स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिल पर हल्द्वानी में विरोध, उपभोक्ताओं ने जांच की मांग उठाई

हल्द्वानी में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बढ़े बिजली बिलों पर उपभोक्ताओं ने विरोध जताया। ऊर्जा निगम से बिलों की जांच और संशोधन की मांग की गई।

हल्द्वानी के राजपुरा क्षेत्र में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायत पर उपभोक्ताओं ने ऊर्जा निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया। लोगों ने बिलों में संशोधन की मांग की, जबकि निगम ने बकाया यूनिट जुड़ने को इसकी वजह बताया।

हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बढ़े बिजली बिलों को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिल रही है। राजपुरा क्षेत्र के लोगों ने ऊर्जा निगम कार्यालय पहुंचकर अधिक बिल आने का विरोध किया और बिलों की जांच के साथ आवश्यक सुधार करने की मांग उठाई।

स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिलों पर उपभोक्ताओं का विरोध

राजपुरा क्षेत्र के दर्जनों उपभोक्ता शनिवार को ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता (ईई) कार्यालय पहुंचे और स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में हुई बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पहले जहां उनका मासिक बिजली बिल लगभग 1000 से 1500 रुपये तक आता था, वहीं नए स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं को इससे दोगुना तक बिल मिलने लगा है।

स्मार्ट मीटर के बाद बढ़े बिजली बिल पर हल्द्वानी में विरोध, उपभोक्ताओं ने जांच की मांग उठाई

युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत साहू के नेतृत्व में पहुंचे लोगों ने कहा कि स्मार्ट मीटर लागू करने से पहले उपभोक्ताओं की सहमति नहीं ली गई। उनका कहना है कि अचानक बढ़े हुए बिलों ने मध्यमवर्गीय और निम्न आय वाले परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है।

बिलों की जांच और संशोधन की उठी मांग

प्रदर्शन के दौरान उपभोक्ताओं ने ऊर्जा निगम से सभी विवादित बिजली बिलों की जांच कराने और गलत पाए जाने पर उनमें संशोधन करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा।

क्षेत्र के कई लोगों ने दावा किया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनकी बिजली खपत में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ, फिर भी बिल में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। लोगों ने मांग की कि स्मार्ट मीटर की रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया की पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि उपभोक्ताओं का भरोसा बना रहे।

ऊर्जा निगम ने दी बढ़े बिल की सफाई

विवाद के बीच ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार ने कहा कि सभी मामलों में स्मार्ट मीटर बढ़े हुए बिल का कारण नहीं हैं। उनके अनुसार, कई उपभोक्ताओं के पुराने मीटर की कुछ यूनिट पहले से लंबित थीं, जिन्हें स्मार्ट मीटर लगने के बाद जारी पहले बिल में जोड़ दिया गया। इसी वजह से कुछ लोगों को सामान्य से अधिक बिल प्राप्त हुआ है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी उपभोक्ता को अपने बिजली बिल में किसी प्रकार की त्रुटि या संदेह है, तो वह लिखित शिकायत या प्रार्थना पत्र देकर जांच का अनुरोध कर सकता है। ऊर्जा निगम ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन में क्षेत्र के कई स्थानीय निवासी शामिल हुए और उन्होंने उपभोक्ताओं की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग दोहराई। अब लोगों की नजर ऊर्जा निगम की आगामी कार्रवाई और शिकायतों के निस्तारण पर बनी हुई है।

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