हरियाणा सरकार 31 अगस्त से स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान शुरू करेगी। पहले चरण में सरकारी विभागों, सरकारी कर्मचारियों और बड़े बिजली उपभोक्ताओं को शामिल किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक और वित्तीय रूप से मजबूत बनाना है।
चंडीगढ़: हरियाणा में बिजली वितरण व्यवस्था को डिजिटल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने स्मार्ट मीटर परियोजना को गति देने का फैसला किया है। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में 31 अगस्त से स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू करने की प्रतिबद्धता जताई गई। योजना का उद्देश्य बिजली क्षेत्र में तकनीकी नुकसान कम करना और राजस्व संग्रह को बेहतर बनाना है।
31 अगस्त से शुरू होगा स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान
हरियाणा में बिजली उपभोक्ताओं के लिए जल्द ही स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू होने जा रही है। राज्य सरकार ने 31 अगस्त से जमीनी स्तर पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू करने का आश्वासन दिया है। यह निर्णय बिजली वितरण प्रणाली को आधुनिक बनाने और बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।

केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में स्मार्ट मीटरिंग परियोजना की प्रगति पर चर्चा की गई। बैठक में स्मार्ट मीटर से जुड़े कार्यों के आवंटन और क्रियान्वयन प्रक्रिया को तेज करने पर विशेष जोर दिया गया।
सरकारी विभागों और बड़े उपभोक्ताओं को मिलेगी प्राथमिकता
स्मार्ट मीटर योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने सुझाव दिया कि इसकी शुरुआत सरकारी विभागों और सरकारी कर्मचारियों से की जाए। इसके बाद 10 किलोवाट या उससे अधिक कनेक्टेड लोड वाले बड़े उपभोक्ताओं को योजना में शामिल किया जाएगा।
बैठक में प्रीपेड स्मार्ट मीटरों के उपयोग को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि इससे बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक होगी। साथ ही ऐसे उपभोक्ताओं को प्रोत्साहन देने का सुझाव भी दिया गया जो स्वेच्छा से प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपनाना चाहते हैं।
बिजली कंपनियों की आर्थिक स्थिति सुधारने पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान बिजली वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर विशेष चर्चा हुई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बिजली क्षेत्र को आर्थिक दृष्टि से आत्मनिर्भर बनाना जरूरी है और वितरण कंपनियों का संचालन व्यावसायिक सिद्धांतों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने बिजली खरीद लागत को कम करने, अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रखने और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर ध्यान देने की बात कही। साथ ही तकनीकी और व्यावसायिक नुकसान (AT&C Losses) को और कम करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए।
स्वचालित भुगतान प्रणाली को मिलेगा बढ़ावा
बैठक में सरकारी विभागों के बिजली बिलों और सब्सिडी भुगतान को समय पर सुनिश्चित करने के लिए स्वचालित भुगतान प्रणाली लागू करने पर भी जोर दिया गया। इससे बिजली कंपनियों को समय पर राजस्व प्राप्त होगा और बकाया राशि की समस्या कम होगी।
ऊर्जा क्षेत्र के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बिजली नुकसान कम करने और वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाने से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
बढ़ती बिजली मांग और सौर ऊर्जा पर भी चर्चा
बैठक में हरियाणा की भविष्य की बिजली जरूरतों और ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने राज्य में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने और आवश्यक बुनियादी ढांचे के विकास पर चर्चा की।
इसके अलावा PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana की प्रगति का भी आकलन किया गया। केंद्रीय मंत्री ने अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को इस योजना से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि सौर ऊर्जा के उपयोग से उपभोक्ताओं के बिजली खर्च में कमी आएगी और ऊर्जा क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी।
बैठक में हरियाणा के ऊर्जा मंत्री Anil Vij, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ऊर्जा मंत्रालय के प्रतिनिधि और सार्वजनिक क्षेत्र की बिजली कंपनियों के अधिकारी उपस्थित रहे। स्मार्ट मीटर परियोजना को हरियाणा के बिजली क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधारात्मक कदम माना जा रहा है।












