श्रीलंका दौरे पर पहुंची पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम को पहले टी20 मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा। 31 जुलाई को खेले गए सीरीज के पहले मैच में श्रीलंका महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 6 विकेट से मात दी और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।
स्पोर्ट्स न्यूज़: श्रीलंका महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला की शानदार शुरुआत करते हुए पहला मुकाबला 6 विकेट से अपने नाम कर लिया। इस जीत की सबसे बड़ी नायिका युवा बल्लेबाज इमेशा दुलानी रहीं, जिन्होंने नाबाद शतकीय पारी खेलकर न केवल टीम को यादगार जीत दिलाई, बल्कि श्रीलंका महिला क्रिकेट के इतिहास में अपना नाम भी दर्ज करा लिया।
दुलानी ने 64 गेंदों में नाबाद 101 रन बनाकर टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने वाली श्रीलंका की दूसरी महिला खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। उनकी इस ऐतिहासिक पारी की बदौलत श्रीलंका ने 177 रन के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल कर लिया और तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली।
इमेशा दुलानी ने बनाया ऐतिहासिक रिकॉर्ड
महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाना हमेशा एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। श्रीलंका की ओर से इससे पहले केवल कप्तान चमारी अटापट्टू ही यह कारनामा कर पाई थीं। अटापट्टू ने वर्ष 2019 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 113 रन की शानदार पारी खेली थी और लंबे समय तक वह रिकॉर्ड अकेले उनके नाम रहा।
अब इमेशा दुलानी ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने करियर की सबसे यादगार पारी खेलते हुए इस विशिष्ट सूची में जगह बना ली है। उनकी पारी न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी, बल्कि टीम की जीत की नींव भी साबित हुई। दुलानी ने पूरे मैच के दौरान संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया। उन्होंने पारी को संभालते हुए आवश्यक समय पर बड़े शॉट लगाए और अंत तक नाबाद रहकर टीम को जीत दिलाई।
पाकिस्तान ने दिया था 177 रन का लक्ष्य
मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान महिला टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 176 रन बनाए और श्रीलंका के सामने 177 रन का लक्ष्य रखा. पाकिस्तानी बल्लेबाजों ने शुरुआत से सकारात्मक क्रिकेट खेलते हुए प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। हालांकि, श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने लक्ष्य का पीछा करते समय दबाव को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया और नियमित अंतराल पर रन बनाते रहे। 177 रन का लक्ष्य महिला टी20 क्रिकेट में आसान नहीं माना जाता, लेकिन श्रीलंका की बल्लेबाजी इकाई ने इसे चुनौती की बजाय अवसर के रूप में लिया।

अटापट्टू और दुलानी ने दिलाई मजबूत शुरुआत
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम को कप्तान चमारी अटापट्टू और इमेशा दुलानी की सलामी जोड़ी ने शानदार शुरुआत दी। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 78 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कप्तान अटापट्टू ने तेज गति से रन बनाते हुए 22 गेंदों में 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने पाकिस्तान के गेंदबाजों पर शुरुआती दबाव बनाया और रन गति को लगातार बनाए रखा। हालांकि, अटापट्टू के आउट होने के बाद श्रीलंका को कुछ झटके लगे और टीम ने जल्दी-जल्दी कुछ विकेट गंवा दिए।
बीच के ओवरों में दबाव, लेकिन दुलानी डटी रहीं
अटापट्टू के आउट होने के बाद विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी बड़ी पारी नहीं खेल सकीं। लगातार विकेट गिरने से पाकिस्तान ने मैच में वापसी की कोशिश की, लेकिन दूसरी ओर इमेशा दुलानी मजबूती से क्रीज पर टिकी रहीं। उन्होंने परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करते हुए स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजा।
उनकी परिपक्व बल्लेबाजी ने दिखाया कि वह दबाव में भी अपनी टीम को संभालने की क्षमता रखती हैं। जैसे-जैसे मैच अंतिम ओवरों की ओर बढ़ा, दुलानी ने अपनी बल्लेबाजी की रफ्तार बढ़ाई और पाकिस्तान की जीत की उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया।
17 चौकों और एक छक्के से सजा शतक
इमेशा दुलानी की पारी तकनीक और आक्रामकता का शानदार मिश्रण थी। उन्होंने 64 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 101 रन बनाए। अपनी इस यादगार पारी में उन्होंने 17 चौके और एक छक्का लगाया। उनकी बल्लेबाजी में टाइमिंग, शॉट चयन और आत्मविश्वास साफ दिखाई दिया। 19वें ओवर की अंतिम गेंद पर एक रन लेकर उन्होंने अपना शतक पूरा करने के साथ-साथ टीम को जीत भी दिला दी। यह क्षण श्रीलंका महिला क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक बन गया। इस जीत के साथ श्रीलंका ने टी20 श्रृंखला में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त हासिल कर ली है।










