हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पार्टी में आंतरिक कलह बढ़ गई है। राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग और वोट निरस्त होने के बाद विपक्षी खेमे में असंतोष उभर कर सामने आया है।
चंडीगढ़: हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में मात्र 0.34 मतों के अंतर से जीत दर्ज होने के बाद कांग्रेस पार्टी में अंदरुनी कलह बढ़ गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पार्टी के उन नौ विधायकों के नाम कांग्रेस हाईकमान को सौंप दिए हैं, जिनके वोट निरस्त या क्रॉस हुए हैं। कांग्रेस हाईकमान अब एक-एक कर इन विधायकों से जवाबतलबी करेगा और आवश्यक होने पर उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी कड़े फैसले लेने के लिए जाना जाता है, इसलिए इस मामले में सख्त कदम उठाए जाने की संभावना है।
राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का असर
हरियाणा के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस ने बेहद सघन मुकाबले के बावजूद जीत हासिल की, लेकिन इस चुनाव में कुल 0.34 मतों के अंतर से परिणाम आए। इस अंतर के कारण, क्रॉस वोटिंग और वोट निरस्त होने की घटनाएं सामने आईं, जिसने कांग्रेस के अंदरूनी विरोधाभावों को बढ़ा दिया। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस के 5 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि 4 विधायकों के वोट निरस्त किए गए। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा है कि उन्हें क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के नाम पता हैं, लेकिन शिष्टाचार के तहत उन्होंने इसे सार्वजनिक नहीं किया।
हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी प्रधान और पूर्व मुख्य संसदीय सचिव रामकिशन गुर्जर ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वे नारायणगढ़ की कांग्रेस विधायक शैली चौधरी के पति हैं। गुर्जर का नाम क्रॉस वोटिंग में सामने आया था और पार्टी की कार्रवाई से पहले उन्होंने स्वयं पार्टी छोड़ने का निर्णय लिया। सूत्रों के अनुसार, गुर्जर के इस्तीफे के बाद शैली चौधरी भी कांग्रेस के खिलाफ अगला कदम उठा सकती हैं। अगर पार्टी उन्हें निष्कासित करती है, तो उनकी विधायकी सुरक्षित रहेगी, लेकिन खुद पार्टी छोड़ने की स्थिति में वे अयोग्य घोषित हो जाएंगी।
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क्रॉस वोटिंग में शामिल विधायकों के नाम
क्रॉस वोटिंग और वोट निरस्त कराने वाले विधायकों की सूची में प्रमुख नाम हैं:
- शैली चौधरी
- रेणुबाला
- मोहम्मद इसराइल
- मोहम्मद इलियास
- जरनैल सिंह
इसके अलावा, वोट निरस्त होने वाले अन्य विधायकों के नाम भी पार्टी हाईकमान के पास भेजे गए हैं, जिन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया। रोहतक के सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने साफ कहा कि पार्टी के साथ गद्दारी करने वाले किसी भी विधायक को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि इन विधायकों की आने वाली पीढ़ियां भी उन्हें याद रखेंगी।
दीपेंद्र हुड्डा के तेवरों से स्पष्ट है कि वे उन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई करवाने का दबाव बनाएंगे, जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के खिलाफ कार्य किया या भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार की मदद की।








