कानपुर के परमट स्थित Anandeshwar Temple में सावन के पहले दिन आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही बाबा आनंदेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया था। हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, फूल और पूजा सामग्री लेकर भक्त मंदिर पहुंचे और भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर पूरे दिन हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा।
सावन के पहले दिन बाबा आनंदेश्वर के दर्शन को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखने को मिला। सुबह मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। जैसे-जैसे समय बढ़ता गया, मंदिर के बाहर भक्तों की संख्या भी बढ़ती चली गई। कई श्रद्धालु परिवार के साथ पहुंचे, जबकि बड़ी संख्या में शिवभक्त अकेले भी पूजा करने आए।
भक्तों ने बाबा आनंदेश्वर का जलाभिषेक किया। कई श्रद्धालु गंगा से जल लेकर मंदिर पहुंचे थे। शिवलिंग पर जल चढ़ाने के बाद बेलपत्र, धतूरा, फूल और प्रसाद अर्पित किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि, अच्छी सेहत और मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की।
सावन के पहले दिन मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। घंटियों की आवाज, शंखनाद और शिव मंत्रों के बीच श्रद्धालु दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। कतार में खड़े भक्त लगातार भगवान शिव का नाम लेते रहे। मंदिर के आसपास भी धार्मिक वातावरण बना रहा।
कई भक्तों ने सावन के पहले दिन से ही पूरे महीने भगवान शिव की आराधना और सोमवार व्रत का संकल्प लिया। श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन में बाबा आनंदेश्वर के दर्शन और जलाभिषेक का विशेष महत्व है। इसी आस्था के चलते वे सुबह जल्दी मंदिर पहुंच गए थे।
मंदिर में उमड़ी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और व्यवस्था के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से कतार में आगे बढ़ाया गया। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए व्यवस्था की गई, ताकि दर्शन के दौरान किसी को परेशानी न हो।
सावन की शुरुआत के साथ परमट क्षेत्र में भी धार्मिक गतिविधियां बढ़ गई हैं। मंदिर के आसपास पूजा सामग्री, फूल-माला, बेलपत्र और प्रसाद की दुकानें सज गईं। शिवभक्तों की संख्या बढ़ने से बाजार में भी रौनक दिखाई दी।
आनंदेश्वर मंदिर कानपुर के प्रमुख शिव मंदिरों में शामिल है और सावन के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मान्यता है कि बाबा आनंदेश्वर के दर्शन और पूजा से भक्तों की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इसी आस्था के कारण सावन के दिनों में मंदिर में विशेष भीड़ रहती है।











