होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद यानबू रिफाइनरी निशाने पर, ईरान हमले से सऊदी अरब ने बढ़ाई सुरक्षा

सऊदी अरब की यानबू SAMREF रिफाइनरी पर हमला हुआ। ईरान की चेतावनी के बाद खाड़ी देशों में तनाव बढ़ा, वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका।

सऊदी अरब के यानबू SAMREF रिफाइनरी पर गुरुवार को हमला हुआ। यह हमला ईरान की चेतावनी के बाद आया। विशेषज्ञों ने चेताया कि इससे वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और खाड़ी में ऊर्जा तनाव बढ़ सकता है।

Iran War: सऊदी अरब के लाल सागर तट पर स्थित यानबू बंदरगाह में गुरुवार को SAMREF रिफाइनरी पर हवाई हमला हुआ। यह रिफाइनरी सऊदी अरामको और एक्सॉनमोबिल की संयुक्त उद्यम है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हमले का असर सीमित रहा और रिफाइनरी को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा।

यह हमला ऐसे समय आया है जब ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सऊदी अरब, कतर और यूएई में ऊर्जा सुविधाओं पर हमलों की चेतावनी जारी की थी। SAMREF रिफाइनरी को भी इस चेतावनी में शामिल किया गया था। विशेषज्ञ इसे अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरानी ऊर्जा संसाधनों पर किए गए हालिया हमलों का जवाबी कदम मान रहे हैं।

होर्मुज के बाद यानबू को बनाया निशाना

ईरान ने पहले होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे खाड़ी देशों से तेल निर्यात का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग प्रभावित हुआ। यानबू बंदरगाह फिलहाल कच्चे तेल का प्रमुख निर्यात मार्ग है और यहां हमला होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।

जानकारी के अनुसार, यानबू बंदरगाह का बंद होना पूरे विश्व के लगभग पांचवें हिस्से की तेल आपूर्ति को प्रभावित करता है। इससे पहले फुजैराह (यूएई) बंदरगाह पर हुए हमलों से भी वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई थी, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेजी और अनिश्चितता बनी हुई है।

ईरान के खाड़ी देशों पर दबाव के संकेत

SAMREF रिफाइनरी पर हमला ईरान की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। ईरान ने चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरानी ऊर्जा संसाधनों पर हमले जारी रखते हैं, तो वह खाड़ी देशों की ऊर्जा सुविधाओं को निशाना बनाएगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर की गई कार्रवाई का प्रतिशोध है। साथ ही, ईरान खाड़ी क्षेत्र में अपनी शक्ति और प्रभाव दिखाने की कोशिश कर रहा है।

वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर असर

इराक, ईरान और अन्य खाड़ी देश वैश्विक तेल का लगभग 31 प्रतिशत और गैस का 8-17 प्रतिशत उत्पादन करते हैं। कतर के रास लफ्फान LNG संयंत्र पर ईरानी मिसाइल हमले से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ था। ऐसे हमलों से ऊर्जा संकट बढ़ता है और वैश्विक तेल कीमतों में तेजी आने की संभावना रहती है। अगर ईरान द्वारा ऐसे हमले जारी रहते हैं, तो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति प्रभावित होगी। इसके परिणामस्वरूप वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बढ़ेगी, जिससे देशों की ऊर्जा सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती है।

ऊर्जा संकट और वैश्विक प्रभाव

SAMREF रिफाइनरी पर हमले से न केवल सऊदी अरब, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। ऊर्जा सुरक्षा को लेकर देशों ने अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं। ईरानी हमलों से वैश्विक तेल बाजार अस्थिर हुआ है और अंतरराष्ट्रीय निवेशक भी सतर्क हो गए हैं।

सऊदी अरब की प्रतिक्रिया

सऊदी अरब की सरकार और अरामको ने कहा कि हमला सीमित प्रभाव डालने वाला था और रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता अभी सुरक्षित है। साथ ही उन्होंने सुरक्षा बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपाय किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई गई है और किसी भी नई धमकी के लिए तैयारियां पूरी हैं।

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