हिमाचल प्रदेश। प्रदेश में मानसून की रफ्तार भले ही पिछले कुछ समय में कमजोर पड़ी हो, लेकिन बारिश और भूस्खलन से पैदा हुई मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। राज्य में कई स्थानों पर सड़कें बंद हैं, बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है और पेयजल योजनाओं के बाधित होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ताजा स्थिति के अनुसार 128 सड़कें बंद, 18 बिजली ट्रांसफार्मर प्रभावित और 52 पेयजल योजनाएं बाधित हैं।
लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क धंसने की घटनाएं सामने आती रही हैं। कई संपर्क मार्गों पर मलबा आने के कारण यातायात रोकना पड़ा। लोक निर्माण विभाग और संबंधित प्रशासनिक टीमें बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनरी की मदद से काम कर रही हैं, लेकिन खराब मौसम और लगातार गिरते मलबे के कारण कई जगह राहत कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
प्रदेश के ग्रामीण और दुर्गम इलाकों में सड़क संपर्क बाधित होने का सबसे ज्यादा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। लोगों को बाजार, अस्पताल, स्कूल और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में परेशानी होती है। सड़कें बंद होने से फल-सब्जियों और अन्य जरूरी सामान की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
बारिश का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा है। 18 ट्रांसफार्मर बाधित होने से अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। बिजली विभाग की टीमें खराब ट्रांसफार्मरों और लाइनों को दुरुस्त करने में जुटी हैं। पहाड़ी इलाकों में पेड़ गिरने और भूस्खलन से बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
पेयजल योजनाओं के प्रभावित होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। 52 पेयजल योजनाओं के बाधित होने से कई क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। बारिश के दौरान स्रोतों में मलबा आने और पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की वजह से भी पेयजल योजनाओं को नुकसान पहुंचता है।












