Hypertension यानी हाई ब्लड प्रेशर आज दुनिया की सबसे आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में से एक बन चुका है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है। सबसे चिंता की बात यह है कि कई बार इसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए लोगों को लंबे समय तक पता ही नहीं चलता कि वे इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
इसी वजह से हाई ब्लड प्रेशर को “साइलेंट किलर” कहा जाता है। World Health Organization (WHO) के अनुसार दुनिया भर में लगभग 1.28 अरब वयस्क हाइपरटेंशन से प्रभावित हैं, और इनमें से लगभग आधे लोगों को अपनी स्थिति की जानकारी तक नहीं होती।
विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है।
क्या हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को व्यायाम नहीं करना चाहिए?
अक्सर यह धारणा होती है कि हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को एक्सरसाइज से बचना चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार नियमित शारीरिक गतिविधि और संतुलित व्यायाम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। सही तरीके से किया गया व्यायाम शरीर में रक्त संचार सुधारता है, वजन नियंत्रित रखता है और तनाव कम करने में भी सहायक होता है।
हालांकि, हर तरह की एक्सरसाइज सभी लोगों के लिए सुरक्षित नहीं होती। खासतौर पर अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को भारी और अत्यधिक तीव्रता वाले वर्कआउट से सावधान रहना चाहिए।
भारी वजन उठाना क्यों हो सकता है जोखिम भरा?
डॉक्टरों के मुताबिक जिन लोगों का ब्लड प्रेशर लगातार अधिक रहता है या जिन्हें पहले से दिल संबंधी समस्याएं हैं, उन्हें भारी वजन उठाने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि अपनी क्षमता के 75 प्रतिशत से अधिक वजन उठाने पर शरीर पर अचानक अत्यधिक दबाव पड़ सकता है। Deadlift, भारी स्क्वैट्स और अत्यधिक तीव्रता वाली बेंच प्रेस जैसी एक्सरसाइज के दौरान ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है।
ऐसी स्थिति में कुछ लोगों को चक्कर आना, सीने में दबाव महसूस होना या दिल से जुड़ी जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है।
सांस रोककर एक्सरसाइज करना भी खतरनाक
विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग भारी वजन उठाते समय अनजाने में सांस रोक लेते हैं। इसे “वाल्साल्वा मेनूवर” कहा जाता है, जो रक्तचाप को अचानक बढ़ा सकता है।
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उच्च रक्तचाप वाले लोगों में यह स्थिति विशेष रूप से खतरनाक हो सकती है क्योंकि इससे दिल और रक्त वाहिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
HIIT और अत्यधिक तीव्र वर्कआउट में बरतें सावधानी
High-Intensity Interval Training (HIIT) यानी हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग आजकल फिटनेस की दुनिया में काफी लोकप्रिय है, लेकिन यह हर व्यक्ति के लिए सुरक्षित नहीं मानी जाती।
विशेषज्ञों के अनुसार जो लोग फिटनेस की शुरुआत कर रहे हैं, जिनका ब्लड प्रेशर अधिक रहता है या जो मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, उन्हें HIIT जैसी गतिविधियां सावधानीपूर्वक करनी चाहिए।
इस तरह की ट्रेनिंग में कम समय में शरीर को बहुत अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से ऊपर-नीचे हो सकता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
तेज स्प्रिंटिंग, अत्यधिक लंबी दौड़, क्रॉसफिट और अत्यधिक सहनशक्ति वाली ट्रेनिंग भी कुछ लोगों के लिए जोखिम बढ़ा सकती हैं।
किन गतिविधियों में बरतनी चाहिए सावधानी?
विशेषज्ञों के अनुसार लगातार जोर लगाकर किए जाने वाले पुश-अप्स, रस्सी कूद या प्रतिस्पर्धात्मक खेल भी हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए सावधानी की मांग करते हैं, खासकर जब सही तकनीक का पालन न किया जाए।
बहुत गर्म मौसम में अत्यधिक वर्कआउट करना भी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए कौन-सी एक्सरसाइज बेहतर?
डॉक्टरों का मानना है कि सुरक्षित और मध्यम तीव्रता वाली एक्सरसाइज हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए सबसे बेहतर विकल्प हैं।
इनमें शामिल हैं:
तेज चाल से चलना
हल्की साइकिलिंग
तैराकी
योग
स्ट्रेचिंग
हल्की एरोबिक एक्सरसाइज
ये गतिविधियां हृदय स्वास्थ्य सुधारने, वजन नियंत्रित रखने और तनाव कम करने में मदद करती हैं।
एक्सरसाइज शुरू करने से पहले ध्यान रखें ये बातें
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसी भी वर्कआउट से पहले उचित वार्मअप करना जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना और शरीर को हाइड्रेट रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
यदि किसी व्यक्ति को अनियंत्रित हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो नई फिटनेस रूटीन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सही मार्गदर्शन और संतुलित व्यायाम के जरिए हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है और जीवनशैली को बेहतर बनाया जा सकता है।











