E20 Janata Party Campaign: सोशल मीडिया पर तेज हुआ अभियान, नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग

E20 विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर अभियान तेज हो गया है। E20 Janata Party Campaign के तहत केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग उठाई जा रही है। जानिए

नीट परीक्षा पेपर लीक और सीजेआई सूर्यकांत के बयान के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के गठन की बात सामने आई। इसके बाद जंतर-मंतर पर सीजेपी समर्थकों ने प्रदर्शन शुरू किया, जो एक महीने से अधिक समय तक चला।

E20 Janata Party Campaign: भारत में पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण और E20 ईंधन नीति को लेकर सोशल मीडिया पर एक नया अभियान चर्चा में है। 'E20 जनता पार्टी' नाम से चल रहे इस डिजिटल कैंपेन ने सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग नीति पर सवाल उठाते हुए लोगों से जागरूकता फैलाने और नीति से जुड़े तथ्यों की जानकारी मांगने की अपील की है। अभियान से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हजारों लोग जुड़ चुके हैं।

इस कैंपेन की ओर से पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण से जुड़े संभावित प्रभावों और सरकार की नीति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। साथ ही, कुछ पोस्ट में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी की गई है। अभियान से जुड़े लोगों ने 4 अगस्त को संसद मार्च का आह्वान करने का भी दावा किया है।

हालांकि, इन मांगों और प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर सरकार या संबंधित मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट के संदर्भ में सामने नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ा अभियान

'E20 जनता पार्टी' के नाम से चल रहे अभियान की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स होने का दावा किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अकाउंट से जुड़े फॉलोअर्स की संख्या 30 हजार से अधिक बताई जा रही है, जबकि इंस्टाग्राम पर भी इसके करीब एक हजार फॉलोअर्स हैं।

अभियान की ओर से साझा की गई पोस्ट में लोगों से सवाल किया गया है कि क्या नागरिक केवल ईंधन का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता हैं या उन्हें सरकार की नीतियों पर सवाल पूछने का भी अधिकार है। पोस्ट में कहा गया है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर देशभर में अलग-अलग दावे और विचार सामने आ रहे हैं, इसलिए जनता को इस नीति के बारे में पारदर्शी और प्रमाण आधारित जानकारी मिलनी चाहिए।

कैंपेन के मुताबिक, किसी सरकारी नीति पर सवाल उठाना उसका विरोध करना नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को नीतियों पर सवाल करने और सरकार से जवाब मांगने का अधिकार है। अभियान ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी नीति को लेकर अपनी राय तथ्यों, वैज्ञानिक प्रमाणों और विश्वसनीय जानकारी के आधार पर बनाएं।

नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग

'E20 जनता पार्टी' से जुड़े कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के इस्तीफे की मांग भी की गई है। इन पोस्ट में लोगों से इस अभियान को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने की अपील की गई है। एक पोस्ट में इसे किसी राजनीतिक दल का अभियान नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ा मुद्दा बताया गया है। इसमें लोगों से इथेनॉल नीति को लेकर सरकार से सवाल पूछने और इस विषय पर सार्वजनिक चर्चा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया गया है।

अभियान की ओर से 4 अगस्त को संसद मार्च का भी ऐलान किया गया है। सोशल मीडिया पोस्ट में टैक्सी यूनियनों की संभावित भागीदारी और संसद के आसपास प्रदर्शन की बात कही गई है। हालांकि, इस प्रस्तावित मार्च में कितने लोग शामिल होंगे और कार्यक्रम की अनुमति से जुड़ी स्थिति क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

E20 नीति को लेकर क्यों हो रही है चर्चा?

E20 का मतलब पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक इथेनॉल का मिश्रण है। भारत सरकार लंबे समय से इथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है। इसका प्रमुख उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करना, ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना और घरेलू स्तर पर जैव ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है। नीति के समर्थकों का कहना है कि इथेनॉल मिश्रण से पेट्रोलियम आयात में कमी लाने और किसानों के लिए इथेनॉल उत्पादन से जुड़े अवसर बढ़ाने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, कुछ वाहन मालिक और विशेषज्ञ पुराने वाहनों की ईंधन दक्षता, इंजन के प्रदर्शन और संभावित रखरखाव लागत को लेकर सवाल उठाते रहे हैं।

इन चिंताओं का प्रभाव वाहन के मॉडल, इंजन की तकनीक और निर्माता की सिफारिशों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसी वजह से E20 को लेकर सार्वजनिक बहस लगातार जारी है।

अकाउंट कब बनाया गया था?

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उपलब्ध प्रोफाइल संबंधी जानकारी के अनुसार, 'E20 जनता पार्टी' से जुड़े अकाउंट की शुरुआत दिसंबर 2021 में हुई थी और इसे भारत से संचालित बताया गया है। अकाउंट को जुलाई में वेरिफिकेशन मिलने की जानकारी भी प्रोफाइल पर दिखाई देती है। प्रोफाइल संबंधी सार्वजनिक जानकारी के मुताबिक, इस अकाउंट का यूजरनेम अब तक कई बार बदला गया है।

 हालांकि, अकाउंट के नाम और गतिविधियों में समय के साथ हुए बदलावों को देखते हुए इसके मौजूदा अभियान और पुराने सोशल मीडिया इतिहास के बीच संबंध को लेकर स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।

Leave a comment