गोरखपुर में सिपाही ने बच्ची की हत्या की: जिला अस्पताल से किडनैप किया, श्मशान में मर्डर कर नदी में फेंका; छेड़खानी में जा चुका जेल

गोरखपुर में सिपाही पर बच्ची को जिला अस्पताल से अगवा कर श्मशान में हत्या करने और शव नदी में फेंकने का आरोप है। आरोपी पहले छेड़खानी के मामले में जेल जा चुका था।
गोरखपुर में सिपाही ने बच्ची की हत्या की: जिला अस्पताल से किडनैप किया, श्मशान में मर्डर कर नदी में फेंका; छेड़खानी में जा चुका जेल
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गोरखपुर में एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक सिपाही पर जिला अस्पताल से बच्ची का अपहरण करने, श्मशान घाट ले जाकर उसकी हत्या करने और शव को नदी में फेंकने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले छेड़खानी के मामले में जेल जा चुका है।

बताया जा रहा है कि बच्ची किसी वजह से जिला अस्पताल पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी सिपाही की उस पर नजर पड़ी। आरोप है कि उसने बच्ची को अस्पताल परिसर से अपने साथ लिया और बाद में उसे श्मशान घाट की तरफ ले गया। परिवार को जब बच्ची के गायब होने की जानकारी हुई तो उसकी तलाश शुरू की गई।

परिजनों ने बच्ची को अस्पताल और आसपास के इलाकों में तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। इसके बाद जांच शुरू हुई और अस्पताल परिसर तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस को जांच के दौरान आरोपी सिपाही की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की तो मामले की परतें खुलती चली गईं। आरोप है कि आरोपी बच्ची को श्मशान घाट लेकर गया था, जहां उसने उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को नदी में फेंक दिया। पुलिस अब नदी में शव की तलाश और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।

घटना की जानकारी मिलते ही बच्ची के परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि जिस व्यवस्था से सुरक्षा की उम्मीद की जाती है, उसी से जुड़े एक व्यक्ति पर इतनी गंभीर वारदात का आरोप लगा है।

जांच में आरोपी सिपाही के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि वह पहले छेड़खानी के मामले में जेल जा चुका था। इसके बावजूद वह पुलिस विभाग में कार्यरत था। अब इस पुराने मामले और आरोपी की सेवा संबंधी रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि आरोपी ने बच्ची को अस्पताल से किस तरह बाहर निकाला और इस पूरी वारदात में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं। अस्पताल परिसर से लेकर श्मशान घाट और नदी तक की गतिविधियों को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां खंगाली जा रही हैं।

जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से मामले की पूरी तस्वीर सामने लाने की कोशिश कर रही हैं। साथ ही घटनास्थल से भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

बच्ची के शव की तलाश के लिए नदी में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। नदी का बहाव और पानी की स्थिति तलाशी अभियान को प्रभावित कर सकती है। पुलिस और बचाव दल संभावित स्थानों पर तलाश कर रहे हैं।

इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर तब, जब आरोपी के खिलाफ पहले भी छेड़खानी का मामला दर्ज होने और जेल जाने की बात सामने आई है। अब यह जांच का विषय होगा कि उसके खिलाफ पुराने मामले में विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई हुई थी और वह दोबारा पुलिस सेवा में कैसे रहा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बच्ची के परिवार को न्याय दिलाने के लिए जांच को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

फिलहाल इस वारदात ने पूरे गोरखपुर को झकझोर दिया है। अस्पताल से बच्ची के गायब होने से लेकर श्मशान घाट और फिर नदी तक पहुंचने की पूरी कहानी पुलिस जांच के केंद्र में है। आरोपी सिपाही के पुराने रिकॉर्ड और इस वारदात के पीछे की वजह की भी पड़ताल की जा रही है

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