जयपुर में मुहर्रम के ताजिया जुलूस को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। शहर में 3000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी होगी। कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और भारी वाहनों की एंट्री पर रोक लागू रहेगी।
जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में मुहर्रम के अवसर पर निकलने वाले ताजिया जुलूसों को लेकर प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की तैयारियां की हैं। शहर में हजारों श्रद्धालुओं और लोगों की मौजूदगी को देखते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन ने करीब 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ-साथ ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी निगरानी और विशेष सुरक्षा टीमों को सक्रिय किया है, ताकि पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था केवल जुलूस के मार्ग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरे शहर के संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जाएगी। इसके अलावा यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए कई प्रमुख मार्गों पर अस्थायी प्रतिबंध और डायवर्जन भी लागू किए गए हैं।
परकोटा क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध
मुहर्रम के जुलूस के दौरान जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख प्रवेश मार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी जाएगी।
प्रशासन के अनुसार संजय सर्किल, अजमेरी गेट, न्यू गेट, सांगानेरी गेट, घाट गेट, गलता गेट और रामगढ़ मोड़ से परकोटे के भीतर सभी प्रकार के वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आवश्यकता के अनुसार अन्य मार्गों से आने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों की ओर मोड़ा जाएगा।
यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले ट्रैफिक व्यवस्था की जानकारी लें और जहां संभव हो, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
भारी वाहनों की शहर में एंट्री पर अस्थायी रोक
मुहर्रम के अवसर पर शहर में भीड़ और ट्रैफिक दबाव को नियंत्रित रखने के लिए भारी मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।
वीकेआई रोड नंबर-14, कालवाड़ पुलिया, सिरसी पुलिया, 200 फीट अजमेर रोड, न्यू सांगानेर मोड़, गोपालपुरा मोड़, ट्रांसपोर्ट नगर चौराहा, धोबीघाट, रामगढ़ मोड़, गलता गेट चौराहा और आमेर तिराहे सहित कई प्रमुख प्रवेश बिंदुओं से भारी वाहनों को शहर में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह व्यवस्था जुलूस समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी।
इन प्रमुख बाजारों में पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित
भीड़ को नियंत्रित रखने और आपातकालीन सेवाओं की आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कई प्रमुख बाजारों और सड़कों पर पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
इनमें चौड़ा रास्ता, बड़ी चौपड़, बापू बाजार, जौहरी बाजार, हवामहल बाजार, सुभाष चौक, माउंट रोड, रामगंज बाजार, घाट गेट बाजार, चार दरवाजा, चांदपोल बाजार, छोटी चौपड़, त्रिपोलिया बाजार, गणगौरी बाजार, गोपीनाथ मार्ग, इंदिरा बाजार, किशनपोल बाजार, खजाने वालों का रास्ता, एमआई रोड और एमडी रोड शामिल हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इन क्षेत्रों में निजी वाहन लेकर न जाएं और सार्वजनिक परिवहन या वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें।
कर्बला तक निकलेगा पारंपरिक ताजिया जुलूस
मुहर्रम के अवसर पर शहर के विभिन्न इलाकों से ताजिए दोपहर बाद बड़ी चौपड़ पहुंचेंगे। इसके बाद पारंपरिक जुलूस हवामहल बाजार, चांदी की टकसाल, सुभाष चौक, जोरावर सिंह गेट और रामगढ़ मोड़ से होते हुए कर्बला तक जाएगा।
जुलूस के दौरान दोपहर से लेकर देर रात तक कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहेगा। प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे जुलूस के समय अनावश्यक यात्रा से बचें और पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करें।
करीब 250 से 300 ताजिए होंगे शामिल
प्रशासन के अनुसार जयपुर के विभिन्न मोहल्लों से लगभग 250 से 300 छोटे और बड़े ताजिए इस वर्ष के जुलूस में शामिल होंगे। पारंपरिक रूप से 'कत्ल की रात' पर ताजियों को बाहर लाया जाता है और यौमे-ए-आशुरा के दिन जुलूस के साथ कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया जाता है।
मुहर्रम इस्लाम के इतिहास की एक महत्वपूर्ण स्मृति है, जिसमें हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की करबला में दी गई शहादत को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है। इसी अवसर पर ताजिया जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग भाग लेते हैं।
3 हजार पुलिसकर्मी, ड्रोन और सीसीटीवी से रहेगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए जयपुर पुलिस ने बहुस्तरीय निगरानी प्रणाली लागू की है। पूरे शहर में लगभग 3,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर सादा वर्दी में इंटेलिजेंस कर्मियों को भी लगाया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (ERT) को तैयार रखा गया है।
शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से पूरे आयोजन की लगातार निगरानी की जाएगी। अभय कमांड सेंटर से भी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
केवल लाइसेंसधारी ताजियों को ही जुलूस की अनुमति
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल लाइसेंस प्राप्त ताजियों को ही जुलूस में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। इस संबंध में शांति समिति और सीएलजी सदस्यों के साथ बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जुलूस मार्ग पर बिजली, पेयजल, चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो।
सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी कड़ी नजर
प्रशासन ने लोगों से सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की अपील की है। पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी करेगी और किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रामक जानकारी या सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले संदेशों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा है कि कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने का प्रयास करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
17 ताजियों के लाइसेंस किए गए रद्द
सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से इस वर्ष 17 ताजियों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह फैसला सुरक्षा मानकों और आवश्यक नियमों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है ताकि जुलूस के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
प्रशासन की आमजन से अपील
जयपुर पुलिस और जिला प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि वे जारी ट्रैफिक डायवर्जन का पालन करें, प्रतिबंधित मार्गों पर वाहन लेकर न जाएं और पुलिसकर्मियों के निर्देशों का सम्मान करें।
प्रशासन का कहना है कि इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य धार्मिक आयोजन को सुरक्षित, व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना है। अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने, सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की भी अपील की है।
मुहर्रम के अवसर पर लागू की गई यह व्यापक सुरक्षा और यातायात व्यवस्था राजधानी जयपुर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुचारु यातायात और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है, ताकि धार्मिक परंपराओं का निर्वहन शांतिपूर्ण वातावरण में हो सके।










