Google ने Android स्मार्टफोन की स्पीड और बैटरी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए AutoFDO तकनीक पेश की है। यह सिस्टम के कर्नेल को असली उपयोग डेटा के आधार पर ऑप्टिमाइज़ करता है, जिससे ऐप्स तेजी से खुलेंगे और मल्टीटास्किंग स्मूद होगी। शुरुआती टेस्ट में बूट टाइम 2.1% कम और कोल्ड ऐप लॉन्च 4.3% तेज हुआ है, जिससे स्मार्टफोन का कुल प्रदर्शन बेहतर होगा।
Android Performance Update: Google ने अपने Android स्मार्टफोन्स की परफॉर्मेंस और बैटरी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए AutoFDO तकनीक पेश की है। यह नई तकनीक अमेरिका स्थित Google लैब्स में विकसित की गई है और असली उपयोग डेटा के आधार पर कर्नेल को ऑप्टिमाइज़ करती है। इसके तहत ऐप्स तेजी से खुलेंगे, मल्टीटास्किंग स्मूद होगी और स्मार्टफोन का कुल परफॉर्मेंस बेहतर महसूस होगा। यह बदलाव android16-6.12, android15-6.6 और आने वाले android17-6.18 वर्जन में लागू होगा, जिससे यूजर्स को तेज और रिस्पॉन्सिव अनुभव मिलेगा।
AutoFDO तकनीक से परफॉर्मेंस में सुधार
Android का कर्नेल स्मार्टफोन के प्रोसेसर और हार्डवेयर के बीच कड़ी का काम करता है। कुल CPU समय का लगभग 40 प्रतिशत कर्नेल मैनेज करता है। AutoFDO तकनीक पुराने अनुमान आधारित ऑप्टिमाइजेशन को खत्म कर देती है और असली इस्तेमाल के डेटा के अनुसार कर्नेल को तैयार करती है।
इसमें लैब टेस्ट के दौरान लोकप्रिय ऐप्स का व्यवहार रिकॉर्ड किया जाता है और सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले हिस्सों को प्राथमिकता दी जाती है। इससे कोल्ड ऐप लॉन्च में 4.3 प्रतिशत तक सुधार और बूट टाइम में 2.1 प्रतिशत तक कमी देखी गई।

पुराने तरीकों से क्यों अलग है नई तकनीक
पारंपरिक तरीके में डेवलपर्स अनुमान लगाकर कर्नेल तैयार करते थे। AutoFDO असली यूजर्स के व्यवहार का विश्लेषण कर ऑप्टिमाइजेशन करता है, जिससे सिस्टम ज्यादा कुशल और रिस्पॉन्सिव बनता है। इससे बैकग्राउंड और फ्रंटएंड दोनों में स्मार्टफोन का परफॉर्मेंस बेहतर होता है।
शुरुआती टेस्ट में ऐप्स तेजी से खुलने लगे और मल्टीटास्किंग स्मूद हुई। भविष्य के Android वर्जन जैसे android16-6.12, android15-6.6 और आने वाले android17-6.18 में यह बदलाव शामिल किया जाएगा।









