ISRO का नया प्रमुख घोषित, डॉ. वी. नारायणन 14 जनवरी को करेंगे पदभार ग्रहण

ਡਾ. ਵੀ. ਨਾਰਾਇਣਨ 14 ਜਨਵਰੀ ਨੂੰ ਭਾਰਤੀ ਪੁਲਾੜ ਖੋਜ ਸੰਗਠਨ (ISRO) ਦੇ ਨਵੇਂ ਮੁਖੀ ਵਜੋਂ ਸੇਵਾ ਸੰਭਾਲਣਗੇ। ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ 40 ਸਾਲਾ ਕਰੀਅਰ ਅਤੇ ISRO ਦੇ ਮਹੱਤਵਪੂਰਨ ਯੋਗਦਾਨ ਬਾਰੇ ਜਾਣੋ।

ISRO के नए प्रमुख के रूप में डॉ. वी. नारायणन का चयन हो गया है। 14 जनवरी को वह एस. सोमनाथ की जगह ISRO चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। अपने 4 दशकों के करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

ISRO New Chief: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के नए प्रमुख के नाम का ऐलान कर दिया गया है। ISRO के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ. वी. नारायणन को 14 जनवरी से ISRO चीफ का पद सौंपा जाएगा। वह वर्तमान ISRO प्रमुख एस. सोमनाथ की जगह लेंगे। यह जानकारी मंगलवार, 7 जनवरी को जारी अधिसूचना में दी गई है।

डॉ. वी. नारायणन का करियर 

ISRO का नया प्रमुख घोषित, डॉ. वी. नारायणन 14 जनवरी को करेंगे पदभार ग्रहण

डॉ. वी. नारायणन फिलहाल ISRO के लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम्स सेंटर (LPSC) के डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनके पास 40 वर्षों का लंबा करियर है और इस दौरान उन्होंने ISRO में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उनकी विशेषता रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट प्रोपल्शन के क्षेत्र में है।

GSLV Mk III और अन्य मिशनों में महत्वपूर्ण योगदान

डॉ. नारायणन ने GSLV Mk III व्हीकल के C25 क्रायोजेनिक प्रोजेक्ट में प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में काम किया। उनके नेतृत्व में इस टीम ने GSLV Mk III के C25 स्टेज को सफलतापूर्वक विकसित किया। इसके अलावा, उन्होंने ISRO के विभिन्न मिशनों के लिए 183 लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम और कंट्रोल पावर प्लांट भी डिलीवर किए। उन्होंने PSLV के दूसरे और चौथे चरण के निर्माण में अहम भूमिका निभाई और आदित्य स्पेसक्राफ्ट, चंद्रयान-2, चंद्रयान-3 और GSLV Mk-III के लिए प्रोपल्शन सिस्टम में भी योगदान दिया।

डॉ. नारायणन को मिले कई सम्मान

ISRO का नया प्रमुख घोषित, डॉ. वी. नारायणन 14 जनवरी को करेंगे पदभार ग्रहण

अपने शानदार योगदान के लिए डॉ. वी. नारायणन को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इनमें IIT खड़गपुर से रजत पदक, एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया से स्वर्ण पदक और एनडीआरएफ से राष्ट्रीय डिजाइन पुरस्कार शामिल हैं।

एस. सोमनाथ का कार्यकाल समाप्त

स. सोमनाथ ने जनवरी 2022 में ISRO प्रमुख का पद संभाला था और उनका कार्यकाल इस महीने समाप्त होने वाला है। सोमनाथ के नेतृत्व में ISRO ने कई ऐतिहासिक मिशनों को पूरा किया। वह विक्रम साराभाई स्पेस सेंटर (VSSC) के निदेशक और ISRO के प्रमुख वैज्ञानिक भी रह चुके हैं।

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