गुरुग्राम पुलिस ने 12वीं पास युवक को फर्जी डॉक्टर बनकर अवैध गर्भपात कराने और बिना मेडिकल डिग्री के क्लिनिक चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। डिकॉय ऑपरेशन के दौरान आरोपी महिला से पैसे लेकर गर्भपात की दवा देता हुआ पकड़ा गया।
गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में पुलिस ने बिना मेडिकल डिग्री के फर्जी डॉक्टर बनकर अवैध गर्भपात कराने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी 12वीं पास है और 'कमल क्लिनिक' नाम से क्लिनिक संचालित कर महिलाओं का इलाज और गर्भपात करने का दावा करता था। पुलिस ने डिकॉय ऑपरेशन के जरिए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
डिकॉय ऑपरेशन में हुआ फर्जी डॉक्टर का खुलासा
गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से संचालित एक क्लिनिक पर कार्रवाई करते हुए फर्जी डॉक्टर के रूप में काम कर रहे युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री के खुद को डॉक्टर बताकर क्लिनिक खोल रखा था और महिलाओं का अवैध गर्भपात (अबॉर्शन) कराने का काम कर रहा था।
यह कार्रवाई प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक्स (PCPNDT) एक्ट के तहत गुरुग्राम के नोडल अधिकारी की शिकायत पर की गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पूरे मामले की पुष्टि के लिए डिकॉय ऑपरेशन की योजना बनाई।
महिला से ₹1,200 लेकर दी गर्भपात की दवा
जांच के दौरान पुलिस ने एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक बनाकर आरोपी के क्लिनिक भेजा। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने महिला से 1,200 रुपये लेकर उसे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) किट उपलब्ध कराई और उसका इस्तेमाल करने का तरीका भी बताया।
जैसे ही पहले से तय संकेत मिला, पुलिस टीम ने क्लिनिक पर छापा मार दिया और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी बिना किसी वैधानिक अनुमति के लंबे समय से यह अवैध गतिविधि चला रहा था।
छापेमारी में दवाइयां और मेडिकल उपकरण बरामद
पुलिस ने छापेमारी के दौरान क्लिनिक से बड़ी मात्रा में दवाइयां, एमटीपी किट और विभिन्न मेडिकल उपकरण बरामद किए। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और उसके पास किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान की मेडिकल डिग्री या चिकित्सकीय लाइसेंस नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि जिस 'कमल क्लिनिक' के नाम से वह क्लिनिक चला रहा था, वह मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी (MTP) एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं था। इसके अलावा आरोपी मरीजों का रिकॉर्ड, दवाइयों की खरीद-बिक्री या वितरण से जुड़े आवश्यक दस्तावेज भी पुलिस को नहीं दिखा सका।
पश्चिम बंगाल का रहने वाला है आरोपी
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान कमल महतो के रूप में हुई है, जो पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का निवासी है और फिलहाल गुरुग्राम के घाटा गांव में रह रहा था। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह काफी समय से क्लिनिक संचालित कर रहा था, हालांकि इसकी सटीक अवधि की पुष्टि अभी की जा रही है।
पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितनी महिलाओं का अवैध गर्भपात किया और क्या इस मामले में अन्य लोग भी उसके साथ जुड़े हुए थे।
विभिन्न धाराओं में केस दर्ज, जांच जारी
सेक्टर-65 थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित कानूनों और विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क, दवाइयों के स्रोत तथा क्लिनिक के संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि बिना मेडिकल योग्यता के इलाज करना और अवैध रूप से गर्भपात कराना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी इलाज या गर्भपात संबंधी प्रक्रिया के लिए केवल अधिकृत और पंजीकृत अस्पताल या डॉक्टर से ही संपर्क करें, ताकि स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े जोखिमों से बचा जा सके।











