हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अपने चरम पर पहुंच गई है। यात्रा के आज 10वें दिन धर्मनगरी का माहौल पूरी तरह शिवमय नजर आ रहा है। हरिद्वार की सड़कों से लेकर गंगा घाटों और कांवड़ पटरी तक चारों तरफ भगवा वस्त्र पहने और माथे पर त्रिपुंड लगाए कांवड़िए नजर आ रहे हैं। हाथों में कांवड़, कंधों पर गंगाजल और जुबां पर 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष के साथ शिवभक्त लगातार अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के इस चरण में हरिद्वार में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सुबह से ही हर की पैड़ी और आसपास के घाटों पर गंगा स्नान और जल भरने के लिए भक्तों की भीड़ दिखाई दे रही है। गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के बाद कांवड़िए विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अपनी कांवड़ में गंगाजल भर रहे हैं और फिर पैदल यात्रा पर निकल रहे हैं।
यात्रा के 10वें दिन सबसे ज्यादा चहल-पहल कांवड़ मार्गों पर दिखाई दे रही है। भगवा रंग की पोशाक, सिर पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष और कंधे पर सजी हुई कांवड़ लेकर चल रहे शिवभक्त पूरे रास्ते को धार्मिक रंग में रंग रहे हैं। कई कांवड़िए समूह में यात्रा कर रहे हैं, तो कुछ भक्त अकेले ही कई किलोमीटर की दूरी तय करते दिखाई दे रहे हैं।
हरिद्वार में जगह-जगह कांवड़ियों के लिए सेवा शिविर भी लगाए गए हैं। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, चाय, फल और आराम की व्यवस्था की गई है। स्थानीय लोग भी कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं। कई जगहों पर स्वयंसेवक रास्ते में थके हुए कांवड़ियों को पानी और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करा रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करना है। भीड़ को देखते हुए प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार प्रमुख स्थानों पर तैनात हैं। भीड़ बढ़ने वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की मदद ली जा रही है।
हर की पैड़ी क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही के साथ-साथ स्नान के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और जल पुलिस की टीमें निगरानी कर रही हैं। घाटों पर तैनात सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं से निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही स्नान करने की अपील कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा में इस बार भी तरह-तरह की आकर्षक कांवड़ देखने को मिल रही हैं। कुछ कांवड़िए छोटी और पारंपरिक कांवड़ लेकर चल रहे हैं, जबकि कई भक्तों ने बड़ी और सजावटी कांवड़ तैयार की हैं। इन कांवड़ों पर भगवान शिव, त्रिशूल, डमरू और अन्य धार्मिक प्रतीकों की सजावट की गई है।
कई कांवड़िए डीजे और भक्ति संगीत के साथ भी यात्रा करते दिखाई दे रहे हैं। 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के नारों से पूरा कांवड़ मार्ग गूंज रहा है। कई स्थानों पर शिवभक्तों के समूह ढोल-नगाड़ों के साथ यात्रा करते नजर आ रहे हैं।
हरिद्वार में कांवड़ियों की बढ़ती भीड़ का असर शहर की सामान्य यातायात व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई प्रमुख सड़कों पर आम वाहनों की आवाजाही सीमित की गई है। कांवड़ियों के लिए अलग रूट निर्धारित किए जाने से शहर के कई हिस्सों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू है। पुलिसकर्मी लगातार यातायात को नियंत्रित कर रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और किसी तरह की दुर्घटना न हो।
कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में बड़ी संख्या युवाओं की भी है। कई युवा समूह बनाकर हरिद्वार पहुंचे हैं। कुछ भक्त पैदल ही लंबी दूरी तय करने के लिए कई दिन पहले घर से निकले हैं। गंगाजल लेकर लौटते समय उनके चेहरों पर थकान के बावजूद उत्साह साफ नजर आ रहा है।
कांवड़िए गंगा से जल भरने के बाद अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौट रहे हैं। सावन की धार्मिक परंपरा के अनुसार वे इस जल को अपने क्षेत्र के शिव मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए लेकर जाते हैं। यात्रा के अंतिम दिनों में कांवड़ियों की वापसी तेज होने की उम्मीद है।
हरिद्वार के बाजारों में भी कांवड़ यात्रा का असर दिखाई दे रहा है। भगवा कपड़े, कांवड़ की सजावट का सामान, धार्मिक झंडे, रुद्राक्ष, डमरू और शिव से जुड़ी अन्य वस्तुओं की मांग बढ़ गई है। स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों के लिए कांवड़ यात्रा का यह समय कारोबार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रशासन ने कांवड़ियों से अनुशासन बनाए रखने और यात्रा के दौरान निर्धारित मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। साथ ही भीड़ वाले क्षेत्रों में धैर्य रखने, गंगा स्नान के दौरान सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अफवाह से बचने की भी अपील की जा रही है। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि किसी घटना की जानकारी मिलने पर सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के उसे साझा न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा का यह नजारा श्रद्धा और उत्साह से भरा हुआ है। एक ओर गंगा घाटों पर आस्था की डुबकी लगाते शिवभक्त हैं, तो दूसरी ओर कांवड़ मार्गों पर हजारों कांवड़िए अपने कंधों पर गंगाजल लेकर आगे बढ़ रहे हैं। माथे पर त्रिपुंड, गले में रुद्राक्ष और भगवा वस्त्रों में सजे भक्तों की भीड़ ने पूरी धर्मनगरी को शिवमय बना दिया है।
जैसे-जैसे यात्रा अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है, कांवड़ियों की वापसी भी तेज हो रही है। आने वाले दिनों में कई मार्गों पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ सकती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर तैयारियां मजबूत रखी हैं।
हरिद्वार में आज कांवड़ यात्रा के 10वें दिन जो दृश्य दिखाई दे रहा है, वह आस्था के बड़े जनसमागम की तस्वीर पेश कर रहा है। चारों तरफ भगवा रंग, कंधों पर कांवड़ और हर-हर महादेव के जयकारे सुनाई दे रहे हैं। गंगा तट से लेकर शहर की सड़कों तक शिवभक्तों की मौजूदगी ने धर्मनगरी के माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया है।
हरिद्वार में कांवड़ यात्रा अब अपने चरम पर है। 10वें दिन त्रिपुंड लगाए और कांवड़ उठाए शिवभक्तों की भारी भीड़ नजर आ रही है। गंगा घाटों पर स्नान और जल भरने का सिलसिला जारी है, जबकि कांवड़िए हर-हर महादेव के जयघोष के साथ अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। प्रशासन भी बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है।











