GTM 2026 में आंध्र प्रदेश ने पर्यटन विकास का महत्वाकांक्षी विज़न पेश किया

GTM 2026 केरल में AP मिनिस्टर ने आंध्र प्रदेश के पर्यटन विकास, 36.42 करोड़ पर्यटक विजिट और पर्यटन नीति 2024-29 की उपलब्धियों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया।

केरल में आयोजित GTM 2026 में आंध्र प्रदेश के पर्यटन मंत्री कंदुला दुर्गेश ने राज्य के पर्यटन क्षेत्र की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि राज्य में 36.42 करोड़ पर्यटक आए और नई नीति से पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है।

तिरवंतपुरम: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में आयोजित ‘ग्लोबल ट्रैवल मार्केट (GTM) 2026’ में आंध्र प्रदेश ने अपने पर्यटन क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन दक्षिण भारत का एक प्रमुख बिजनेस-टू-बिजनेस और बिजनेस-टू-कंज्यूमर पर्यटन मंच माना जाता है, जहां देश-विदेश के पर्यटन विशेषज्ञ, निवेशक और नीति निर्माता एक साथ शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति और सिनेमैटोग्राफी मंत्री Kandula Durgesh ने उद्घाटन सत्र में मुख्य भाषण दिया और राज्य की नई पर्यटन रणनीति को वैश्विक निवेशकों के सामने रखा।

आंध्र प्रदेश को ‘अनूठा पर्यटन अनुभव’ देने वाला राज्य बताया

अपने संबोधन में मंत्री कंदुला दुर्गेश ने कहा कि आंध्र प्रदेश तेजी से एक ऐसे पर्यटन गंतव्य के रूप में उभर रहा है, जो पर्यटकों को केवल यात्रा नहीं बल्कि एक यादगार अनुभव प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन को केवल सेवा क्षेत्र नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और रोजगार सृजन के महत्वपूर्ण साधन के रूप में देख रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन क्षेत्र स्थानीय कारीगरों, छोटे व्यवसायों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

रिकॉर्ड पर्यटन वृद्धि और विदेशी पर्यटकों में तेज़ उछाल

मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 में आंध्र प्रदेश ने पर्यटन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। इस अवधि में राज्य में लगभग 364.2 मिलियन यानी 36.42 करोड़ पर्यटक यात्राएं दर्ज की गईं, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में 48 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है, जो यह दर्शाता है कि आंध्र प्रदेश अब वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

पर्यटन नीति 2024-29 से बदलता विकास मॉडल

मंत्री कंदुला दुर्गेश ने राज्य सरकार की ‘पर्यटन नीति 2024-29’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र बनाना है। इस नीति के तहत राज्य में पर्यटन को आधुनिक, निवेश-अनुकूल और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि सरकार पारंपरिक “स्टॉपओवर टूरिज्म” मॉडल से आगे बढ़कर ऐसे पर्यटन अनुभव विकसित कर रही है, जहां पर्यटक अधिक समय तक राज्य में रुकें और विविध स्थलों का अनुभव करें।

7 प्रमुख पर्यटन हब और 25 थीमैटिक सर्किट का विकास

राज्य सरकार ने पर्यटन विकास के लिए एक व्यापक योजना तैयार की है, जिसके तहत सात प्रमुख पर्यटन हब विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा 25 से अधिक थीमैटिक टूरिज्म सर्किट तैयार किए जा रहे हैं, जो राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों को एक नेटवर्क के रूप में जोड़ेंगे।

इन योजनाओं में इको-टूरिज्म, धार्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन और विरासत स्थलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को एक ही राज्य में विविध अनुभव उपलब्ध कराना है।

आंध्र प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की वैश्विक पहचान

मंत्री ने राज्य के विविध पर्यटन आकर्षणों का उल्लेख करते हुए कहा कि आंध्र प्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का अद्भुत संगम है।

उन्होंने तिरुपति और श्रीशैलम जैसे विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों को राज्य की आध्यात्मिक पहचान बताया। इसके साथ ही 1,054 किलोमीटर लंबा समुद्री तट, अराकू वैली और लम्बासिंगी जैसे हिल स्टेशन, घने मैंग्रोव क्षेत्र तथा गंडिकोटा, लेपाक्षी और अमरावती जैसे ऐतिहासिक स्थल राज्य को पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध बनाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की पारंपरिक संस्कृति, व्यंजन और जीआई टैग प्राप्त हस्तशिल्प भी पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं।

पर्यटन को रोजगार और आर्थिक विकास का इंजन बताया

अपने संबोधन में मंत्री ने जोर देकर कहा कि पर्यटन केवल यात्रा उद्योग नहीं है, बल्कि यह रोजगार सृजन और आर्थिक विकास का मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र होटल उद्योग, परिवहन, हस्तशिल्प और स्थानीय सेवाओं के माध्यम से लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि पर्यटन के विस्तार से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होती हैं और यह समग्र विकास को बढ़ावा देता है।

2047 तक वैश्विक पर्यटन गंतव्य बनने का लक्ष्य

आंध्र प्रदेश सरकार ने दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाते हुए वर्ष 2047 तक राज्य को एक विश्व स्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए सरकार बुनियादी ढांचे, डिजिटल पर्यटन, अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और निजी निवेश को बढ़ावा दे रही है।

मंत्री ने कहा कि यह विज़न केवल राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य आंध्र प्रदेश को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाना है।

निवेशकों को खुला आमंत्रण और क्षेत्रीय सहयोग पर जोर

GTM 2026 के मंच से मंत्री कंदुला दुर्गेश ने देश-विदेश के पर्यटन निवेशकों और टूर ऑपरेटरों को आंध्र प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश के लिए अनुकूल वातावरण, मजबूत नीति समर्थन और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण भारत के सभी राज्यों को मिलकर एक वैश्विक पर्यटन शक्ति के रूप में उभरना चाहिए, जिससे पूरे क्षेत्र की आर्थिक क्षमता बढ़े।

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