UP Politics: RLD के नए प्रदेश अध्यक्ष का बड़ा दावा, 403 सीटों पर लड़ेंगे चुनाव

UP Politics: RLD के नए प्रदेश अध्यक्ष ऐश्वर्य राज सिंह ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने 403 सीटों पर चुनाव लड़ने और ‘कहीं नल तो

बस्ती राजघराने से ताल्लुक रखने वाले ऐश्वर्य राज सिंह को राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने उत्तर प्रदेश इकाई की कमान सौंपी है। रामाशीष राय के इस्तीफे के बाद हुई इस नियुक्ति के साथ ही पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति के संकेत दे दिए हैं।

UP Assembly Election 2027: राष्ट्रीय लोकदल (RLD) ने उत्तर प्रदेश में संगठन की कमान ऐश्वर्य राज सिंह को सौंप दी है। बस्ती राजघराने से जुड़े ऐश्वर्य राज सिंह को रामाशीष राय के इस्तीफे के बाद पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। नई जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति और भविष्य की भूमिका पर बड़ा बयान दिया है।

ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोकदल प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन की स्थिति में सभी सीटों पर RLD के उम्मीदवार ही मैदान में नहीं होंगे। सीटों का अंतिम बंटवारा पार्टी के संसदीय बोर्ड और गठबंधन के स्तर पर होने वाली बातचीत के बाद तय किया जाएगा।

403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी

नई जिम्मेदारी मिलने के बाद ऐश्वर्य राज सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वह संगठन को मजबूत करने और पार्टी की राजनीतिक पहुंच बढ़ाने के लिए पूरी क्षमता के साथ काम करेंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी रणनीति बताते हुए उन्होंने कहा कि RLD सभी 403 सीटों पर अपनी तैयारी रखेगी। गठबंधन में सीट बंटवारे के बाद अलग-अलग क्षेत्रों में RLD, BJP या किसी अन्य सहयोगी दल के उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं।

उन्होंने संकेत दिया कि गठबंधन के तहत चुनावी मैदान में अलग-अलग दलों के चुनाव चिन्ह नजर आ सकते हैं। अंतिम निर्णय चुनाव से पहले होने वाली राजनीतिक और संगठनात्मक बैठकों में लिया जाएगा।

बस्ती और पूर्वांचल पर खास नजर

ऐश्वर्य राज सिंह का संबंध बस्ती से है। ऐसे में उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में RLD की गतिविधियों को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हुई है। उन्होंने बस्ती में पार्टी की पुरानी मौजूदगी का भी उल्लेख किया और कहा कि इस क्षेत्र में RLD का आधार पहले से रहा है। RLD को पारंपरिक रूप से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में प्रभाव रखने वाली पार्टी माना जाता है। पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अपने संगठन और जनाधार को पूर्वांचल तक विस्तार देने की है।

ऐश्वर्य राज सिंह ने कहा कि पूर्वांचल में उन नेताओं और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को पार्टी के साथ जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जो चौधरी चरण सिंह की विचारधारा और राजनीतिक सोच से प्रभावित रहे हैं। इसके जरिए RLD अपने पारंपरिक क्षेत्र से बाहर संगठन का विस्तार करना चाहती है।

युवाओं को पार्टी से जोड़ने की रणनीति

RLD के नए प्रदेश अध्यक्ष ने युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश की राजनीति में युवा मतदाताओं की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है और पार्टी उनके मुद्दों को प्राथमिकता देगी। उन्होंने जयंत चौधरी की राजनीतिक पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि RLD नेतृत्व लंबे समय से युवाओं से जुड़े विषयों को उठाता रहा है। 

उन्होंने चुनाव लड़ने की न्यूनतम उम्र घटाकर 21 वर्ष करने से संबंधित निजी सदस्य विधेयक का भी जिक्र किया। ऐश्वर्य राज सिंह के मुताबिक, इसी सोच के साथ पार्टी युवाओं के बीच अपनी पहुंच बढ़ाने और उन्हें संगठन से जोड़ने की दिशा में काम करेगी।

2027 में NDA की सरकार का दावा

RLD के नए प्रदेश अध्यक्ष ने उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद NDA की सरकार बनने का दावा किया है। उनका कहना है कि पार्टी गठबंधन को मजबूत करने के साथ-साथ संगठन के विस्तार पर भी ध्यान देगी। हालांकि, चुनाव में RLD को कितनी सीटें मिलेंगी और किन क्षेत्रों में पार्टी अपने उम्मीदवार उतारेगी, इसका फैसला अभी बाकी है। गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अंतिम तस्वीर चुनाव के करीब ही स्पष्ट होने की संभावना है।

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