IAS की तैयारी करने वाली 3 बहनें चाय बेच रहीं: गोरखपुर में DDU गेट पर खोली बिलीवर बिस्ट्रो की दुकान

गोरखपुर में IAS की तैयारी कर रहीं तीन बहनों ने DDU गेट पर बिलीवर बिस्ट्रो नाम से चाय की दुकान खोली है। YouTube से पढ़ाई के साथ कारोबार भी संभाल रही हैं।
IAS की तैयारी करने वाली 3 बहनें चाय बेच रहीं: गोरखपुर में DDU गेट पर खोली बिलीवर बिस्ट्रो की दुकान
Photo Credit / Attribution: Google

गोरखपुर में तीन बहनों की कहानी इन दिनों चर्चा में है। तीनों बहनें पढ़ाई के साथ अपने पैरों पर खड़े होने की कोशिश कर रही हैं और इसके लिए उन्होंने चाय बेचने का काम शुरू किया है। तीनों बहनों ने दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय यानी DDU के गेट के पास ‘बिलीवर बिस्ट्रो’ नाम से चाय की दुकान शुरू की है। खास बात यह है कि उनका लक्ष्य केवल दुकान चलाना नहीं, बल्कि पढ़ाई जारी रखते हुए संघ लोक सेवा आयोग यानी UPSC की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना भी है। पढ़ाई और काम को एक साथ संभालने वाली इन बहनों की कहानी छात्रों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

DDU गेट के आसपास का इलाका विद्यार्थियों की गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। यहां रोज बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं आते-जाते हैं। ऐसे में चाय और नाश्ते की छोटी दुकान शुरू करना इन बहनों के लिए पढ़ाई के साथ कमाई का एक जरिया बना है। उपलब्ध स्थानीय जानकारी के अनुसार DDU गेट के सामने चाय की दुकानों और स्टूडेंट-केंद्रित छोटे कारोबार का माहौल पहले से मौजूद है। इसी क्षेत्र में पहले भी छात्राओं द्वारा चाय का स्टार्टअप चलाने की खबर सामने आ चुकी है।

तीनों बहनों की कोशिश को इसलिए भी अलग नजर से देखा जा रहा है क्योंकि वे अपनी पढ़ाई का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए किसी एक रास्ते पर निर्भर रहने के बजाय खुद काम कर रही हैं। उनका लक्ष्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना है। इसके लिए वे दुकान चलाने के साथ समय निकालकर पढ़ाई करती हैं। बताया जा रहा है कि पढ़ाई के लिए वे ऑनलाइन माध्यम का भी इस्तेमाल कर रही हैं और YouTube के जरिए अलग-अलग विषयों की तैयारी करती हैं। इंटरनेट और मोबाइल के माध्यम से लेक्चर, पढ़ाई की सामग्री और परीक्षा से जुड़े कंटेंट तक पहुंच बनाना उनके लिए तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

UPSC की तैयारी को आमतौर पर लंबी और लगातार मेहनत वाली प्रक्रिया माना जाता है। इसमें सामान्य अध्ययन, समसामयिक घटनाक्रम, भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और अन्य विषयों को समझने के साथ उत्तर लिखने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी होता है। ऐसी तैयारी के लिए कई विद्यार्थी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं, जबकि कुछ विद्यार्थी किताबों, ऑनलाइन कक्षाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्वयं तैयारी करते हैं। तीनों बहनों का तरीका भी इसी तरह पढ़ाई और काम को साथ लेकर चलने वाला है।

बिलीवर बिस्ट्रो की शुरुआत उनके लिए केवल चाय बेचने का माध्यम नहीं है, बल्कि अपने लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। दुकान पर आने वाले लोगों के लिए यह एक सामान्य चाय-नाश्ते की जगह हो सकती है, लेकिन इन बहनों के लिए यही जगह उनके संघर्ष और आत्मनिर्भरता की कहानी का हिस्सा बन गई है। दिन के समय ग्राहकों को चाय और दूसरी चीजें उपलब्ध कराने के बाद वे अपनी पढ़ाई के लिए समय निकालती हैं। इस तरह दुकान और पढ़ाई दोनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की जा रही है।

गोरखपुर में इससे पहले भी छात्राओं और युवाओं के चाय के छोटे कारोबार शुरू करने की खबरें सामने आती रही हैं। वर्ष 2022 में गोरखपुर विश्वविद्यालय के बाहर अवनि त्रिपाठी नाम की छात्रा द्वारा ‘Tea Verse’ नाम से चाय स्टार्टअप चलाने की खबर सामने आई थी। उस रिपोर्ट में बताया गया था कि वह ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ चाय का स्टॉल चला रही थीं और स्टॉल पर चाय पीने के बाद खाने योग्य कप की अवधारणा भी इस्तेमाल की जाती थी।

