मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बाल मेला सम्मान समारोह के दौरान छात्रों से किताबें और समाचार पत्र पढ़ने की अपील की। उन्होंने AI के उपयोग के साथ जिज्ञासा बनाए रखने, रोजगार, स्टार्टअप और खेलों में युवाओं के अवसरों पर भी बात की।
गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह में कहा कि AI सवालों के जवाब दे सकता है, लेकिन अच्छी किताबें सवाल करना सिखाती हैं। उन्होंने छात्रों से तकनीक का उपयोग करने के साथ उस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहने और किताबों व समाचार पत्रों के जरिए नई चीजें जानने की जिज्ञासा बनाए रखने की अपील की।
AI के साथ किताबों और अखबारों की पढ़ाई पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस काम को आसान बनाने के साथ सवालों के जवाब दे सकता है, लेकिन सवाल पूछने और जिज्ञासा विकसित करने की क्षमता अच्छी किताबों से मिलती है। उन्होंने छात्रों से तकनीक का इस्तेमाल करने के साथ उस पर पूरी तरह निर्भर न रहने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र पढ़ने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से समाचार पत्र पढ़ने से भाषा और व्याकरण में सुधार के साथ आसपास और दुनिया में हो रही नई घटनाओं की जानकारी मिलती है।
करीब 70 छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित
मुख्यमंत्री मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में एक मीडिया हाउस की ओर से आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह में पहुंचे थे। कार्यक्रम में विज्ञान मॉडल, चित्रकला, निबंध सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले करीब 70 छात्र-छात्राओं को मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया। समारोह में करीब 500 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।
उन्होंने बच्चों को असफलता से सीखने और प्रयास जारी रखने की सलाह दी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का उदाहरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह वायुसेना के फाइटर पायलट बनना चाहते थे, लेकिन सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने प्रयास जारी रखा और आगे चलकर मिसाइल मैन तथा देश के राष्ट्रपति बने।
यूपी में सरकारी नौकरी और स्टार्टअप को लेकर आंकड़े
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में विभिन्न विभागों में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने अकेले यूपी पुलिस में 2.30 लाख से अधिक भर्तियां होने की बात कही। इससे पहले भी मुख्यमंत्री 9.5 लाख सरकारी नियुक्तियों और अगले छह महीनों में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य बता चुके हैं।
स्टार्टअप के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में 120 स्टार्टअप थे, जबकि अब इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई है। उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन के मौजूदा डैशबोर्ड पर 24,245 DPIIT-Recognized Startups दर्ज हैं।
बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न डालें
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से बच्चों पर अंकों को लेकर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ बच्चों का खेलना, सोना और खाना-पीना भी प्रभावित नहीं होना चाहिए। बच्चों को अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।
उन्होंने खेलों में करियर बनाने वाले युवाओं का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ी को छह करोड़ रुपये के साथ सरकारी नौकरी दी जाती है। उन्होंने कहा कि अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है और अगले सप्ताह 500 से अधिक खिलाड़ियों को फिर नौकरी दी जाएगी।
टेराकोटा और ODOP से स्थानीय हुनर को बाजार
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के टेराकोटा उत्पादों का उल्लेख करते हुए कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) के माध्यम से स्थानीय कारीगरों को बाजार उपलब्ध हुआ है। उन्होंने बच्चों से अपने शहर की विरासत और प्रमुख स्थलों को जानने की अपील भी की।
उन्होंने गोरखनाथ मंदिर, गीता प्रेस, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और रामगढ़ताल का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को इन स्थानों की व्यवस्था और इतिहास को समझना चाहिए।
बेटियों की भागीदारी और सम्मान पर भी बोले
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मान पाने वाले बच्चों में बेटियों की संख्या अधिक है। उन्होंने कहा कि अवसर मिलने पर बेटियां अपनी प्रतिभा के जरिए आगे बढ़ सकती हैं। कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ला, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह और मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा कौशिक शर्मा समेत शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।










