इंदौर में गिरफ्तार तीन आरोपियों का हाथ-पैर पर पट्टियां बांधकर जुलूस निकालने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। जेल के बाहर वायरल वीडियो में आरोपियों की पट्टियां खुली दिखाई देने पर पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है।
इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में पुलिस द्वारा तीन आरोपियों का हाथ-पैर पर पट्टियां बांधकर जुलूस निकालने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। देर रात सामने आए एक वीडियो में जेल के बाहर आरोपी बिना पट्टियों के नजर आए, जबकि पट्टियां पास में रखी दिखाई दीं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। मामले में अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए हैं।
जुलूस के बाद वायरल हुआ वीडियो
मामला इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र का है, जहां 23 जुलाई को कार और बाइक की टक्कर के बाद दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। इस मामले में पुलिस ने शोभित साक्यवार, निक्की अहिरवार, ओम उर्फ देवाय समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
रविवार को पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर सार्वजनिक रूप से उनका जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपियों के हाथ और पैरों पर पट्टियां बंधी हुई दिखाई दीं। बाद में उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश दिए गए।
जेल के बाहर बिना पट्टियों के दिखे आरोपी
देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें जेल के बाहर आरोपी बिना पट्टियों के दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में आरोपियों के हाथ-पैर पर बंधी पट्टियां पास की दीवार के किनारे रखी हुई नजर आती हैं।
इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। सोशल मीडिया पर लोग यह जानने की मांग कर रहे हैं कि यदि आरोपियों को चोट लगी थी, तो पट्टियां अचानक कैसे हट गईं।
रिश्वत लेकर दिखावा करने के आरोप
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह दावा भी किया गया कि पुलिस ने केवल जुलूस के दौरान दिखावे के लिए आरोपियों के हाथ-पैर में पट्टियां बांधी थीं और बाद में उन्हें हटा दिया गया। कुछ लोगों ने रिश्वत लेने जैसे आरोप भी लगाए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल इन्हें केवल सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे दावों के रूप में देखा जा रहा है।
पुलिस ने जांच के दिए निर्देश
मामले पर एसीपी रूबीना मिजवानी ने कहा है कि वायरल वीडियो की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो में दिखाई गई परिस्थितियां क्या थीं और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर ही आगे का निर्णय लिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी घटना
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। कई यूजर्स पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ लोगों ने जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है।
फिलहाल पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच जारी है और वायरल वीडियो की सत्यता तथा उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।











