आंध्र प्रदेश के आईटी मंत्री नारा लोकेश ने विशाखापत्तनम में IBM Consulting FutureNow Center के उद्घाटन पर युवाओं से वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र एआई, डिजिटल सेवाओं और नवाचार को नई गति देगा।
विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री जे. नारा लोकेश ने विशाखापत्तनम में IBM Consulting FutureNow Center के उद्घाटन समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह केंद्र शहर को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल सेवाओं और अत्याधुनिक तकनीकी नवाचारों का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था में डिजिटल तकनीक सबसे बड़ा विकास इंजन बन चुकी है और युवाओं को इस परिवर्तन का सक्रिय हिस्सा बनने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने चाहिए।
विशाखापत्तनम को वैश्विक तकनीकी केंद्र बनाने की योजना
अपने संबोधन में नारा लोकेश ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य विशाखापत्तनम को भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल नवाचार का प्रमुख केंद्र बनाना है। उन्होंने कहा कि IBM FutureNow Center जैसी पहलें शहर की तकनीकी क्षमता को मजबूत करेंगी और यहां नई तकनीकों पर शोध, प्रशिक्षण और उद्योगों के साथ सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस प्रकार की परियोजनाएं राज्य को डिजिटल निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बनाने में मदद करेंगी।
युवाओं को वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर
नारा लोकेश ने कहा कि आज दुनिया की अर्थव्यवस्था तेजी से डिजिटल प्लेटफॉर्म, क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन की ओर बढ़ रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे आधुनिक तकनीकी कौशल सीखें और खुद को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करें। उनके अनुसार, सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर आंध्र प्रदेश के युवा वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
निवेश और रोजगार सृजन पर सरकार का फोकस
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ऐसा तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) विकसित करना चाहती है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित करे। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार सृजित करना, स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना और उद्योगों तथा शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करना है। इस दिशा में आईटी और डिजिटल क्षेत्र को राज्य के आर्थिक विकास का प्रमुख आधार माना जा रहा है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका
हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस दुनिया भर में उद्योगों, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, वित्त, विनिर्माण और सरकारी सेवाओं में तेजी से उपयोग की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि AI आधारित समाधान उत्पादकता बढ़ाने, निर्णय प्रक्रिया को बेहतर बनाने और नई रोजगार संभावनाएं पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। नारा लोकेश ने कहा कि विशाखापत्तनम को इस क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए सरकार निजी कंपनियों और वैश्विक तकनीकी संस्थानों के साथ साझेदारी को प्रोत्साहित कर रही है।
IBM के साथ सहयोग पर जताया भरोसा
अपने संबोधन में मंत्री ने IBM की आंध्र प्रदेश में निरंतर रुचि पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार भविष्य में भी IBM जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ मिलकर काम करने की इच्छुक है, ताकि राज्य में नवाचार, अनुसंधान और डिजिटल परिवर्तन को गति मिल सके। उनके अनुसार, ऐसी साझेदारियां राज्य के युवाओं को वैश्विक स्तर के कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।
डिजिटल सेवाओं का बढ़ता महत्व
दुनिया भर में सरकारी और निजी सेवाएं तेजी से डिजिटल माध्यमों पर स्थानांतरित हो रही हैं। ई-गवर्नेंस, क्लाउड सेवाएं, साइबर सुरक्षा, डिजिटल भुगतान और डेटा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मांग लगातार बढ़ रही है। विशाखापत्तनम में स्थापित नया केंद्र इन क्षेत्रों में नई तकनीकों के विकास, प्रशिक्षण और समाधान तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े तकनीकी केंद्रों की स्थापना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को कई स्तरों पर लाभ मिलता है। नई कंपनियों के आगमन से रोजगार बढ़ता है, स्टार्टअप इकोसिस्टम मजबूत होता है, सहायक उद्योगों का विकास होता है और शहरी बुनियादी ढांचे में भी सुधार देखने को मिलता है। विशाखापत्तनम पहले से ही एक प्रमुख बंदरगाह और औद्योगिक शहर है। अब डिजिटल और आईटी क्षेत्र में निवेश से इसकी आर्थिक पहचान और मजबूत हो सकती है।
भविष्य की तकनीक के लिए कौशल विकास जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि केवल तकनीकी निवेश पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ युवाओं को AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग और सॉफ्टवेयर विकास जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षित करना भी आवश्यक है। यदि उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थान मिलकर कौशल विकास पर काम करें, तो राज्य वैश्विक डिजिटल प्रतिभा का प्रमुख केंद्र बन सकता है।











