फिल्म 'हनुमान अंश' की को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने बताया कि फिल्मों में पैसा लगाने के उनके फैसले से पिता शुरुआत में परेशान थे। कभी Apple में नौकरी करना चाहने वाली अनुप्रिया ने अपनी बचत फिल्म में लगा दी। अब फिल्म 450 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा चुकी है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: कम बजट में बनी फिल्म 'हनुमान अंश' ने बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की है। लेकिन इस फिल्म को बनाने का फैसला इसकी 21 वर्षीय को-प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर के लिए आसान नहीं था। हाल ही में 'कर्ली टेल्स' को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि जब परिवार को फिल्म में पैसे लगाने की बात पता चली, तो पिता काफी परेशान हो गए थे। उन्हें लगा कि बेटी अच्छी नौकरी छोड़कर गलत रास्ते पर जा रही है। अनुप्रिया ने Apple में नौकरी के अपने अधूरे सपने के बारे में भी बात की।
पिता को लगा बेटी अपने करियर से भटक गई है
अनुप्रिया नागर ने इंटरव्यू में बताया कि उनके परिवार ने कभी नहीं सोचा था कि वह फिल्म निर्माण के क्षेत्र में जाएंगी। उन्होंने ब्रिटेन से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की थी और स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में नौकरी का अवसर भी था। ऐसे में अचानक फिल्म बनाने का फैसला परिवार के लिए हैरान करने वाला था। अनुप्रिया के मुताबिक, जब उन्होंने अपने माता-पिता को बताया कि वह अपनी जमा-पूंजी एक फिल्म में लगाना चाहती हैं, तो पिता को चिंता होने लगी।
उन्हें लगा कि बेटी ने विदेश से पढ़ाई की है, अच्छी नौकरी का मौका है और अब वह सब छोड़कर ऐसी इंडस्ट्री में जाना चाहती है, जहां परिवार का कोई परिचित भी नहीं है। हालांकि बाद में परिवार ने उनके फैसले का साथ दिया। अनुप्रिया ने बताया कि माता-पिता ने उन्हें फिल्म सीधे ओटीटी पर लाने के बजाय सिनेमाघरों में रिलीज करने के लिए भी प्रोत्साहित किया।
Apple में नौकरी करना चाहती थीं अनुप्रिया
फिल्मों में आने से पहले अनुप्रिया का सपना बड़ी टेक कंपनी में काम करने का था। उन्होंने Apple में नौकरी के लिए इंटरव्यू भी दिया था, लेकिन दूसरे राउंड में उनका चयन नहीं हो सका। इसके बाद अनुप्रिया ने Apple के सह-संस्थापक स्टीव जॉब्स की जिंदगी और उनके शुरुआती सफर के बारे में पढ़ना शुरू किया। इसी दौरान उन्हें उत्तराखंड के कैंची धाम और नीम करोली बाबा के बारे में जानकारी मिली।
अनुप्रिया के अनुसार, स्टीव जॉब्स के आध्यात्मिक सफर से जुड़ी बातों ने उनके मन में नीम करोली बाबा को जानने की उत्सुकता पैदा की। इसके बाद वह खुद कैंची धाम पहुंचीं और बाबा के जीवन तथा उनके विचारों से प्रभावित हुईं। यहीं से उनकी दिलचस्पी ऐसी कहानी बनाने में बढ़ी, जिससे नई पीढ़ी भी नीम करोली बाबा के जीवन और संदेश के बारे में जान सके।
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फिल्म में लगा दिए अपनी बचत के करीब 55 लाख रुपये
अनुप्रिया ने बताया कि शुरुआत में उनका फिल्म प्रोड्यूसर बनने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन जब उन्हें निर्देशक विशाल चतुर्वेदी की फिल्म 'हनुमान अंश' के बारे में पता चला, तो उन्होंने इस प्रोजेक्ट से जुड़ने का फैसला किया। फिल्म का शुरुआती बजट करीब डेढ़ करोड़ रुपये था। इसमें तीन प्रोड्यूसर शामिल थे। अनुप्रिया ने अपनी बचत से लगभग 50 से 55 लाख रुपये लगाए। यह उनके लिए बड़ा आर्थिक फैसला था।
उनके मुताबिक, फिल्म सफल होगी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं थी। इसके बावजूद वह इस कहानी को दर्शकों तक पहुंचाना चाहती थीं। उनका मानना था कि फिल्म सिनेमाघरों में नहीं चलती, तब भी भविष्य में ओटीटी के जरिए लोगों तक पहुंच सकती थी।
जब पिता को मुंबई में नहीं मिला फिल्म का टिकट
अनुप्रिया ने फिल्म की सफलता से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब 'हनुमान अंश' सिनेमाघरों में रिलीज हुई, तब उनके पिता लंदन में थे। शुरुआती दिनों में फिल्म की कमाई बहुत कम रही। दूसरे सप्ताह तक सिनेमाघरों में इसके शो भी सीमित हो गए थे। लेकिन तीसरे सप्ताह से दर्शकों की संख्या बढ़ने लगी और फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रफ्तार पकड़ ली।
जब उनके पिता लंदन से भारत लौटे, तो उन्होंने फिल्म देखने की इच्छा जताई। अनुप्रिया ने मुंबई के सिनेमाघरों में टिकट तलाशने की कोशिश की, लेकिन उन्हें एक भी सीट नहीं मिल सकी। उस समय फिल्म के शो हाउसफुल चल रहे थे। जिस फिल्म में पैसा लगाने को लेकर पिता शुरुआत में चिंतित थे, उसी फिल्म का टिकट मिलना मुश्किल हो गया था।










