ध कराने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

ज्ञापन में उन लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है, जिन पर आरोपियों को हथियार, आर्थिक मदद या वैचारिक समर्थन उपलब्ध कराने का आरोप है।

इन मांगों पर प्रशासन की ओर से अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

जिलाधिकारी ने दिया कार्रवाई का भरोसा

जिला मजिस्ट्रेट प्रियंका निरंजन ने मृतक परिवार को कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर अन्याय हुआ है तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो-टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आश्वासन दिया कि किसी दोषी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

प्रशासन की ओर से परिवार को शांत रहने और जांच में सहयोग करने का भरोसा दिलाया गया। मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से जांच जारी है।

अखिलेश यादव ने मृतक के बेटे से बात की

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मृतक के बेटे राजा सहानी से फोन पर बातचीत की और घटना पर शोक व्यक्त किया।

इसके अलावा पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह, सपा नेता काजल निषाद, कांग्रेस नेता त्रिलोकी नाथ तिवारी और सपा के प्रदेश सचिव दिग्विजय सिंह भी परिवार या प्रदर्शन में शामिल हुए।

विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी के कारण यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया है।

हत्या की जांच जारी, तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनकी पहचान शुभम सिंह उर्फ गोलू, सुभाष सिंह और आकाश सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस अब हमले की पूरी परिस्थितियों और सोशल मीडिया विवाद से हत्या तक पहुंचे घटनाक्रम की जांच कर रही है। साथ ही पुलिसकर्मियों पर लगे लापरवाही के आरोपों की विभागीय जांच भी चल रही है।

फिलहाल अदालत की ओर से आरोपियों को दोषी ठहराने संबंधी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। इसलिए आरोपों और गिरफ्तारी को जांच की प्रक्रिया के रूप में देखा जाना चाहिए।

पुलिस और प्रशासन के सामने चुनौती

गोंडा में व्यापारी की हत्या के बाद हुए प्रदर्शन ने कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सोशल मीडिया से जुड़े विवादों के संभावित हिंसक परिणामों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। मृतक परिवार ने कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि प्रशासन ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब पुलिस जांच और विभागीय जांच के निष्कर्ष इस मामले में आगे की दिशा तय करेंगे।

फिलहाल तीन आरोपी गिरफ्तार हैं, तीन पुलिसकर्मी निलंबित किए जा चुके हैं और मामले की जांच जारी है। प्रशासन के सामने मृतक परिवार की मांगों और क्षेत्र में शांति बनाए रखने, दोनों के बीच संतुलन कायम रखने की चुनौती है।

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