गोरखपुर सिटी बस हड़ताल: वेतन नहीं मिलने पर परिचालकों का प्रदर्शन, शहर की बस सेवा पूरी तरह ठप

गोरखपुर में दो महीने का वेतन नहीं मिलने पर इलेक्ट्रिक सिटी बस परिचालक हड़ताल पर हैं। जानें बस सेवा बंद होने की वजह, यात्रियों पर असर और प्रशासन का बयान।

गोरखपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बस के परिचालकों ने दो महीने का वेतन नहीं मिलने के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। इसके चलते सोमवार को शहर की बस सेवा पूरी तरह बंद रही, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

गोरखपुर: गोरखपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा सोमवार को पूरी तरह प्रभावित हो गई। दो महीने से वेतन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए बस परिचालकों ने महेशरा बस डिपो में धरना शुरू कर दिया। हड़ताल के कारण शहर में एक भी इलेक्ट्रिक बस नहीं चली, जिससे नौकरीपेशा लोगों, छात्रों, मरीजों और व्यापारियों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

वेतन न मिलने पर परिचालकों ने शुरू की हड़ताल

गोरखपुर में इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा सोमवार को पूरी तरह ठप हो गई। बस परिचालकों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी के विरोध में सभी परिचालक महेशरा बस डिपो में धरने पर बैठ गए। हड़ताल के चलते शहर में एक भी इलेक्ट्रिक बस का संचालन नहीं हो सका और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो गई।

नौकरीपेशा, छात्र और मरीज सबसे ज्यादा हुए प्रभावित

बस सेवा बंद होने का सबसे अधिक असर रोजाना सफर करने वाले लोगों पर पड़ा। नौकरीपेशा कर्मचारी, स्कूल और कॉलेज के छात्र, अस्पताल जाने वाले मरीज तथा छोटे कारोबारी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। कई लोगों को निजी वाहन या अन्य सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेना पड़ा, जिससे उन्हें अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ा। शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यात्रियों की भीड़ भी बढ़ गई।

पुरानी और नई फर्म के बीच वेतन को लेकर विवाद

जानकारी के अनुसार इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति ने हाल ही में परिचालकों की तैनाती करने वाली एजेंसी बदल दी है। वर्तमान में नई फर्म के अधीन परिचालक कार्य कर रहे हैं, जबकि कर्मचारियों का कहना है कि पुरानी फर्म ने अब तक उनका बकाया वेतन नहीं दिया है। दूसरी ओर नई फर्म का कहना है कि पुराने भुगतान की जिम्मेदारी उसकी नहीं है। इसी वजह से कर्मचारियों का वेतन अटका हुआ है और मामला विवाद का रूप ले चुका है।

परिचालकों का कहना है कि वे जुलाई महीने से लगातार वेतन जारी करने की मांग कर रहे थे। उन्होंने इस संबंध में इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति से कई बार शिकायत भी की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। अगस्त की शुरुआत तक भी भुगतान नहीं होने पर कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से हड़ताल का फैसला लिया।

प्रशासन ने जल्द समाधान का दिया आश्वासन

इलेक्ट्रिक बस संचालन समिति के नोडल अधिकारी लव कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जानकारी मिलते ही अधिकारी मौके पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संबंधित पक्षों से बातचीत कर जल्द समाधान निकाला जाएगा और शहर में बसों का संचालन सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।

फिलहाल जब तक वेतन विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक शहर की इलेक्ट्रिक बस सेवा प्रभावित रह सकती है। ऐसे में यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

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