भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे Vaibhav Sooryavanshi के सामने इतिहास रचने का सुनहरा मौका है। आयरलैंड के खिलाफ शुरू हो रही दो मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में यदि उन्हें अंतिम एकादश में जगह मिलती है, तो वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे। इसके साथ ही वह महान बल्लेबाज Sachin Tendulkar का 36 साल पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ देंगे।
15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को हाल ही में आयरलैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उन्हें पहले टी20 मुकाबले में डेब्यू का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। यदि ऐसा होता है तो वह 16 वर्ष 205 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण करने वाले सचिन तेंदुलकर से भी कम उम्र में भारत के लिए खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन जाएंगे।
बिहार से आने वाले वैभव ने पिछले कुछ महीनों में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। आईपीएल 2026 में उन्होंने रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके बाद इंडिया-ए के लिए भी उन्होंने विस्फोटक पारियां खेलीं। हाल ही में श्रीलंका में खेले गए मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों पर 94 रन बनाए, जबकि लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाने का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया। यही प्रदर्शन उन्हें सीधे भारतीय टीम तक ले आया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक वैभव को भारतीय टीम की 3 नंबर जर्सी पहनने की संभावना है। हालांकि अंतिम जर्सी नंबर और प्लेइंग इलेवन का फैसला मैच से पहले टीम प्रबंधन करेगा।
भारत और आयरलैंड के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज 26 और 28 जून को खेली जाएगी। टीम की कमान Shreyas Iyer के हाथों में है। क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू कैप मिलती है और क्या वह अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय मैच में इतिहास रचने में सफल होते हैं।
यदि वैभव मैदान पर उतरते हैं तो यह केवल उनके करियर का नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के इतिहास का भी एक महत्वपूर्ण क्षण होगा। इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने का मौका मिलना उनकी प्रतिभा और हालिया प्रदर्शन का प्रमाण माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव के पास लंबे समय तक भारतीय टीम का अहम हिस्सा बनने की क्षमता है। अब सभी की निगाहें भारत-आयरलैंड पहले टी20 मुकाबले की प्लेइंग इलेवन पर टिकी हैं, जहां यह युवा बल्लेबाज इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा सकता है।








