शिमला के आईजीएमसी और चमियाणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के 50% डॉक्टर 22 जुलाई से 5 अगस्त तक दो चरणों में ग्रीष्मकालीन अवकाश पर रहेंगे। अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रोस्टर के अनुसार सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी।
शिमला: हिमाचल प्रदेश के आईजीएमसी और चमियाणा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में डॉक्टरों के ग्रीष्मकालीन अवकाश का शेड्यूल तैयार किया गया है। 22 जुलाई से 5 अगस्त तक डॉक्टरों को दो बैच में सात-सात दिन की छुट्टी दी जाएगी। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि पहले से तैयार रोस्टर के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सुविधाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
दो चरणों में होगा डॉक्टरों का अवकाश
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, पहले बैच के डॉक्टर 22 जुलाई से 28 जुलाई तक अवकाश पर रहेंगे। इसके बाद 30 जुलाई से 5 अगस्त तक दूसरे बैच के डॉक्टर छुट्टी पर जाएंगे।
दोनों बैचों के बीच 29 जुलाई को कॉमन डे रखा गया है। इस दिन सभी डॉक्टर अस्पताल में मौजूद रहेंगे। वहीं, 6 अगस्त से सभी डॉक्टर नियमित रूप से अपनी ड्यूटी पर लौट आएंगे।
विभागों ने प्रशासन को सौंपी सूची
आईजीएमसी और चमियाणा अस्पताल के सभी विभागों ने यह तय कर अपनी सूची अस्पताल प्रशासन को भेज दी है कि किस बैच में कौन-से डॉक्टर अवकाश पर जाएंगे।
अब अंतिम रोस्टर तैयार करने और उसे लागू करने का फैसला अस्पताल प्रशासन करेगा, ताकि सभी विभागों में पर्याप्त संख्या में डॉक्टर उपलब्ध रहें।
मरीजों की सेवाएं रहेंगी सामान्य
अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अवकाश व्यवस्था पूरी तरह चरणबद्ध तरीके से लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को निर्धारित अवकाश देना है, जबकि ओपीडी, भर्ती मरीजों के इलाज और आपातकालीन सेवाओं का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा।
जरूरत के अनुसार प्रत्येक विभाग में पर्याप्त संख्या में डॉक्टरों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
हर साल लागू होती है यह व्यवस्था
हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के लिए हर वर्ष ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश की व्यवस्था लागू की जाती है।
इसके लिए पहले से रोस्टर तैयार किया जाता है और डॉक्टरों को अलग-अलग बैच में छुट्टी दी जाती है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि अवकाश के दौरान भी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं और आपातकालीन उपचार निर्बाध रूप से जारी रहें।









