गुजरात की चार राज्यसभा सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 8 जून तय की गई है, लेकिन अभी तक न तो Bharatiya Janata Party और न ही Congress ने अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा की है।
गांधीनगर: गुजरात की राजनीति में आगामी राज्यसभा चुनाव एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं। 18 जून को होने वाले चार राज्यसभा सीटों के चुनाव में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की मजबूत स्थिति के चलते कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक झटका तय माना जा रहा है। मौजूदा समीकरणों के अनुसार, इस बार गुजरात से कांग्रेस का राज्यसभा प्रतिनिधित्व पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पिछले 74 वर्षों में पहली बार होगा जब कांग्रेस गुजरात से संसद के ऊपरी सदन में शून्य प्रतिनिधित्व के करीब पहुंच सकती है।
BJP की मजबूत संख्याबल से तय दिख रहा परिणाम
गुजरात विधानसभा की कुल 181 सीटों में BJP के पास 161 विधायक हैं। वहीं, कांग्रेस के पास 12, आम आदमी पार्टी (AAP) के पास 4 विधायक हैं। इसके अलावा एक AAP विधायक निष्कासित है और दो निर्दलीय सदस्य भी हैं। राज्यसभा सीट जीतने के लिए लगभग 37 वोटों की आवश्यकता होती है। ऐसे में BJP के पास अपने दम पर चारों सीटें जीतने के लिए पर्याप्त से अधिक संख्या मौजूद है। इसी वजह से राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि इस बार सभी चारों सीटें BJP के खाते में जा सकती हैं।
कांग्रेस और विपक्ष की रणनीति पर सवाल

अभी तक न तो BJP और न ही कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से अपने उम्मीदवार घोषित किए हैं, लेकिन सूत्रों के अनुसार BJP संसदीय बोर्ड की बैठक में नाम तय कर चुका है। संभावना है कि 6 जून को उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। वहीं, कांग्रेस और AAP के पास इतनी संख्या नहीं है कि वे मुकाबले में मजबूत चुनौती पेश कर सकें। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि विपक्षी दल इस बार चुनावी मैदान में औपचारिक तौर पर मजबूत दावेदारी भी पेश नहीं कर पाएंगे।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: कांग्रेस का घटता प्रभाव
गुजरात में राज्यसभा प्रतिनिधित्व का इतिहास काफी पुराना है। 1960 में बंबई राज्य के पुनर्गठन के बाद गुजरात को 11 राज्यसभा सीटें आवंटित की गई थीं।
- 1960 से 1990 के दशक तक कांग्रेस का राज्य में दबदबा रहा
- अधिकांश राज्यसभा सीटें कांग्रेस के पास रहीं
- 1990 के बाद BJP के उभार के साथ स्थिति बदलनी शुरू हुई
- 2014 के बाद BJP ने लगभग पूरी तरह राज्यसभा सीटों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया
वर्तमान में राज्यसभा में गुजरात से 10 सांसद BJP के और केवल 1 सांसद कांग्रेस के हैं, जो शक्ति सिंह गोहिल हैं। 2026 के चुनाव से पहले चार सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें कांग्रेस के शक्ति सिंह गोहिल और BJP के नरहरि अमीन, रामभाई मोकरिया और रमीला बेन बारा शामिल हैं।











