अल्मोड़ा में एक कर्मचारी के Google Pay से जुड़े दो बैंक खातों से साइबर ठगों ने पांच UPI ट्रांजेक्शन के जरिए 2.52 लाख रुपये उड़ा दिए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अल्मोड़ा: उत्तराखंड के अल्मोड़ा में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां Google Pay से जुड़े दो बैंक खातों से बिना अनुमति 2.52 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने पुलिस और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
पांच UPI ट्रांजेक्शन में खाते से निकले 2.52 लाख रुपये
अल्मोड़ा में साइबर अपराधियों ने एक कर्मचारी के Google Pay से लिंक बैंक खातों को निशाना बनाते हुए कुल 2.52 लाख रुपये की ठगी कर ली। पीड़ित गोपाल दत्त, जो ग्रामोत्थान परियोजना में कार्यरत हैं और मूल रूप से नैनीताल जिले के कोटाबाग के निवासी हैं, ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनके भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा के खाते Google Pay से जुड़े हुए थे।

उन्होंने बताया कि 29 और 30 जुलाई के दौरान उन्होंने किसी भी प्रकार का ऑनलाइन भुगतान या UPI ट्रांजेक्शन नहीं किया था। इसके बावजूद दोनों खातों से पांच अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए अज्ञात खातों में कुल 2.52 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। बैंक स्टेटमेंट देखने के बाद उन्हें इस धोखाधड़ी की जानकारी मिली।
दो दिनों में खाली हुई बड़ी रकम
पीड़ित के अनुसार, 29 जुलाई को बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से 96 हजार रुपये निकाले गए, जबकि एसबीआई खाते से 20-20 हजार रुपये के तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। इसके अगले दिन यानी 30 जुलाई को बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से फिर 96 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह दो दिनों में कुल 2.52 लाख रुपये साइबर ठगों के खातों में पहुंच गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने एक अगस्त को दोनों बैंकों से संपर्क कर UPI और अन्य ऑनलाइन बैंकिंग सेवाओं को तत्काल ब्लॉक कराया। इसके साथ ही उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर पुलिस से रकम वापस दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल भी ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और ठगी को किस तरीके से अंजाम दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल ट्रांजेक्शन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
साइबर ठगी से बचने के लिए रखें ये सावधानियां
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी अनजान लिंक, QR कोड या संदिग्ध फाइल पर क्लिक करने से बचना चाहिए। UPI PIN, OTP, CVV या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी भी व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। मोबाइल में केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही बैंकिंग और पेमेंट ऐप डाउनलोड करें तथा किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
इसके अलावा बैंक अलर्ट और SMS नोटिफिकेशन हमेशा सक्रिय रखें ताकि किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी तुरंत मिल सके। यदि खाते से बिना अनुमति कोई लेन-देन होता है, तो तुरंत बैंक को सूचित करें और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर शिकायत करने से कई मामलों में रकम होल्ड या रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।











