हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की हड़ताल से निपटने की तैयारी, UHBVN ने दूसरे राज्यों से मांगा तकनीकी स्टाफ

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल से निपटने के लिए UHBVN ने दूसरे राज्यों से तकनीकी स्टाफ मांगा है। बिजली सप्लाई सुचारु रखने की तैयारी।

हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए UHBVN ने बिजली आपूर्ति बनाए रखने की तैयारी तेज कर दी है। निगम ने दूसरे राज्यों के बिजली विभागों और डिस्कॉम से तकनीकी कर्मचारियों की मदद मांगी है।

 चंडीगढ़: बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के दौरान हरियाणा में बिजली सप्लाई प्रभावित न हो, इसके लिए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था शुरू की है। UHBVN ने दूसरे राज्यों और बिजली विभागों से तकनीकी स्टाफ उपलब्ध कराने को कहा है। इसके लिए अलग-अलग अधिकारियों को समन्वय की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि हड़ताल के दौरान किसी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

UHBVN ने शुरू की वैकल्पिक व्यवस्था

बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। निगम का फोकस हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने और तकनीकी खराबी की स्थिति में जल्द समाधान उपलब्ध कराने पर है।

इसके लिए UHBVN के मुख्य अभियंता, प्रशासन की ओर से दूसरे राज्यों की बिजली वितरण कंपनियों और संबंधित विभागों से अतिरिक्त तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। निगम चाहता है कि हड़ताल के दौरान फील्ड में पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध रहें, ताकि बिजली व्यवस्था में किसी बड़े व्यवधान की स्थिति न बने।

UHBVN ने अलग-अलग तकनीकी पदों पर कर्मचारियों की सेवाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इसमें जेई, एएफएम, एलएम, एएलएम, एसएसए, एएसएसए और एसए स्तर के कर्मचारी शामिल हैं।

दूसरे राज्यों से मांगी गई तकनीकी मदद

निगम की ओर से संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दूसरे राज्यों के पावर डिस्कॉम और बिजली विभागों से संपर्क कर तकनीकी स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करें। हड़ताल के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त कर्मचारियों के साथ आकस्मिक व्यवस्था तैयार रखने पर भी जोर दिया गया है।

सीपीडीएल चंडीगढ़ और उत्तराखंड पावर डिपार्टमेंट से तकनीकी कर्मचारियों की व्यवस्था के लिए UHBVN पंचकूला के मुख्य अभियंता, ऑपरेशन को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश पावर डिपार्टमेंट, लखनऊ से स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने का जिम्मा UHBVN रोहतक के मुख्य अभियंता, ऑपरेशन को सौंपा गया है। इससे हड़ताल की अवधि में जरूरत के अनुसार दूसरे राज्यों से तकनीकी कर्मचारियों की मदद ली जा सकेगी।

राजस्थान, यूपी और दिल्ली से भी होगा समन्वय

राजस्थान पावर डिपार्टमेंट और यूपी पावर कॉरपोरेशन, लखनऊ से तकनीकी स्टाफ की व्यवस्था के लिए डीएचबीवीएन हिसार के मुख्य अभियंता, ऑपरेशन को जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह उत्तराखंड पावर डिपार्टमेंट और एनडीएमसी दिल्ली से कर्मचारियों के लिए डीएचबीवीएन दिल्ली के मुख्य अभियंता, ऑपरेशन को समन्वय करना होगा।

सभी संबंधित अधिकारियों से कर्मचारियों की उपलब्धता और दूसरी जरूरी जानकारी जुटाकर उसकी समेकित रिपोर्ट नोडल अधिकारी को भेजने के लिए कहा गया है। इससे निगम को हड़ताल शुरू होने से पहले यह आकलन करने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में अतिरिक्त स्टाफ की आवश्यकता हो सकती है।

आपात स्थिति से निपटने पर जोर

हड़ताल के दौरान बिजली लाइनों में फॉल्ट, ट्रांसफॉर्मर की खराबी या अन्य तकनीकी समस्या सामने आने पर अतिरिक्त स्टाफ की मदद से मरम्मत कार्य जारी रखने की योजना है। इससे बिजली उपभोक्ताओं को लंबे समय तक परेशानी से बचाने में मदद मिल सकती है।

UHBVN की यह तैयारी बताती है कि निगम हड़ताल के संभावित असर को कम करने के लिए पहले से बैकअप व्यवस्था तैयार कर रहा है। दूसरे राज्यों से तकनीकी कर्मचारियों का समन्वय इसी प्लान का अहम हिस्सा है। हालांकि वास्तविक स्थिति हड़ताल के दौरान कर्मचारियों की उपलब्धता और स्थानीय परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

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