गार्ड बहाली के नाम पर 40-40 हजार वसूली का आरोप: शिकायतकर्ता का दावा- बंद कमरे में लिए गए रुपए, थाने में दी शिकायत

गार्ड बहाली के नाम पर 40-40 हजार रुपए लेने का आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का दावा है कि बंद कमरे में रकम ली गई। मामले में थाने में शिकायत दी गई है।
गार्ड बहाली के नाम पर 40-40 हजार वसूली का आरोप: शिकायतकर्ता का दावा- बंद कमरे में लिए गए रुपए, थाने में दी शिकायत
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गार्ड की बहाली के नाम पर 40-40 हजार रुपए वसूले जाने का आरोप सामने आया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से रकम मांगी गई और पैसे लेने की प्रक्रिया बंद कमरे में की गई। मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने थाने में आवेदन देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, गार्ड की बहाली को लेकर लोगों से संपर्क किया गया था। नौकरी मिलने की उम्मीद में कई अभ्यर्थी प्रक्रिया में शामिल हुए। इसी दौरान कथित तौर पर उनसे 40-40 हजार रुपए की मांग की गई। आरोप है कि रकम देने के बाद ही बहाली से संबंधित प्रक्रिया आगे बढ़ाने की बात कही गई।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया है कि पैसे खुले तौर पर नहीं, बल्कि बंद कमरे में लिए गए। इसके बाद मामले को लेकर सवाल उठने लगे। शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि बहाली की प्रक्रिया वैध थी तो अभ्यर्थियों से इस तरह निजी तौर पर रकम लेने की जरूरत नहीं थी।

आरोप सामने आने के बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर सकती है। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि वास्तव में अभ्यर्थियों से पैसे लिए गए थे या नहीं, रकम किसने ली और बहाली के नाम पर इस पूरी प्रक्रिया को किस तरह संचालित किया जा रहा था।

पुलिस शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा जिन अभ्यर्थियों से रकम लेने का आरोप लगाया गया है, उनके बयान भी महत्वपूर्ण होंगे। यदि कई अभ्यर्थी एक जैसे आरोप लगाते हैं तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि नौकरी की जरूरत और बेरोजगारी का फायदा उठाकर अभ्यर्थियों से मोटी रकम मांगी गई। उनका कहना है कि कई लोगों ने नौकरी मिलने की उम्मीद में पैसे देने की बात स्वीकार की है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

मामले में पैसों के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी महत्वपूर्ण होंगे। यदि बैंक ट्रांजैक्शन, डिजिटल भुगतान, रसीद, बातचीत के रिकॉर्ड या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं तो पुलिस जांच में उनका इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, नकद भुगतान के आरोपों में शिकायतकर्ताओं और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अहम भूमिका निभा सकते हैं।

गार्ड बहाली के नाम पर रकम लिए जाने का आरोप सामने आने के बाद अन्य अभ्यर्थियों में भी चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूले गए हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

फिलहाल शिकायतकर्ता ने थाने में आवेदन देकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। पुलिस की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और क्या वास्तव में गार्ड बहाली के नाम पर अभ्यर्थियों से 40-40 हजार रुपए लिए गए थे।

मामले में अभी आरोप लगाए गए हैं; आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

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