ऐसे उदाहरण यह बताते हैं कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों के आसपास छोटे स्तर पर शुरू किए गए कारोबार छात्रों के लिए कमाई के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव का माध्यम भी बन सकते हैं। हालांकि तीन बहनों की मौजूदा कहानी में सबसे ज्यादा ध्यान उनकी UPSC तैयारी और पढ़ाई जारी रखने की कोशिश पर है। वे नौकरी मिलने का इंतजार करने के बजाय अपनी पढ़ाई के साथ खुद कमाई का रास्ता बना रही हैं।

इन बहनों की दिनचर्या आसान नहीं होगी। दुकान खोलना, ग्राहकों को संभालना, सामान की व्यवस्था करना, चाय और अन्य चीजें तैयार करना तथा दुकान के दूसरे कामों के बीच पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय निकालना अपने आप में चुनौती है। इसके अलावा सिविल सेवा परीक्षा जैसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए नियमित अध्ययन की जरूरत होती है। ऐसे में समय का सही इस्तेमाल उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।

YouTube जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म ने पढ़ाई के तरीके को भी काफी बदल दिया है। अब विद्यार्थियों को किसी एक शहर या संस्थान तक सीमित रहने की जरूरत नहीं है। मोबाइल फोन और इंटरनेट के जरिए वे अलग-अलग विषयों के वीडियो लेक्चर, समाचार विश्लेषण, करंट अफेयर्स और परीक्षा से जुड़े अध्ययन सामग्री तक पहुंच बना सकते हैं। हालांकि केवल वीडियो देखने से परीक्षा की तैयारी पूरी नहीं होती, बल्कि नियमित नोट्स, किताबों का अध्ययन, प्रश्नों का अभ्यास और उत्तर लेखन भी जरूरी होता है। तीनों बहनों के मामले में ऑनलाइन पढ़ाई उनके उपलब्ध संसाधनों के अनुसार तैयारी का एक हिस्सा है।

DDU विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार विश्वविद्यालय गोरखपुर में स्थित है और वर्तमान में विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर और अन्य कार्यक्रम संचालित करता है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर 2026-27 सत्र से जुड़ी प्रवेश और अन्य सूचनाएं भी उपलब्ध हैं।

बिलीवर बिस्ट्रो की कहानी का एक पहलू यह भी है कि पढ़ाई और कमाई को एक-दूसरे के विरोध में देखने के बजाय दोनों को साथ लेकर चलने की कोशिश की जा रही है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे कई युवाओं के लिए आर्थिक संसाधनों की कमी बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए छोटा कारोबार शुरू करना उन्हें अपने लक्ष्य के करीब बने रहने में मदद कर सकता है। हालांकि इस तरह की राह में मेहनत के साथ समय प्रबंधन और लगातार पढ़ाई बनाए रखना जरूरी होता है।

तीनों बहनों की कहानी में सबसे अहम बात यही है कि उन्होंने पढ़ाई को छोड़कर काम करने का रास्ता नहीं चुना और न ही काम के कारण अपने लक्ष्य को पीछे रखने की बात सामने आई है। वे चाय की दुकान चला रही हैं और साथ ही IAS बनने की तैयारी भी कर रही हैं। दुकान के आसपास आने वाले विद्यार्थी और अन्य ग्राहक उनके इस प्रयास को रोज देखते हैं। इस वजह से बिलीवर बिस्ट्रो धीरे-धीरे केवल चाय की दुकान से आगे एक ऐसी जगह के रूप में चर्चा में आ रहा है, जहां पढ़ाई और स्वरोजगार दोनों साथ दिखाई देते हैं।

उनकी कहानी यह भी दिखाती है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए संसाधन भले अलग-अलग हों, लेकिन लक्ष्य तक पहुंचने के लिए निरंतर प्रयास जरूरी होता है। किसी के पास महंगी कोचिंग का विकल्प हो सकता है तो कोई ऑनलाइन सामग्री और किताबों के सहारे तैयारी करता है। इन तीनों बहनों ने पढ़ाई के साथ चाय की दुकान को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। अब उनका आगे का सफर इस बात पर निर्भर करेगा कि वे दुकान की जिम्मेदारियों के साथ अपनी पढ़ाई को किस तरह नियमित रख पाती हैं।

गोरखपुर के DDU गेट पर चाय बेचने वाली इन तीन बहनों की चर्चा इसलिए भी हो रही है क्योंकि उनके काम के पीछे एक स्पष्ट शैक्षणिक लक्ष्य बताया जा रहा है। ‘बिलीवर बिस्ट्रो’ उनके लिए कमाई का साधन होने के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने का जरिया है। YouTube और दूसरे ऑनलाइन संसाधनों के जरिए वे तैयारी कर रही हैं और दुकान से मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव के साथ अपने बड़े लक्ष्य की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही हैं। उनकी कहानी उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरक उदाहरण के रूप में देखी जा सकती है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं, हालांकि उनकी व्यक्तिगत सफलता या भविष्य के परिणाम को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

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