कर्नाटक के मंगलुरु में ₹5 करोड़ की MDMA बरामदगी मामले में एक एंबुलेंस चालक फरार हो गया है। पुलिस का आरोप है कि वह एंबुलेंस के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी करता था। मामले में अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क की जांच जारी है।
मंगलुरु: कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले से सामने आए एक बड़े मादक पदार्थ तस्करी मामले ने कानून-व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं के दुरुपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस का आरोप है कि एक एंबुलेंस चालक ने सामाजिक सेवा के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहन का उपयोग कथित तौर पर अंतरराज्यीय स्तर पर MDMA जैसे प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग की ढुलाई और वितरण के लिए किया। मामले में करीब ₹5 करोड़ मूल्य की MDMA जब्त होने के बाद आरोपी चालक फरार हो गया है और पुलिस उसकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
आठ दिन से लापता है मुख्य आरोपी
मंगलुरु सिटी क्राइम ब्रांच (CCB) के अनुसार, मुख्य आरोपी की पहचान दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्थंगडी निवासी जलील बाबा के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी पिछले आठ दिनों से लापता है और उसका मोबाइल फोन भी बंद है। जांच एजेंसी ने आरोपी के फरार होने की जानकारी स्थानीय अदालत को भी दे दी है। अधिकारियों के मुताबिक आरोपी की तलाश के लिए विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का मानना है कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है।
एक गिरफ्तारी से खुला पूरा नेटवर्क
इस पूरे मामले की शुरुआत 25 जून को हुई, जब मंगलुरु में पुलिस ने अन्नप्पा स्वामी उर्फ मनु नामक व्यक्ति को MDMA के साथ गिरफ्तार किया। शुरुआती पूछताछ में मिले सुरागों ने जांच को एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क तक पहुंचा दिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि इस गिरोह के तार कर्नाटक के बागलकोट जिले से जुड़े हुए हैं। इसके बाद 15 जुलाई को क्राइम ब्रांच की टीम ने बागलकोट के एक लॉज पर छापा मारा, जहां से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया।
₹5 करोड़ की MDMA बरामद
बागलकोट में की गई कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग पांच किलोग्राम MDMA बरामद की। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी अनुमानित कीमत करीब ₹5 करोड़ बताई गई है। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह बरामदगी हाल के समय में क्षेत्र में हुई बड़ी ड्रग जब्तियों में से एक है। पुलिस का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की ओर संकेत करती है, जो कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है।
पूछताछ में सामने आया एंबुलेंस चालक का नाम
गिरफ्तार किए गए तीन आरोपियों में शामिल मोहम्मद अल्फाज और मोहम्मद मुस्तफा भी बेल्थंगडी के निवासी हैं। पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर जलील बाबा का नाम लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे नियमित रूप से MDMA की आपूर्ति जलील बाबा को करते थे। जांचकर्ताओं का दावा है कि जलील बाबा स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों के वितरण से जुड़ा हुआ था और उसी के माध्यम से ड्रग्स आगे सप्लाई की जाती थी। हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और आगे की जांच के आधार पर ही होगी।
एंबुलेंस के कथित इस्तेमाल से बढ़ी चिंता
पुलिस का सबसे गंभीर आरोप यह है कि जलील बाबा सामाजिक सेवा के लिए संचालित अपनी एंबुलेंस का इस्तेमाल कथित तौर पर मादक पदार्थों की ढुलाई के लिए करता था। जांच एजेंसियों का मानना है कि एंबुलेंस जैसे आपातकालीन वाहन पर सामान्य परिस्थितियों में कम संदेह किया जाता है। इसी वजह से आरोपी ने कथित तौर पर इस वाहन का उपयोग जांच से बचने और विभिन्न स्थानों तक नशीले पदार्थ पहुंचाने के लिए किया। यदि जांच में यह आरोप सही साबित होता है, तो यह आपातकालीन सेवाओं के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना जाएगा।
अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है। जांच अब उस पूरे नेटवर्क पर केंद्रित है, जो विभिन्न जिलों और संभवतः कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि MDMA की आपूर्ति कहां से हो रही थी, किन माध्यमों से इसकी तस्करी की जाती थी और किन-किन लोगों तक यह नेटवर्क पहुंचा हुआ था। साथ ही वित्तीय लेन-देन, मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारियों की भी जांच की जा रही है।
अदालत को दी गई जानकारी
मंगलुरु सिटी क्राइम ब्रांच ने आरोपी के फरार होने की जानकारी स्थानीय अदालत को सौंप दी है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सभी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं और आवश्यकता पड़ने पर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई भी की जाएगी।
मादक पदार्थों की तस्करी पर बढ़ी सख्ती
हाल के वर्षों में भारत के कई राज्यों में सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। ऐसे मामलों में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से कार्रवाई कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संगठित गिरोह अक्सर नए तरीकों का इस्तेमाल कर सुरक्षा एजेंसियों से बचने की कोशिश करते हैं। इस मामले में भी जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या एंबुलेंस के अलावा अन्य वाहनों या माध्यमों का भी उपयोग किया गया था।
जांच के नतीजों पर टिकी आगे की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस का पूरा ध्यान फरार आरोपी जलील बाबा को गिरफ्तार करने और पूरे ड्रग नेटवर्क का खुलासा करने पर है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए राज्यों के बीच समन्वय, तकनीकी जांच और खुफिया सूचनाओं का मजबूत नेटवर्क कितना आवश्यक है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश और ड्रग सिंडिकेट की जड़ों तक पहुंचने के लिए सभी पहलुओं की जांच कर रही है।











